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मिहिजाम में घर से युवक का मिला सड़ा-गला शव:लाश में पड़ चुके...

जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र के अंबेडकर नगर मोहल्ले में एक बंद घर से 38 वर्षीय लक्ष्मण राम का सड़ा-गला शव बरामद हुआ है। शनिवार को तेज दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घर का दरवाजा खोलकर जांच की। मृतक स्वर्गीय केशव राम के पुत्र बताए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लक्ष्मण राम घर में अकेले रहते थे और पिछले कई दिनों से उन्हें मोहल्ले में नहीं देखा गया था। पहले दुर्गंध को सामान्य माना गया, लेकिन शनिवार को बदबू तेज होने पर अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद परिजनों और पुलिस को सूचित किया गया। शव की हालत बेहद खराब थी। यह कई दिनों पुराना प्रतीत हो रहा था और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। दुर्गंध इतनी तीव्र थी कि वहां खड़ा रहना मुश्किल था। घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ विकास आनंद लागूरी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जामताड़ा भेज दिया है। मृतक के परिजनों को भी घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद उनके बड़े भाई मौके पर पहुंचे। पुलिस फिलहाल आत्महत्या, हत्या या प्राकृतिक मौत सहित सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है। थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। Source link

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बेघर बच्चों को देख हुईं भावुक, फिर इस महिला ने शुरू की...

Last Updated:May 09, 2026, 15:59 IST साईंकृपा संस्था की संस्थापक अंजना रामगोपाल ने ममता और अपनेपन की मिसाल पेश की हैं जिनकी परवरिश और प्यार की बदौलत कई बच्चे आज देश-विदेश में नौकरी कर रहे हैं और अपने पैरों पर खड़े हैं. नोएडा: मां सिर्फ जन्म देने वाली ही नहीं होती, ममता और अपनापन देने वाली हर महिला मां कहलाने का हक रखती हैं और इस मदर्स डे पर हम आपको एक ऐसी महिला की कहानी बताएंगे जिन्होंने खुद शादी नहीं की, लेकिन आज सैकड़ों बच्चों की प्ररेणा बनी हैं. कहानी है नोएडा सेक्टर 12 स्थित साईंकृपा संस्था की संस्थापक अंजना रामगोपाल की. जिनकी परवरिश और प्यार की बदौलत कई बच्चे आज देश-विदेश में नौकरी कर रहे हैं और अपने पैरों पर खड़े हैं. 36 साल पहले करी थी संस्था की शुरुआतबता दें कि अंजना राज गोपाल मूल रूप से केरलम की निवासी है. और उन्होंने करीब 36 साल पहले साई कृपा संस्था की नींव रखी थी, उन्होंने महसूस किया था कि समाज के इन वंचित बच्चों को भी शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए. हालांकि उनके प्रयासों का नतीजा यह है कि आज अंजना रामगोपाल और उनकी संस्था के जरिए दर्जनों युवा और युवतियां शादी कर चुके हैं और देश विदेश में नौकरी भी कर रहे हैं. संस्था में बच्चे शिक्षित ही नहीं आत्मनिर्भर भी बनते हैवहीं अंजना राजगोपाल ने लोकल18 से बात करते हुए बताया कि इस संस्था का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के समग्र विकास पर भी ध्यान देना हैं. उनका मानना हैं, कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्य और आत्मविश्वास भी बच्चों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जहां उन्होंने सैकड़ों बच्चों को न केवल शिक्षा दी, बल्कि एक नया जीवन भी दिया हैं. हालांकि अंजना अपने इन बच्चों को खुद की संतान की तरह मानती हैं. उन्होंने अपने जीवन में कभी शादी नहीं की, लेकिन अनाथ बच्चों की मां बनकर उन्हें स्नेह और सुरक्षा जरूर दी हैं. उन्होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया हैं, जहां बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिलता हैं. और बच्चों को न केवल पढ़ाई की सुविधा दी जाती हैं, बल्कि उन्हें खेलकूद, कला, संगीत और अन्य गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता हैं. दर्जनों बच्चों की कराई शादीवही अंजना राज गोपाल का जीवन उन सभी के लिए प्रेरणा हैं जो समाज सेवा में रुचि रखते हैं. बता दें कि अंजना राजगोपाल ने दर्जनों बच्चों को पाल पोषकर उनकी शादी कराई हैं और कुछ बच्चों को विदेश भी भेजा हैं. इनकी माने तो संस्था में सबसे छोटा बच्चा 2 साल का और सबसे बड़ा 20 से 22 साल का हैं. वही उनका सपना है कि वो बुजुर्गों, और उन बच्चों के लिए भी काम करे जो रेड लाइट पर भीँख मांगते हैं. अब तक हजारों बच्चो को उनके पेरेंट्स से मिलवा चुकी हैंअंजना ने बताया कि वह पहले एक मीडिया संस्थान में काम करती थीं. और बचपन से ही अनाथ बच्चों को देखकर उनका मन विचलित हो जाता था. वहीं एक दिन नौकरी से लौटते समय उन्होंने एक विकलांग बच्चे को किसी व्यक्ति द्वारा पीटते देखा, जिसके बाद वह उस बच्चे को अपने साथ ले आईं और उसकी परवरिश की और यही घटना उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट बनी और उन्होंने साई कृपा संस्था की शुरुआत कर दी. अंजना का कहना है कि जब भी कोई बच्चा उन्हें मिलता है तो वह सबसे पहले पुलिस की मदद से उसके माता-पिता और परिवार को खोजने की कोशिश करती हैं. और उन्हें उनसे मिलवाने की कोशिश करती हैं. हालांकि अब तक उन्होंने हजारों बच्चों को उनके परिवार से मिलाया हैं. About the Author शिवानी गुप्ता Shivani Gupta is a Media Professional with 3 years of experience in reporting, content writing and production. She has worked with reputed media organizations like News18, Hindustan Times⁠, DEN Kashi ⁠and The L…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh Source link

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देवघर की नई लाइफलाइन बनेगा नावाडीह ओवरब्रिज, इस तारीख को होगा उद्घाटन,...

Last Updated:May 09, 2026, 15:43 IST Deoghar News: देवघर शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल रोहिणी-नावाडीह रेलवे फाटक लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था. स्थानीय लोगों के लिए सालों पुरानी जाम की समस्या अब खत्म होने जा रही है. इसके उद्घाटन की तिथि भी घोषित कर दी गई है. माना जा रहा है कि यह ओवरब्रिज देवघर से एम्स, रांची, बोकारो और धनबाद जाने वाले लाखों लोगों के लिए नई लाइफलाइन साबित होगा. देवघरवासियों को जाम से राहत देगी नावाडीह रेलवे ओवरब्रिज देवघर. झारखंड में महादेव की नगरी के नाम से प्रसिद्ध देवघर शहर में एम्स, धनबाद, बोकारो और रांची जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित रोहिणी-नावाडीह रेलवे फाटक के पास लंबे समय से गंभीर जाम की समस्या थी. इस फाटक पर वाहनों की लंबी कतारें लगती थीं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ मरीजों और एम्बुलेंस को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. कई बार यहां रेल दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिसके कारण लोगों में हमेशा डर का माहौल बना रहता था. लेकिन, काफी लंबे समय से निर्माणाधीन नावाडीह रेलवे ओवरब्रिज अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है और देवघर के लोगों के लिए सालों पुरानी जाम की समस्या अब खत्म होने जा रही है. नावाडीह रेलवे ओवरब्रिज पूरी तरह तैयार हो चुका है और अब इसके उद्घाटन की तारीख भी तय कर दी गई है. नावाडीह रेलवे ओवरब्रिज का इस तारीख को उद्घाटन इस ओवरब्रिज का उद्घाटन 19 मई को किया जाएगा. पुल शुरू होने के बाद देवघर से एम्स जाने वाले मरीजों के साथ-साथ रांची, बोकारो और धनबाद की ओर सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी. सबसे बड़ी बात यह होगी कि अब रेलवे फाटक बंद होने पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वाहनों की आवाजाही बिना रुके जारी रह सकेगी. पीएम के विकास मिशन से तैयार हुआ महत्वपूर्ण ओवरब्रिज गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास मिशन और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रयासों से यह महत्वपूर्ण रेलवे ओवरब्रिज तैयार हुआ है, जिसका उद्घाटन 19 मई को किया जाएगा. साफ है कि अब निर्माणाधीन नावाडीह रेलवे ओवरब्रिज के तैयार हो जाने से इस समस्या का स्थायी समाधान होने जा रहा है. देवघर के लिए नई लाइफलाइन साबित होगा ओवरब्रिज पुल स्थानीय चिकित्सक डॉक्टर आशीष झा ने कहा कि यह ओवरब्रिज देवघर के लिए एक नई लाइफलाइन साबित होगा. अब एम्स जाने वाले मरीजों और रांची की ओर सफर करने वाले लोगों को जाम और रेलवे फाटक पर इंतजार की परेशानी से राहत मिलेगी. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह ओवरब्रिज आने वाले वर्षों में देवघर की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को संभालने में अहम भूमिका निभाएगा. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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पेट्रोल पंप लूटकांड, साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़:पुलिस ने तीन मामलों में...

जामताड़ा पुलिस ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग मामलों का खुलासा किया। इन मामलों में पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें पेट्रोल पंप लूटकांड, साइबर ठगी और जबरन वसूली के आरोपी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में तीन साइबर अपराधी हैं। गिरफ्तार आरोपियों में गुलाम अंसारी, साबिर अंसारी और कलाम अंसारी साइबर अपराधी हैं। वहीं, लूटकांड में मुस्तकीम अंसारी और धोखाधड़ी और छल करने के मामले में मेहमूद मियां को गिरफ्तार किया गया है। गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी जामताड़ा पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने बताया कि 22 मार्च 2025 को फतेहपुर थाना अंतर्गत चकुंदा गांव के पास नायरा पेट्रोल पंप पर तीन अज्ञात अपराधियों ने एक कर्मचारी को हथियार दिखाकर डराया था और गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इस दौरान नकदी भी लूटी गई थी। इस मामले में पहले एक अपराधी को गिरफ्तार किया जा चुका था। एसपी सिंह ने बताया कि इस लूटकांड में फरार चल रहे दो अपराधियों में से एक मुस्तकीम अंसारी को अब गिरफ्तार कर लिया गया है। यह अपराधी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के अम्राटांड़ का निवासी है और इसके खिलाफ पहले से 15 अन्य मामले दर्ज हैं। एक अभियुक्त अभी भी फरार है। मेहमूद मियां देवघर से चल रहा था फरार गिरफ्तारी के दूसरे मामले में बिंदापाथर थाना क्षेत्र से मेहमूद मियां को पकड़ा गया। जो देवघर जिले से फरार चल रहा था। अगस्त 2023 में धोखाधड़ी मारपीट की घटना दर्ज हुई थी, जिसमें वह फरार चल रहा था। मेहमूद मियां पर आरोप था कि वह बाहर काम करने के लिए मजदूरों को दूसरे राज्य में ले जाते थे और उनसे आधार कार्ड और प्रमाण पत्र ले लेते थे। उनके नाम पर फर्जी सिम कार्ड लेकर ठगी जैसी घटना को अंजाम देता था। ठगी को अंजाम देते रंगे हाथ तीन गिरफ्तार वहीं, तीसरे मामले में कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के सहजपुर से साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की घटना को अंजाम दे रहे थे गुलाम अंसारी, साबिर अंसारी और कलाम अंसारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी में आठ मोबाइल फोन 10 सिम कार्ड और नगद 19000 पुलिस ने बरामद किया है। Source link

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पश्चिमी सिंहभूम के पांड्रासाली में युवक का शव मिला:बीती रात कुछ साथियों...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत पांड्रासाली ओपी इलाके में एक युवक का शव मिला है। मृतक की पहचान माटकोबेरा निवासी 35 वर्षीय रॉबिन बोदरा के रूप में हुई है। परिजनों ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। रॉबिन बोदरा का शव पांड्रासाली पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे पाया गया। वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था और परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी सुशांति बोदरा और दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक बच्चा महज डेढ़ महीने का है। देर रात तक वापस नहीं लौटा पत्नी सुशांति बोदरा ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार रात रॉबिन कुछ साथियों के साथ घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। शनिवार सुबह सड़क किनारे शव मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, मृतक का चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। साथ ही, उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे और पीठ पर खरोंच के निशान भी पाए गए। परिजनों का आरोप है कि रॉबिन की हत्या कहीं और की गई और फिर शव को सड़क किनारे फेंका गया, ताकि इसे सड़क हादसा दिखाया जा सके। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। Source link

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UPSC Recruitment 2026: प्रोफेसर और अनुवादक समेत 45 पदों पर वैकेंसी, 25...

Last Updated:May 09, 2026, 15:01 IST UPSC Recruitment 2026: संघ लोक सेवा आयोग में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है. संघ लोक सेवा आयोग ने एसोसिएट प्रोफेसर और DRDO अधिकारी समेत 45 पदों पर भर्ती निकाली है. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया आज, 09 मई 2026 से शुरू हो गई है. जानिए यूपीएससी में नौकरी के लिए पात्रता, सैलरी और अप्लाई करने का पूरा तरीका. UPSC Recruitment 2026: यूपीएससी में सरकारी नौकरी के लिए जल्द ही आवेदन करें नई दिल्ली (UPSC Recruitment 2026). यूपीएससी में उच्च पदों पर काम करने के इच्छुक युवाओं के लिए खुशखबरी है. संघ लोक सेवा आयोग ने ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ के 45 रिक्त पदों के लिए भर्ती का बिगुल फूंक दिया है. इस बार की वैकेंसी केवल जनरल एडमिनिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं है. इसमें रक्षा मंत्रालय से लेकर संस्कृति मंत्रालय तक के अलग-अलग विभागों में एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और अनुवादक जैसे पदों पर आवेदन मांगे गए हैं. यूपीएससी में सरकारी नौकरी के लिए upsc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं. यूपीएससी ने इस भर्ती में उन विशेषज्ञों को भी मौका दिया है जो चीनी और तिब्बती जैसी भाषाओं के जानकार हैं या इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अध्यापन का अनुभव रखते हैं. आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 मई 2026 तय की गई है. आखिरी समय में यूपीएससी की वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण आने वाली दिक्कतों से बचने के लिए बेहतर होगा कि आप समय रहते सरकारी नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें. UPSC भर्ती 2026: 45 पदों पर सरकारी नौकरी की बहार संघ लोक सेवा आयोग ने कुल 45 पदों पर वैकेंसी निकाली है. इसमें सबसे ज्यादा 29 पद डीआरडीओ (DRDO) में सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर ग्रेड-II के हैं. इसके अलावा कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग, पुणे में एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर (सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल), खान मंत्रालय में सहायक खनन अभियंता और लद्दाख प्रशासन में लेखा अधिकारी के पदों पर भर्ती की जाएगी. रक्षा मंत्रालय में चीनी और तिब्बती भाषा के अनुवादकों के लिए भी 1-1 पद सुरक्षित है. यूपीएससी में नौकरी के लिए योग्यता और आयु सीमा यूपीएससी में इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. प्रोफेसर पदों के लिए शैक्षणिक अनुभव और इंजीनियरिंग डिग्री अनिवार्य है. आयु सीमा की बात करें तो पद के अनुसार न्यूनतम 30 और अधिकतम 45 वर्ष उम्र तय की गई है. आरक्षित श्रेणियों (SC/ST/OBC/PwBD) को नियमानुसार आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी. सरकारी नौकरी के लिए आयु सीमा की डिटेल्स upsc.gov.in पर चेक कर सकते हैं. यूपीएससी में सैलरी कितनी मिलेगी? संघ लोक सेवा आयोग में अभ्यर्थियों का चयन उनके अनुभव और योग्यता के आधार पर की गई शॉर्टलिस्टिंग, लिखित परीक्षा (यदि आवश्यक हो) और इंटरव्यू के जरिए होगा. चयनित उम्मीदवारों को बेहतरीन सैलरी पैकेज मिलेगा, पद के अनुसार वेतनमान लेवल 7 से 10 और शैक्षणिक पदों के लिए लेवल 10 से 13A1 तक तय किया गया है, जो केंद्र सरकार के सातवें वेतन आयोग के तहत आता है. सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कैसे करें? सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क महज 25 रुपये है. वहीं महिला, एससी, एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है. आवेदन करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in या upsconline.nic.in पर विजिट करके संबंधित लिंक पर क्लिक करना होगा. विभिन्न भर्तियों के लिए मांगे गए जरूरी डॉक्यूमेंट्स को सही साइज में अपलोड करने पर ही फॉर्म सबमिट होगा. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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हर 10-11 दिन में ब्लड ट्रांसफ्यूजन, दर्द, कमजोरी पर हिम्मत नहीं हारती...

Last Updated:May 09, 2026, 14:43 IST Jamshedpur News: जमशेदपुर की 25 वर्षीय नीतू महतो मेजर थैलेसीमिया से ग्रसित हैं. इस बीमारी में हर 10-11 दिन में उन्हें ब्लड चढ़वाना पड़ता है पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. आज वे खुद को मरीज नहीं बल्कि फाइटर मानती हैं और दूसरे मरीजों को जागरूक करने का काम पूरे हौसले के साथ कर रही हैं. जमशेदपुर. कई लोग थैलेसीमिया को सिर्फ एक बीमारी समझते हैं, लेकिन जो लोग इससे रोज लड़ते हैं, उनके लिए यह जिंदगी का सबसे बड़ा संघर्ष होता है. हर 10 से 15 दिन में खून चढ़ाना, शरीर में कमजोरी, दर्द और मानसिक तनाव, यह सब एक थैलेसीमिया मरीज की जिंदगी का हिस्सा बन जाता है. लेकिन जमशेदपुर की 25 वर्षीय नीतू महतो ने इस संघर्ष के सामने हार मानने के बजाय लड़ना चुना और आज वह कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं. जानते हैं नीतू की कहानी. डेढ़ साल में ही नीतू के मां-बाप समझ गए थे कुछ गड़बड़ हैनीतू के पिता रंजीत महतो और मां भारती महतो ने अपनी बेटी को संभालने और आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. नीतू बताती हैं कि जब वह सिर्फ डेढ़ साल की थीं, तब उनके माता-पिता को एहसास हुआ कि कुछ ठीक नहीं है. जहां दूसरे बच्चे चलना-फिरना शुरू कर देते हैं, वहीं नीतू एक जगह बैठी रहती थीं. डॉक्टर को दिखाने पर पता चला कि उन्हें थैलेसीमिया है. पहली बार ब्लड चढ़ाने के अगले ही दिन वह चलने और खेलने लगीं. डरकर नहीं जीनाशुरुआती दिनों में उन्हें बार-बार ब्लड चढ़ाना पड़ता था. आज भी हर 11 दिन में उनका ब्लड ट्रांसफ्यूजन होता है. नीतू बताती हैं कि कमजोरी, सिरदर्द, कुछ खाने का मन नहीं करना और शरीर में ऊर्जा की कमी हमेशा बनी रहती है. बचपन में जब उनके दोस्त खेलते और दौड़ते थे, तब वह कमजोरी के कारण एक किनारे बैठी रहती थीं. 13-14 साल की उम्र में उन्हें समझ आया कि उन्हें मेजर थैलेसीमिया है. उस समय उन्होंने तय किया कि अब डरकर नहीं, बल्कि हिम्मत के साथ जीना है. दूसरे मरीजों की करती हैं मददइसके बाद नीतू ने इस बीमारी को समझना शुरू किया. उन्होंने रिसर्च की, डॉक्टरों से जानकारी ली और खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाया. इसी दौरान उन्हें अनुराग फाउंडेशन का सहयोग मिला, जहां से उन्हें सही जानकारी, इलाज और आर्थिक मदद भी मिली. बाद में वह पीपल फॉर चेंज से जुड़ गईं और आज 100 से अधिक सेमिनार कर चुकी हैं. वह थैलेसीमिया मरीजों को सही इलाज, दवा और डॉक्टरों की जानकारी देती हैं, ताकि कोई भी मरीज खुद को अकेला महसूस न करे. लगातार संघर्ष से बदली तस्वीरनीतू ने सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए आवाज उठाई. लगातार संघर्ष और प्रयास के बाद थैलेसीमिया मरीजों को डिसेबिलिटी कैटेगरी में शामिल कराया गया. अब मरीजों को हर महीने आर्थिक सहायता, रेलवे में रियायत और परीक्षाओं में आरक्षण जैसी सुविधाएं मिल रही हैं. नीतू बताती हैं कि झारखंड में वह पहली लड़की हैं, जिन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर लड़ाई शुरू की और आज हजारों मरीजों को इसका फायदा मिल रहा है. मरीज नहीं फाइटर हैं नीतूनीतू का सपना है कि वह आगे चलकर टीचर बनें और गांव-गांव तक लोगों को यह समझाएं कि थैलेसीमिया क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है. उनका मानना है कि अगर समय रहते जांच हो जाए और जागरूकता बढ़े, तो कई बच्चों को इस बीमारी से बचाया जा सकता है. नीतू आज सिर्फ थैलेसीमिया सर्वाइवर नहीं, बल्कि एक सच्ची ‘थैलेसीमिया फाइटर’ बन चुकी हैं, जो हर दिन दूसरों को जीने की नई उम्मीद दे रही हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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गिरिडीह में यात्रियों से भरी बस होटल में घुसी:बाइक रौंदी, पूर्व वार्ड...

गिरिडीह जिले के पचंबा थाना क्षेत्र में शनिवार को यात्रियों से भरी तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक होटल में जा घुसी। इस हादसे में पूर्व वार्ड सदस्य पुदीना देवी सहित तीन लोग घायल हो गए। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। विष्णु रथ नामक यह बस शनिवार को गिरिडीह बस स्टैंड से जमुई की ओर जा रही थी। पचंबा-जमुआ मुख्य मार्ग पर स्थित मॉडल स्कूल के पास चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। बस ने पहले सड़क किनारे खड़ी एक बाइक को टक्कर मारी, जिससे बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद बस सीधे मंडल होटल में जा घुसी। होटल का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया हादसे के वक्त होटल में 4 से 5 लोग भोजन कर रहे थे। बस के अंदर घुसने से होटल का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों में होटल संचालक रितलाल मंडल की पत्नी और परयाना गांव की पूर्व वार्ड सदस्य पुदीना देवी गंभीर रूप से जख्मी हैं। इनके अलावा, होटल में मौजूद 3 से 4 अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं। स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को काफी मशक्कत के बाद बस और मलबे से निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने बस में तोड़फोड़ भी की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस तेज रफ्तार में थी, जिसके कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया। बस में लगभग 30 से 35 यात्री सवार थे। दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया और पुलिस मामले की जांच कर रही है। Source link

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अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव, दो जवान घायल:मौके पर मची अफरातफरी,...

बोकारो में हवाई अड्डा विस्तार के लिए चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान शनिवार को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। सेक्टर 12ए काली मंदिर के आगे कार्रवाई करने पहुंची बीएसएल सिक्योरिटी विभाग की टीम पर कब्जाधारियों ने अचानक पथराव कर दिया। इस घटना में सुरक्षा जवान बबलू कुमार और अकरम अंसारी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, बोकारो हवाई अड्डे के विस्तार और बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए पिछले कई दिनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। प्रशासन और बीएसएल सुरक्षा विभाग लगातार अवैध कब्जों को हटा रहे हैं ताकि एयरपोर्ट विस्तार कार्य में कोई बाधा न आए। अवैध कब्जा कर छह से सात घर बने हैं शनिवार को सुरक्षा विभाग को सूचना मिली थी कि सेक्टर 12ए काली मंदिर के आगे कुछ लोगों ने नई जगह पर अवैध कब्जा कर छह से सात घर बना लिए हैं। सूचना मिलते ही बीएसएल सिक्योरिटी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। मौके पर अफरातफरी मची और स्थिति तनावपूर्ण कार्रवाई के दौरान, कब्जाधारियों ने विरोध जताते हुए अचानक सुरक्षा कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर अफरातफरी मच गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पथराव में दो जवान घायल हुए, जबकि अन्य कर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाया। घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा विभाग की अतिरिक्त टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और अतिक्रमणकारियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। Source link

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Tamil Nadu President Rule | Thalapathy Vijay | Vijay TVK | संकट...

होमताजा खबरदेश जिसका डर था, वो होता दिख रहा; थलापति विजय पड़े लाचार, मंडरा रहा यह बड़ा खतरा Last Updated:May 09, 2026, 14:00 IST Thalapathy Vijay News: तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा ने सबको परेशान कर दिया है. थलापति विजय की तो मुश्किल ही कम नहीं हो रही है. तीन बार वह राज्यपाल से मिल चुके हैं, मगर अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है. कारण कि टीवीके के पास बहुमत नहीं है. टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी पर बहुमत से दूर है.अब तमिलनाडु में गठबंधन जोड़तोड़ और हॉर्स ट्रेडिंग आरोपों के बीच राष्ट्रपति शासन आशंका बढ़ी तमिलनाडु सरकार गठन पर फंसा पेंच, राष्ट्रपति शासन की अटकलें तेज (फाइल फोटो) Tamil Nadu Government Formation News: तमिलनाडु में जिसका डर है, वही होता दिख रहा है. तमिलनाडु चुनाव में रिजल्ट त्रिशंकु रहा. किसी को बहुमत नहीं मिला. न तो डीएमके-एआईडीएमके और न ही टीवीके. हालांकि, थलापति विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, मगर बहुमत से दूर रह गई. ऐसे में तमिलनाडु में सरकार गठन का पेच फंस गया है. यह पेच भी ऐसा है, जो सुलझता दिख नहीं रहा है. आलम यह है कि थलापति विजय लाचार दिख रहे हैं. महज एक-दो विधायकों की कमी से वह सरकार नहीं बना पा रहे हैं. राज्यपाल साफ कर चुके हैं कि जब तक बहुमत का नंबर नहीं होगा, तब तक सरकार गठन का न्योता नहीं मिलेगा. ऐसे में तमिलनाडु में संवैधानिक खतरा मंडरा रहा है. दरअसल, तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सियासी घमासान अब और गहरा गया है. राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि सरकार गठन को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है. आरोप-प्रत्यारोप, विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त, फर्जी समर्थन पत्र और ‘लापता’ विधायकों के दावों ने राज्य की राजनीति को बेहद पेचीदा बना दिया है. सबके मन में राष्ट्रपति शासन वाला डर सता रहा है. थलापति विजय तो बड़ी जीत के बाद भी सरकार बनाने को तरस रहे हैं. मंडरा रहा बड़ा संवैधानिक खतराबहरहाल, तमिलनाडु की मौजूदा सरकार का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि अगली सरकार कौन बनाएगा. सरकार की तस्वीर अगर 48 घंटे में साफ नहीं होती है तो तमिलनाडु की तकदीर में कुछ और हो सकता है. जी हां, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने साफ कर दिया है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 118 विधायकों का समर्थन साबित किए बिना किसी भी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया जाएगा. किसके पास कितनी सीटें23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह अभी भी पीछे है. वहीं, डीएमके गठबंधन को 73 सीटें मिलीं, जबकि एआईएडीएमके गठबंधन ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की. बहुमत जुटाने के लिए टीवीके ने कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), सीपीआई और सीपीआई (एम) से बातचीत शुरू की. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया. तमिलनाडु सरकार गठन पर फंसा पेंच, राष्ट्रपति शासन की अटकलें तेज कौन-कौन कर रहा समर्थनबाद में सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी बिना शर्त बाहरी समर्थन देने का ऐलान किया, जिससे संख्या बढ़कर 117 हो गई. लेकिन मामला यहां भी उलझ गया. थलापति विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ सकती है. ऐसे में प्रभावी संख्या फिर कम हो सकती है और टीवीके बहुमत से पीछे रह सकती है. वीसीके के समर्थन की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, लेकिन अंतिम आंकड़ों को लेकर अब भी संशय बना हुआ है. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें किसके पास कितनी सीटें23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह अभी भी पीछे है. वहीं, डीएमके गठबंधन को 73 सीटें मिलीं, जबकि एआईएडीएमके गठबंधन ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की. बहुमत जुटाने के लिए टीवीके ने कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), सीपीआई और सीपीआई (एम) से बातचीत शुरू की. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया. तमिलनाडु सरकार गठन पर फंसा पेंच, राष्ट्रपति शासन की अटकलें तेज कौन-कौन कर रहा समर्थनबाद में सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी बिना शर्त बाहरी समर्थन देने का ऐलान किया, जिससे संख्या बढ़कर 117 हो गई. लेकिन मामला यहां भी उलझ गया. थलापति विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ सकती है. ऐसे में प्रभावी संख्या फिर कम हो सकती है और टीवीके बहुमत से पीछे रह सकती है. वीसीके के समर्थन की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, लेकिन अंतिम आंकड़ों को लेकर अब भी संशय बना हुआ है. आधी रात को संकट और गहरायाशुक्रवार देर रात यह राजनीतिक संकट और गहरा गया, जब एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन अचानक राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने टीवीके नेताओं पर बड़े स्तर पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया. विवाद एएमएमके-समर्थित विधायक एस. कामराज को लेकर खड़ा हुआ, जिन्हें कथित तौर पर टीवीके समर्थक बताया गया था. तमिलनाडु का घमासान पुलिस तकदिनाकरन ने आरोप लगाया कि राज्यपाल को व्हाट्सऐप के जरिए फर्जी समर्थन पत्र भेजे गए और कामराज ‘लापता’ हैं. हालांकि, कुछ ही देर बाद कामराज खुद दिनाकरन के साथ मीडिया के सामने आए और कहा कि उन्होंने आधिकारिक रूप से टीवीके को समर्थन नहीं दिया है. उन्होंने अपने हस्ताक्षर के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया. गवर्नर ने अब तक विजय को न्योता नहीं दिया. (PTI Photo) इसके बाद दिनाकरन ने कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. दूसरी ओर, टीवीके ने इन आरोपों

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