होमताजा खबरदेश जिसका डर था, वो होता दिख रहा; थलापति विजय पड़े लाचार, मंडरा रहा यह बड़ा खतरा Last Updated:May 09, 2026, 14:00 IST Thalapathy Vijay News: तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा ने सबको परेशान कर दिया है. थलापति विजय की तो मुश्किल ही कम नहीं हो रही है. तीन बार वह राज्यपाल से मिल चुके हैं, मगर अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है. कारण कि टीवीके के पास बहुमत नहीं है. टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी पर बहुमत से दूर है.अब तमिलनाडु में गठबंधन जोड़तोड़ और हॉर्स ट्रेडिंग आरोपों के बीच राष्ट्रपति शासन आशंका बढ़ी तमिलनाडु सरकार गठन पर फंसा पेंच, राष्ट्रपति शासन की अटकलें तेज (फाइल फोटो) Tamil Nadu Government Formation News: तमिलनाडु में जिसका डर है, वही होता दिख रहा है. तमिलनाडु चुनाव में रिजल्ट त्रिशंकु रहा. किसी को बहुमत नहीं मिला. न तो डीएमके-एआईडीएमके और न ही टीवीके. हालांकि, थलापति विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, मगर बहुमत से दूर रह गई. ऐसे में तमिलनाडु में सरकार गठन का पेच फंस गया है. यह पेच भी ऐसा है, जो सुलझता दिख नहीं रहा है. आलम यह है कि थलापति विजय लाचार दिख रहे हैं. महज एक-दो विधायकों की कमी से वह सरकार नहीं बना पा रहे हैं. राज्यपाल साफ कर चुके हैं कि जब तक बहुमत का नंबर नहीं होगा, तब तक सरकार गठन का न्योता नहीं मिलेगा. ऐसे में तमिलनाडु में संवैधानिक खतरा मंडरा रहा है. दरअसल, तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सियासी घमासान अब और गहरा गया है. राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि सरकार गठन को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है. आरोप-प्रत्यारोप, विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त, फर्जी समर्थन पत्र और ‘लापता’ विधायकों के दावों ने राज्य की राजनीति को बेहद पेचीदा बना दिया है. सबके मन में राष्ट्रपति शासन वाला डर सता रहा है. थलापति विजय तो बड़ी जीत के बाद भी सरकार बनाने को तरस रहे हैं. मंडरा रहा बड़ा संवैधानिक खतराबहरहाल, तमिलनाडु की मौजूदा सरकार का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि अगली सरकार कौन बनाएगा. सरकार की तस्वीर अगर 48 घंटे में साफ नहीं होती है तो तमिलनाडु की तकदीर में कुछ और हो सकता है. जी हां, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने साफ कर दिया है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 118 विधायकों का समर्थन साबित किए बिना किसी भी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया जाएगा. किसके पास कितनी सीटें23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह अभी भी पीछे है. वहीं, डीएमके गठबंधन को 73 सीटें मिलीं, जबकि एआईएडीएमके गठबंधन ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की. बहुमत जुटाने के लिए टीवीके ने कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), सीपीआई और सीपीआई (एम) से बातचीत शुरू की. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया. तमिलनाडु सरकार गठन पर फंसा पेंच, राष्ट्रपति शासन की अटकलें तेज कौन-कौन कर रहा समर्थनबाद में सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी बिना शर्त बाहरी समर्थन देने का ऐलान किया, जिससे संख्या बढ़कर 117 हो गई. लेकिन मामला यहां भी उलझ गया. थलापति विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ सकती है. ऐसे में प्रभावी संख्या फिर कम हो सकती है और टीवीके बहुमत से पीछे रह सकती है. वीसीके के समर्थन की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, लेकिन अंतिम आंकड़ों को लेकर अब भी संशय बना हुआ है. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें किसके पास कितनी सीटें23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह अभी भी पीछे है. वहीं, डीएमके गठबंधन को 73 सीटें मिलीं, जबकि एआईएडीएमके गठबंधन ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की. बहुमत जुटाने के लिए टीवीके ने कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), सीपीआई और सीपीआई (एम) से बातचीत शुरू की. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया. तमिलनाडु सरकार गठन पर फंसा पेंच, राष्ट्रपति शासन की अटकलें तेज कौन-कौन कर रहा समर्थनबाद में सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी बिना शर्त बाहरी समर्थन देने का ऐलान किया, जिससे संख्या बढ़कर 117 हो गई. लेकिन मामला यहां भी उलझ गया. थलापति विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ सकती है. ऐसे में प्रभावी संख्या फिर कम हो सकती है और टीवीके बहुमत से पीछे रह सकती है. वीसीके के समर्थन की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, लेकिन अंतिम आंकड़ों को लेकर अब भी संशय बना हुआ है. आधी रात को संकट और गहरायाशुक्रवार देर रात यह राजनीतिक संकट और गहरा गया, जब एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन अचानक राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने टीवीके नेताओं पर बड़े स्तर पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया. विवाद एएमएमके-समर्थित विधायक एस. कामराज को लेकर खड़ा हुआ, जिन्हें कथित तौर पर टीवीके समर्थक बताया गया था. तमिलनाडु का घमासान पुलिस तकदिनाकरन ने आरोप लगाया कि राज्यपाल को व्हाट्सऐप के जरिए फर्जी समर्थन पत्र भेजे गए और कामराज ‘लापता’ हैं. हालांकि, कुछ ही देर बाद कामराज खुद दिनाकरन के साथ मीडिया के सामने आए और कहा कि उन्होंने आधिकारिक रूप से टीवीके को समर्थन नहीं दिया है. उन्होंने अपने हस्ताक्षर के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया. गवर्नर ने अब तक विजय को न्योता नहीं दिया. (PTI Photo) इसके बाद दिनाकरन ने कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. दूसरी ओर, टीवीके ने इन आरोपों