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Exclusive Settebello Indian Crew Member aditya sharma Last Message : दहाड़ पड़ा...


तेहरान: ईरान पर अटैक करने के चक्कर में अमेरिका बेकाबू हो चुका है. हाल ही में अमेरिकी नेवी ने ओमान कोस्ट के पास एक कार्गो शिप MT Settebello पर अटैक किया था, जिसमें भारतीय क्रू मौजूद था. इस अटैक में 3 भारतीयों की मौत हो गई है. जिसके बाद भारत सरकार ने अमेरिका को हड़काया है. इसी अटैक में भारतीय क्रू मेंबर आदित्य शर्मा की भी जान गई है, जिनके पिता ने जहाज के मालिकों और सुरक्षा व्यवस्था पर बेहद तीखे और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने बताया कि अटैक से पहले सोमवार की रात आया आदित्य का आखिरी मैसेज आया, पिता ने इस मैसेज को भी पढ़कर सुनाया.

अमेरिकी हमले में बेटा खोने वाले पिता ने पूछा सवाल

राजेश शर्मा ने रुंधे गले से बताया कि उनका बेटा आदित्य पिछले साल नवंबर के महीने से इस कार्गो शिप पर तैनात था. शुरुआत में सब कुछ बिल्कुल ठीक चल रहा था. जहाज के रूट सुरक्षित थे और वो चीन, सिंगापुर और श्रीलंका जैसे देशों के शांत समुद्री रास्तों पर काम कर रहा था. परिवार भी निश्चिंत था कि बेटा सुरक्षित है और अपनी ड्यूटी कर रहा है लेकिन, कहानी में ट्विस्ट तब आया जब जहाज को अचानक ओमान भेजा गया.

पिता के मुताबिक, ओमान पहुंचने के बाद बिना किसी ठोस वजह या सुरक्षा गारंटी के, जहाज को अचानक ईरान के उस रूट पर बढ़ने के आदेश दे दिए गए, जहां पहले से ही युद्ध जैसे हालात बने हुए थे और चारों तरफ से घेराबंदी थी. राजेश शर्मा का सवाल है कि जब वो इलाका एक नो-गो जोन था, तो जहाज के ऑपरेटरों ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे की?

MT Settebello का कैप्टन बन गया था बेटा

पिता ने बताया कि रविवार को आदित्य ने घर पर फोन भी किया था. उस आखिरी फोन कॉल में उसकी आवाज में थोड़ी घबराहट थी. उसने अपने पिता को बताया था कि उनके जहाज के बिल्कुल पास मौजूद एक दूसरे शिप पर भयानक हमला हुआ है. हालांकि, राहत की बात ये थी कि उस जहाज पर मौजूद भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया था.

आदित्य ने कहा था कि ‘पापा, पास वाले जहाज पर हमला हुआ है, डर का माहौल है लेकिन भारतीय सुरक्षित निकाल लिए गए हैं’. इस खबर को सुनने के बाद से ही भारत में बैठे आदित्य के पूरे परिवार की सांसें अटक गई थीं. उनकी चिंता इतनी बढ़ गई थी कि वे हर पल टीवी पर नजरें गड़ाए बैठे थे और भगवान से बेटे की सलामती की दुआएं मांग रहे थे.

कैप्टन बेटे का आखिरी मैसेज

सोमवार की रात को आदित्य का एक आखिरी टेक्स्ट मैसेज आया. उसने बताया था कि जहाज पर एक नए कैप्टन ने कार्यभार संभाल लिया है और अब वो आगे के सफर के लिए तैयार हैं. परिवार को क्या पता था कि नए कैप्टन के आते ही ये सफर आदित्य का आखिरी सफर बन जाएगा.

इस मैसेज के कुछ ही समय बाद, इंटरनेशनल वॉटर में MT Settebello पर एक जोरदार मिसाइल आकर गिरी. धमाका इतना जबरदस्त था कि जहाज का एक हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया और इसी हमले में भारत के इस होनहार लाल, आदित्य शर्मा की जान चली गई. पिता राजेश शर्मा ने बेहद भावुक होकर सवाल उठाया, ‘जब क्षेत्र में लगातार खतरा मंडरा रहा था, रोज हमलों की चेतावनी आ रही थी, तो जहाज को आगे बढ़ाने का आत्मघाती फैसला आखिर क्यों और किसके इशारे पर लिया गया’?

अमेरिकी सेना ने बिना वॉर्निंग किया अटैक

इस पूरे मामले में एक बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय मोड़ तब आ गया जब MT Settebello के प्रबंधक, IOS Marine-F.Z.E ने एक आधिकारिक बयान जारी किया. कंपनी ने इस हमले के लिए किसी आतंकी संगठन को नहीं, बल्कि सीधे तौर पर अमेरिकी नौसेना को जिम्मेदार ठहराया है!

कंपनी ने साफ-साफ कहा है कि इस हमले में तीन बेगुनाह नाविकों की जान गई है और इसके लिए अमेरिकी सेना सीधे तौर पर जवाबदेह है. प्रबंधक ने अमेरिकी पक्ष के उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि जहाज को चेतावनी दी गई थी लेकिन उसने निर्देशों की अनदेखी की. कंपनी का कहना है कि हमले से पहले जहाज के साथ किसी भी तरह का रेडियो संपर्क या चेतावनी स्थापित नहीं की गई थी और अगर अमेरिका के पास इसका कोई सबूत है, तो वह उसे पूरी दुनिया के सामने सार्वजनिक करे.

न ईरान से वास्ता न उसके तेल से!

जहाज के प्रबंधकों ने इस बात को पूरी तरह साफ किया है कि MT Settebello का ईरान या ईरान के तेल व्यापार से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था. ये अंतरराष्ट्रीय वॉटर्स में पूरी तरह से कानूनी और व्यावसायिक गतिविधि में लगा एक आम नागरिक व्यापारिक जहाज था.

बयान के मुताबिक, जहाज पिछले लगभग 10 दिनों से समुद्र में एक ही जगह पर शांति से खड़ा था और उसकी तरफ से कोई भी ऐसी आक्रामक या संदेहास्पद गतिविधि नहीं की जा रही थी जिससे अमेरिकी नौसेना को कोई खतरा महसूस हो. प्रबंधकों ने अब इस पूरे नरसंहार की एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है ताकि मृतकों के परिवारों को न्याय मिल सके.



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