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स्कूलों में पढ़ाया जा रहा गणित असल जिंदगी में फेल:गणना के बजाय...

गणित का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के जेहन में स्कूल के दिनों की वे डरावनी यादें ताजा हो जाती हैं- अलजेब्रा, ज्योमेट्री, ट्रिगोनोमेट्री और कैलकुलस का एक अंतहीन चक्रवात… लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस गणित के लिए हमने हजारों घंटे बर्बाद किए, वह हमारे वास्तविक जीवन में कितना काम आता है? आधुनिक शोध और विशेषज्ञों का मानना है कि हम न सिर्फ गलत गणित पढ़ रहे हैं, बल्कि उसे आंकने का हमारा तरीका भी पूरी तरह गलत है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि अमेरिका समेत दुनिया के कई हिस्सों में गणित का वर्तमान पाठ्यक्रम 1893 की ‘कमेटी ऑफ टेन’ द्वारा निर्धारित किया गया था। उस दौर में रटकर गणना करना (रोट मैथ) आर्किटेक्ट, खगोलविदों और सिविल इंजीनियरों के लिए जरूरी था। पर आज, जब हमारे हाथ में सुपरकंप्यूटर जैसे स्मार्टफोन हैं, तब भी हम बच्चों को हाथ से जटिल समीकरण हल करना सिखा रहे हैं। ‘आफ्टरमैथ: द लाइफ-चेंजिंग मैथ दैट स्कूल्स वॉन्ट टीच यू’ के लेखक टेड डिनर्टस्मिथ कहते हैं, आज की दुनिया डेटा, एल्गोरिदम, सांख्यिकी व एआई से चलती है। पर हमारी शिक्षा नीति अब भी 19वीं सदी के रटने वाले गणित व मल्टीपल चॉइस टेस्ट स्कोर के पीछे भाग रही है।’ एक्सपर्ट मानते हैं अगर कंप्यूटर कोई काम बेहतर व तेज कर सकता है, तो बच्चों को उसी काम में उलझाए रखना गुणवत्ता का पैमाना नहीं हो सकता। गणित की अज्ञानता से जोखिम ओईसीडी के एजुकेशन डायरेक्टर एंड्रियास श्लीचर के मुताबिक गणित की व्यावहारिक समझ न होना सिर्फ अकादमिक कमी नहीं, बल्कि जिंदगी व स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा जोखिम है। डेटा की समझ न होने से लोग मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट व डॉक्टरों द्वारा डेटा की गलत व्याख्या से जीवन-मरण से जुड़े गलत फैसले ले लेते हैं। वहीं, ‘मैथ एंग्जायटी’ के शिकार 93% लोग वित्तीय जाल में फंस रहे हैं; वे महंगाई व ब्याज के गणित को न समझ पाने से निवेश व भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। यही अज्ञानता जनता को नीति-निर्धारकों के आंकड़ों के मायाजाल में भी उलझाती है। कई देशों में बेरोजगारी के आधिकारिक आंकड़े हकीकत छुपाते हैं, जबकि असली दर ज्यादा है। पर गणित से दूरी, यह गफलत समझा नहीं पाती। जनगणना जैसी प्रक्रियाओं में भी डेटा की गलतियों से संसाधनों का गलत आवंटन होता है। जब तक हम आंकड़ों में छिपा सच नहीं समझेंगे, तब तक गुमराह होते रहेंगे। एक्सपर्ट कहते हैं,‘गणित का सही ज्ञान न सिर्फ व्यक्तिगत सफलता के लिए जरूरी है, बल्कि यह लोकतंत्र को भी मजबूत करता है। जब नागरिक डेटा व आंकड़ों को समझना शुरू करेंगे, तभी सही सवाल पूछ सकेंगे। वक्त आ गया है कि हम रटने वाले गणित से बाहर निकलें और उस गणित को अपनाएं जो हमारा कल संवार सके। 80% वक्त गणना पर खर्च हो रहा, इसे एआई-कंप्यूटर को करने दें अमेरिकी शिक्षाविद् कॉनराड वोल्फ्राम का तर्क है कि हमें ‘डेटा एनालिटिक्स’ व ‘फाइनेंशियल लिटरेसी’ को महत्व देना चाहिए। वर्तमान शिक्षा 80% समय ‘गणना’ पर खर्च करती है, जबकि यह काम कंप्यूटर व एआई कहीं बेहतर कर सकते हैं। छात्रों को गणना के बोझ से मुक्त कर समस्या सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए। छात्र सांख्यिकीय तर्क व वित्तीय फैसले सीखें जो जीवन को प्रभावित करते हैं। यदि छात्र स्कूल से निकलने के बाद टैक्स, निवेश या ब्याज दर नहीं समझ सकते, तो उनकी गणित की शिक्षा अधूरी है। इन व्यावहारिक आंकड़ों में दक्षता ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए। Source link

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8,826 Qualify for SSB Interview

Hindi News Career UPSC NDA I, CDS I 2026 Result Out: 8,826 Qualify For SSB Interview 33 मिनट पहले कॉपी लिंक यूपीएससी ने एनडीए (I) और सीडीएस (I) 2026 परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। सीडीएस में 8,826 उम्मीदवार सफल NDA NA 1 और CDS परीक्षा 12 अप्रैल, 2026 को आयोजित की गई थी। ये परीक्षा दो शिफ्ट में हुई थी। NDA और CDS दोनों में नेगेटिव मार्किंग भी हुई। सीडीएस की परीक्षा के आधार पर भर्ती प्रक्रिया के अगले स्टेप के लिए 8,826 उम्मीदवारों को क्वालिफाई किया गया। मेरिट लिस्ट होल्डर्स के रोल नंबर जारी : मेरिट लिस्ट में परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के रोल नंबर दिए गए हैं, जो एसएसबी इंटरव्यू देंगे। फाइनल सिलेक्शन लिखित परीक्षा और एसएसबी इंटरव्यू में किए गए प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। रिजल्ट जारी होने के बाद की प्रोसेस क्या होगी : लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को एसएसबी इंटरव्यू प्रोसेस से गुजरना होगा। यह प्रोसेस 5 दिन तक जारी रहेगी। उम्म्मीदवारों को रिजल्ट जारी होने के 2 सप्ताह के अंदर एसएसबी रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद इंटरव्यू डेट और सेंटर की जानकारी ईमेल के जरिये भेजी जाएगी। UPSC NDA, NA I 2026 मेरिट लिस्ट पीडीएफ UPSC CDS I 2026 मेरिट लिस्ट पीडीएफ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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China Ex-Defense Ministers Death Sentence

Hindi News Career China Ex Defense Ministers Death Sentence | Corruption May 9 Current Affairs; DRDO Weapon Launch 18 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. NCRB ने पशु क्रूरता को अपराध में शामिल किया 8 मई को नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने पहली बार अपनी ‘क्राइम इन इंडिया 2024 रिपोर्ट में प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट, 1960 के तहत दर्ज अपराधों को शामिल किया है। पहले पशु क्रूरता के मामलों को ‘विशेष और स्थानीय कानूनों’ की नॉर्मल कैटेगरी में रखा जाता था, लेकिन अब इसे अलग से रिकॉर्ड किया गया है। इस रिकॉर्ड के बाद पशु सुरक्षा को बेहतर करने में मदद मिलेगी। ये डेटा भारत में जानवरों के खिलाफ हिंसा की भयावहता को बताएगा। क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट शामिल करने से पशुओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की पहचान और निगरानी की जा सकेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में पशु क्रूरता से जुड़े कुल 9,039 मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों में 10,312 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 10,257 पुरुष शामिल थे। इनकी कुल कीमत करीब 48.8 करोड़ रुपये आंकी गई। इनमें 44.9 प्रतिशत मामलों में चोरी हुए जानवर बरामद कर लिए गए। यह संपत्ति से जुड़े अपराधों के राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। पुलिस ने 96.7% मामलों में चार्जशीट दाखिल की, जिससे जांच स्तर पर सक्रियता दिखाई देती है। हालांकि, साल के आखिर तक करीब 2,070 मामले यानी लगभग 22.9% मामलों की जांच लंबित रही। इस रिपोर्ट के बाद पहली बार अन्य क्राइम कैटेगरी के साथ जानवरों पर क्रूरता के मामलों का विश्लेषण हो पाएगा। प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट,1960 में भारत की संसद द्वारा पारित एक केंद्रीय कानून है। प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट,1960 में पशु को मनुष्य के अलावा किसी भी जीवित प्राणी के रूप में परिभाषित किया गया है। 2. DRDO और इंडियन एयर फोर्स ने TARA का सफल परीक्षण किया 7 मई को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO और भारतीय वायु सेना ने ओडिशा के तट पर टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन (TARA) हथियार की पहली सफल टेस्टिंग की। ये टेस्टिंग ओडिशा के तट पर एक जगुआर (Jaguar) फाइटर जेट से की गई। TARA भारत की पहली स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली है, जो बिना गाइड सिस्टम वाले हथियारों को गाइड सिस्टम में बदलेगी। इस ग्लाइड हथियार को DRDO के साथ मिलकर रिसर्च सेंटर इमारत, हैदराबाद ने मिलकर डिजाइन और डेवलप किया है। ग्लाइड हथियार एक स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली है। जो सबसे आधुनिक और कम लागत वाला पहला सिस्टम है। TARA दुश्मन के जमीनी ठिकानों पर 120 किमी की दूरी से वार कर सकती है। यह प्रणाली सुखोई-30 (Su-30), जगुआर और तेजस जैसे फाइटर जेट्स के साथ एकीकृत की जा सकती है। TARA देश का पहला ऐसा ग्लाइड हथियार सिस्टम है जो अत्याधुनिक होने के साथ-साथ बेहद कम लागत वाली प्रणालियों पर काम करता है। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. चीन में दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा 7 मई को चीन ने भ्रष्टाचार के मामलों में दो पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को पहले 2 साल जेल में रखा जाएगा। 2 साल बाद पुनर्विचार कर सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। ली शांगफू को पिछले साल अचानक पद से हटाया गया था, जबकि वेई फेंगहे भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आए थे। दोनों मंत्रियों को 2024 में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित किया गया था। चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू को पिछले साल अक्टूबर में अचानक पद से हटा दिया गया था। अब पहली बार चीनी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच चल रही थी। उन पर बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने, दूसरों को रिश्वत देने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं। चीन के पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर रिश्वत लेने और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं। चीन की सैन्य अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी माना है। चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू (दाएं) 2023 में बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शपथ के समय की तस्वीर। निधन (DEATH) 4. पूर्व मिडफील्डर मोहन सिंह का निधन 7 मई को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के पूर्व मिड फील्डर मोहन सिंह का निधन हो गया। मोहन सिंह ने 1970 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की। सिंह ने प्री-ओलंपिक टूर्नामेंट के दौरान 1972 में रंगून में बर्मा के खिलाफ अपना पहला सीनियर नेशनल मैच खेला था। 1972 के प्री-ओलिंपिक में सिंह ने भारत के लिए तीन कैप अर्जित किए थे। घरेलू स्तर पर, मोहन सिंह ने 1972 में संतोष ट्रॉफी में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया और टीम के सफल अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, दो गोल करके बंगाल ने खिताब जीता। सिंह ने 1972 और 1975 में कलकत्ता फुटबॉल लीग खेला था। 1972 में सिंह ने IFA शील्ड, डूरंड कप, रोवर्स कप और बोर्डोलोई ट्रॉफी जीती। मोहन सिंह ने 1976 में मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब का भी प्रतिनिधित्व किया, और भारतीय क्लब फुटबॉल में एक विशिष्ट करियर जारी रखा। मोहन सिंह ने 1974 में डूरंड कप जीता था। 5. क्रिकेटर अमनप्रीत गिल का निधन 6 मई को भारत के अंडर-19 में खेलने वाले प्लेयर अमनप्रीत गिल का निधन हो गया। वे 36 साल के थे। अमनप्रीत ने पंजाब के लिए 6 फर्स्ट कैटेगरी मैचों में 11 विकेट लिए। अमनप्रीत इंडियन प्रीमियर लीग के उद्घाटन सेशन में पंजाब फ्रेंचाइजी (किंग्स इलेवन पंजाब) का भी हिस्सा रहे थे। गिल ने पंजाब के सीनियर सिलेक्शन बोर्ड के मेम्बर के तौर पर भी काम किया। गिल ने 2007 में विराट कोहली कि कैप्टेनसी में अंडर-19 का हिस्सा रहे। गिल ने 2007 में भारत के लिए पांच यूथ वनडे और एक यूथ टेस्ट खेला था। गिल ने श्रीलंका के पूर्व ऑलराउंडर थिसारा परेरा का विकेट लिया था। आज का इतिहास 1540 में उदयपुर (मेवाड़) के राजा महाराणा प्रताप का जन्म हुआ। 1653 में शाहजहां द्वारा बनवाया गया ताजमहल 22 साल के निर्माण के बाद पूरा

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आज की सरकारी नौकरी:झारखंड में 611 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी; UPPSC ने...

आज की सरकारी नौकरी में जानकारी झारखंड में 611 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की, UPPSC ने 182 पदों पर निकाली भर्ती की। साथ में कोल इंडिया लिमिटेड में मैनेजमेंट ट्रेनी के 276 ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. झारखंड में 611 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 1 जून से शुरू आवेदन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने 611 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट jssc.jharkhand.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। फॉर्म में करेक्शन 5 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक होंगे। फीस 3 जुलाई तक जमा की जा सकेगी। वैकेंसी डिटेल्स : एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : सिलेक्शन प्रोसेस : सैलरी : फीस : एग्जाम पैटर्न : प्रीलिम्स एग्जाम : मेन्स एग्जाम पैटर्न : ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 2. UPPSC ने 182 पदों पर निकाली भर्ती, सैलरी डेढ़ लाख से ज्यादा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर (APO) 2025 की मेंस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रीलिम्स एग्जाम में सफल उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रीलिम्स एग्जाम के बेसिस पर 2,856 उम्मीदवारों को मेन्स एग्जाम के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : प्रीलिम्स एग्जाम क्लियर करने वाले 2,856 उम्मीदवार इस एग्जाम के लिए एलिजिबल होंगे। एज लिमिट : फीस : सिलेक्शन प्रोसेस : सैलरी : मेन्स एग्जाम पैटर्न : ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. कोल इंडिया लिमिटेड में 276 भर्ती, सैलरी 1 लाख 80 हजार तक कोल इंडिया लिमिटेड में 276 पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी 7 जून तय की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट coalindia.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। कैटेगरी वाइस पदों की संख्या : एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : फीस : सिलेक्शन प्रोसेस : सैलरी : 60,000 – 1,80,000 रुपए प्रतिमाह जरूरी डॉक्यूमेंट्स : ऐसे करें आवेदन ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 4. UPSSSC ने ASO, ARO पदों पर निकाली भर्ती, लास्ट डेट 11 मई उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ( UPSSSC ) ने सहायक सांख्यिकी अधिकारी (ASO) और सहायक अनुसंधान अधिकारी (ARO) के पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 11 मई तय की गई है। उम्मीदवार वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फीस जमा करने की आखिरी तारीख 11 मई तय की गई है। फॉर्म में करेक्शन की आखिरी तारीख 28 मई है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : फीस : सभी उम्मीदवारों के लिए : 25 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : PET 2025 के अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग सैलरी: 35400 – 1,12,400 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : सिलेबस : ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें MPESB में हॉस्पिटल असिस्टेंट की 1200 भर्ती, भावनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में 120 वैकेंसी, ISRO में निकलीं 15 ओपनिंग्स आज की सरकारी नौकरी में जानकारी MPESB में 1200 पदों पर भर्ती की, भावनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में 120 वैकेंसी की। साथ ही ISRO में 15 ओपनिंग्स की। पूरी खबर यहां पढ़ें Source link

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Bihar BPSC Recruitment Lathicharge | 46K Jobs Missing; 2026 Exam Calendar Empty

Hindi News Career Bihar BPSC Recruitment Lathicharge | 46K Jobs Missing; 2026 Exam Calendar Empty 17 मिनट पहले कॉपी लिंक पटना में BPSC TRE-4 भर्ती के नोटिफिकेशन की मांग कर रहे कैंडिडेट्स पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। तस्‍वीरों में दिख रहा है कि कैंडिडेट्स को सड़कों पर दौड़ा-दौड़कर पीटा गया। इस दौरान कई के सिर भी फटे गए। एक महिला कैंडिडेट को पुलिस वालों ने पैरों से भी कुचला। #WATCH | Patna, Bihar | Police resort to lathicharge to disperse the aspirants of the Teacher Recruitment Examination (TRE) 4.0 demanding the release of the examination notification for the Bihar Public Service Commission. pic.twitter.com/SqLDAX9kd5— ANI (@ANI) May 8, 2026 कैंडिडेट्स आज सुबह पटना कॉलेज से निकल BPSC दफ्तर तक मार्च करने वाले थे। पुलिस ने बीच में ही उन्‍हें रोका और जमकर लाठियां बरसाईं। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद ये छात्रों पर पहला लाठीचार्ज है। इससे पहले BPSC TRE-4 भर्ती के ही कैंडिडेट्स कई बार लाठीचार्ज का शिकार हो चुके हैं। 46 हजार भर्तियों के नोटिफिकेशन की मांग कर रहे कैंडिडेट्स राज्‍य में शिक्षक के रिक्‍त पदों के लिए 2024 में आखिरी TRE-3 भर्ती आयोजित हुई थी। इससे बाद से कैंडिडेट्स नए नोटिफिकेशन की मांग करने लगे। हालांकि, आयोग ने अभी तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। इस परीक्षा की मदद से राज्‍य में 27 हजार शिक्षकों की भर्ती की जानी है। पूर्व शिक्षामंत्री ने कहा था- इसी साल मिलेगा नोटिफिकेशन पिछले शिक्षामंत्री सुनील कुमार ने सितंबर 2025 में कहा था- TRE-4 में 26 हजार से ज्यादा पदों के लिए वैकेंसी निकाली जाएगी। अगले 4 से 5 दिन के भीतर रिक्तियां BPSC को भेज दी जाएंगी। फिर दिसंबर 2025 में उन्‍होंने कहा- हम अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाते हैं कि जनवरी के बाद TRE की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पाई है। राज्‍य में नई सरकार का भी गठन हो गया। नए शिक्षामंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है- हम सबको मिलकर बिहार को बदलना है। जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं उनकी समस्या का जल्द सामाधान किया जाएगा। एग्‍जाम कैंलेंडर से TRE-4 गायब, भड़के कैंडिडेट्स आयोग ने 2 फरवरी को BPSC की 2026 में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया। इसमें TRE-4 का जिक्र तक नहीं है। इससे कैंडिडेट्स भड़क गए और प्रदर्शन एक बार फिर शुरू हो गया। बिहार लोक सेवा आयोग के सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने कहा, ‘अभी BPSC के पास बिहार सरकार की ओर से रिकमेंडेशन नहीं आई है। यही वजह है कि BPSC-2026 के कैलेंडर में इस परीक्षा की चर्चा नहीं की गई है। सरकार नोटिफिकेशन भेजती है तो इसे आयोग के परीक्षा कैलेंडर में शामिल किया जाएगा।’ पहली बार लागू होगी डोमिसाइल नीति TRE-4 में पहली बार व्यवस्था होगी कि बिहार के युवाओं के लिए लगभग 85 फीसदी सीटें रिजर्व रहेंगी। 15 फीसदी सीटों पर दूसरे राज्य के निवासी और बिहार के वैसे लोग जिनकी मैट्रिक और इंटर की डिग्री दूसरे राज्यों की है, की भर्ती होगी। डोमिसाइल लागू होने पर बिहार के अधिक युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिल सकेगा। पहले की नियुक्तियों पर आरोप लगता रहा है कि बिहार से बाहर के युवाओं ने काफी सीटें ले लीं। —————- ये खबरें भी पढ़ें… ‘जॉनी-जॉनी, यस पापा’ बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है: कानपुर में बोले यूपी के शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय; कहा- ‘पुरानी हिंदी कविताओं में गहरे मूल्य’ उत्तर प्रदेश के हायर एजुकेशन मिनिस्टर योगेंद्र उपाध्याय पॉपुलर इंग्लिश राइम्स पर अपने बयान की वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने 5 मई को कानपुर में एक समारोह में कहा कि बच्चों की इंग्लिश राइम ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ भारतीय मूल्य और संस्कार नहीं सिखाती, बल्कि झूठ बोलना सिखाती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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'जॉनी-जॉनी, यस पापा' बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है:कानपुर में बोले यूपी...

उत्तर प्रदेश के हायर एजुकेशन मिनिस्टर योगेंद्र उपाध्याय पॉपुलर इंग्लिश राइम्स पर अपने बयान की वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने 5 मई को कानपुर में एक समारोह में कहा कि बच्चों की इंग्लिश राइम ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ भारतीय मूल्य और संस्कार नहीं सिखाती, बल्कि झूठ बोलना सिखाती है। इंग्लिश राइम्स बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है कानपुर में आयोजित शिक्षामित्र (पैरा टीचर्स और कॉन्ट्रैक्चुअल एजुकेटर्स) सम्मान समारोह के दौरान योगेंद्र उपाध्याय ने शिक्षा और संस्कारों पर अपनी बात रखी थी। इसमें उन्होंने मशहूर इंग्लिश राइम्स की आलोचना करते कहा कि ये कविताएं बच्चों को संस्कार की बजाय झूठ बोलना सीखाती है, जबकि हिंदी की बाल कविताएं बच्चों को जीवन मूल्य और संस्कार सिखाते हैं जो उनके जीने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘जॉनी जॉनी यस पापा, ईटिंग शुगर? नो पापा, टेलिंग अ लाय, नो पापा, ओपन योर माउथ, हा हा हा, ये पोएम झूठ बोलने का संस्कार देते हैं।’ मंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ी को जिन मूल्यों की जरूरत है, वो इस तरह की पश्चिमी कविताओं से नहीं मिलते। हिंदी कविताएं जीवन मूल्य सिखाते हैं योगेंद्र उपाध्याय ने एक दूसरे पोएम का उदाहरण देकर कहा कि भारतीय मूल्यों में स्वांत: सुखाय यानी खुद के सुख के लिए जगह नहीं है, बल्कि वो बहुजन हिताय की बात करता है। उन्होंने कहा कि ‘रेन रेन गो अवे, माय जॉनी वॉन्ट्स टू प्ले’ जैसी कविताओं में खुद के सुख के लिए सबकी जरूरत को नजरअंदाज करना हिंदी कविताएं नहीं सिखाती। योगेंद्र उपाध्याय ने यह भी कहा कि पुरानी हिंदी कविताएं, जिन्हें पिछली पीढ़ियां पढ़ते हुए बड़ी हुईं, उनमें जीवन के गहरे मूल्य छिपे होते थे। शिक्षकों से आग्रह किया- ‘खुद को सिर्फ शिक्षक नहीं, गुरु समझें’ अपने भाषण में उन्होंने पश्चिमी और भारतीय संस्कारों के फर्क पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की पुरानी ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें जीवन मूल्यों और संस्कारों की शिक्षा भी शामिल होती थी। उनका कहना था कि शिक्षक तभी बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित कर पाएंगे, जब वे खुद गुरु की भूमिका को समझेंगे और सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों से भी बच्चों को सही रास्ता दिखाएंगे। शिक्षामित्रों का मानदेय 10 से बढ़ाकर 18 हजार रुपए किया कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 12 शिक्षामित्रों को मानदेय बढ़ोतरी के प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे। उन्होंने बताया कि सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 18 हजार रुपए कर दिया है। मंत्री के मुताबिक इससे खासकर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में काम कर रहे शिक्षामित्रों के जीवन स्तर में सुधार होगा। साथ ही उन्होंने दोहराया कि शिक्षा को सिर्फ पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जा सकता, उसमें संस्कार और मूल्य भी शामिल होने चाहिए। ——————- ये खबर भी पढ़ें… NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 स्‍टूडेंट्स का सुसाइड:कॉलेज ने एग्‍जाम तक छुट्टी घोषित की, प्रोफेसर कहते हैं-कैंपस से बाहर जाकर सुसाइड करो NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 कॉलेज स्टूडेंट्स की सुसाइड से मौत हो गई। ये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT कुरुक्षेत्र में 16 फरवरी से 16 अप्रैल तक में हुई मौतों का आंकड़ा है। इन 4 स्टूडेंट्स ने या तो एकेडमिक या फिर फाइनेंशियल प्रेशर की वजह से अपनी जान दी। पूरी खबर पढ़ें… Source link

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National Current Affairs | Govt Job Prep 2026 Updates

20 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. बिहार कैबिनेट में 22 मंत्रियों ने शपथ ली 7 मई को बिहार में सीएम सम्राट चौधरी के कैबिनेट का विस्तार हुआ। मेगा इवेंट में नीतीश के बेटे निशांत कुमार समेत 32 मंत्री सम्राट कैबिनेट में शामिल हुए। नई कैबिनेट में बीजेपी से 15, जेडीयू से 13, LJP(R)-2, HAM और RLM से एक-एक मंत्री हैं। पहली बार में निशांत कुमार, श्रवण कुमार, विजय सिन्हा, लेसी सिंह, और दिलीप जायसवाल ने शपथ ली। निशांत कुमार पहली बार मंत्री बने हैं। समारोह में PM मोदी भी शामिल हुए। सम्राट कैबिनेट में बीजेपी कोटे से 15 मंत्रियों ने शपथ ली है। इनमें 5 नए चेहरे हैं, वहीं तीन पुराने लोगों को इस बार मौका नहीं मिला। मंगल पांडे को मंत्री पद नहीं देने के बाद भाजपा संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। इनमें बीजेपी के सीनियर लीडर मंगल पांडेय, बेगूसराय के बछवाड़ा से विधायक सुरेंद्र मेहता और प. चंपारण से नारायण प्रसाद को पद से हटाया गया है। सम्राट कैबिनेट में 5 महिला मंत्री, इनमें सबसे ज्यादा जदयू से 3 मंत्री हैं। 2. शशि शेखर वेम्पति CBFC के चेयरमैन बने 6 मई को प्रसार भारती के पूर्व CEO शशि शेखर वेम्पति को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का चेयरमैन अपॉइंट किया गया। शेखर ने प्रसून जोशी की जगह ली है, जो हाल ही में प्रसार भारती के अध्यक्ष बनाए गए हैं। वेम्पति 2017 से 2019 में राज्यसभा टीवी के CEO रहे। वेम्पति 2017 से 2022 तक प्रसार भारती के CEO थे, जिसके बाद वो यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) टेलीविजन रेटिंग एजेंसी BARC और साइंस एनफ टेक्नोलॉजी में कई पदों पर काम किया है। वेम्पति AI4India के को-फाउंडर हैं, जो डॉमेस्टिक AI इकोसिस्टम बढ़ावा देने के लिए काम करता है। वेम्पति IIT बॉम्बे-इनक्यूबेटेड पहल भारतजेन के बोर्ड में भी हैं, जो इंडिक लैंग्वेज बेस्ड AI मॉडल पर काम कर रहा है। वेम्पति को मीडिया, टेक्नोलॉजी और पब्लिक सर्विस में योगदान के लिए 2026 में सरकार ने पद्मश्री मिला। वेम्पति ने 15 साल तक इंफोसिस में काम किया। 3. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जॉइंट डिफेंस सम्मेलन में हिस्सा लिया 7 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान जयपुर में जॉइंट कमांडर्स समिट में शामिल हुए। ये दो दिनों की समिट ‘नए डोमेन में सैन्य क्षमता’ विषय पर होगी। 7 मई को ऑपरेशन सिन्दूर को भी एक साल पूरा हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये समिट सायबर, स्पेस और युद्ध से जुड़ी समझ के उभरते क्षेत्रों में चुनौतियों का मूल्यांकन करने और निर्णायक समझ को बढ़ाने के लिए है। इस समिट में युद्ध से जुड़ी जानकारी और AI-बेस्ड मिलिट्री सिस्टम पर बातचीत होगी। इस समिट का उद्देश्य भविष्य में मानवरहित सिस्टम और युद्ध के लिए टेक्नोलॉजी डेवलप करना है। समिट में डिफेंस प्रोडक्शन को स्वदेशी और आत्मनिर्भर बनाने पर बात होगी। सिविल मिलिट्री फ्यूजन और इनोवेशन इकोसिस्टम को डेवलप करने से जुड़े मुद्दों पर बात होगी। भविष्य में देश में बनने वाले डिफेंस एप्लीकेशन को समिट में प्रदर्शित किया जाएगा। इस समिट में थल सेना, नौसेना और वायु सेना के वरिष्ठ कमांडर शामिल हुए। निधन (DEATH) 4. CNN के फाउंडर टेड टर्नर का निधन 7 मई को CNN यानी केबल न्यूज नेटवर्क के फाउंडर टेड टर्नर का निधन हो गया। वे 87 साल के थे। 1980 में केबल न्यूज नेटवर्क (CNN) शुरू हुआ। ये दुनिया का पहला 24 घंटे चलने वाला न्यूज चैनल है। टेड ने केबल टेलीविजन को बदला और ग्लोबल मीडिया में सबसे ज्यादा प्रभावी शख्सियतों में शामिल रहे। टर्नर ने CNN के साथ ही कार्टून नेटवर्क, टर्नर क्लासिक मूवीज (TNC) भी लॉन्च किया। साल 1990-91 के खाड़ी युद्ध के लाइव कवरेज से CNN को दुनियाभर में पहचान मिली। टर्नर कई बड़े कारोबार और प्रोफेशल स्पोर्ट्स टीमों के मालिक भी रहे हैं। टर्नर ने ब्राउन यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया लेकिन ग्रेजुएशन पूरा नहीं किया था। मिसलिनीयस (MISCELLANEOUS) 5. मंत्री जितेंद्र सिंह ने जापान के साइंस मिनिस्टर से मुलाकात की 6 मई को राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में जापान की साइंस और टेक्नोलॉजी मिनिस्टर की शपथ ली। इस मुलाकात में कई सेक्टर्स जैसे हेल्थ और मेडिकल डिवाइस पर चर्चा की। इस बैठक में क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर-फिजिकल सिस्टम, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, क्लीन एनर्जी और बेहतर कंप्यूटिंग में भारत के नेशनल मिशन को मजबूत करेंगे। इससे जॉइंट रिसर्च, को-डेवलपमेंट और इंडस्ट्रियल पार्ट्नर्शिप बढ़ेगी। भारत और जापान का लक्ष्य दवाओं पर ग्लोबल इंडिपेंडिसी कम करना और मेडिकल और फार्मास्यूटिकल्स स्थिर पहुंच बनाना है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बैठक में हेल्थ और मेडिकल डिवाइसेस के क्षेत्र में MoU साइन किया गया है। इसके साथ ही क्वांटम साइंस और टेक्नोलॉजी में आपसी सहयोग पर सहमति जताई गई। भारत और जापान साइंस और टेक्नोलॉजी मे मिलकर साथ काम करते हैं। 6. भारत और अल्जीरिया की जॉइंट कमीशन बैठक हुई 6 मई को भारत और अल्जीरिया के बीच जॉइंट कमीशन की पहली बैठक हुई। इसकी सह-अध्यक्षता जॉइंट सेक्रेटरी अमिताभ प्रसाद और नौसेना प्रमुख मेजर जनरल कैद नूर एडिन ने की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में तीनों सेनाओं के अधिकारी इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ, डिफेंस प्रोडक्शन डिपार्टमेंट, DRDO, आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विस और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान दोनों प्रमुखों ने ट्रेनिंग, मिलिट्री एक्सरसाइज, मेडिकल को-ऑपरेशन और डिफेंस इंडस्ट्री पर बात की भारत और अल्जीरिया डिफेंस पार्टनरशिप के लिए सहमत हुए हैं। दोनों देशों ने भारत-अल्जीरिया रक्षा सहयोग के लिए साइन किए। दोनों देश जॉइंट कमीशन की बैठकों के लिए गाइडिंग फ्रेमवर्क के तौर पर काम भी करेंगे। भारत ने 2024 में डिफेंस डील साइन की थी, इसके बाद भारत और अल्जीरिया के बीच संबंध और बेहतर हुए हैं। 7. वंदे मातरम गीत के लिए प्रोटोकॉल जारी 6 मई को केंद्र सरकार ने वंदे मातरम को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने का फैसला किया है। साथ ही सरकार ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन के लिए आधिकारिक प्रोटोकॉल के लिए गाइडलाइन भी जारी की। नई गाइडलाइन के मुताबिक, वंदे मातरम का पूरा वर्जन, राजकीय समारोहों के दौरान बजाया जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव

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क्लासरूम में ग्रिल गिरने से 6वीं के छात्र की मौत:डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर...

बिहार के बेगूसराय में एक सरकारी स्कूल के भीतर हुई लापरवाही ने 12 साल के छात्र की जान ले ली। ये 6 मई को बिहार के अरवा गांव के जहानपुर सेकेंडरी स्कूल की घटना है। क्लासरूम में लोहे की ग्रिलों का ढेर गिरने से छठी क्लास के छात्र विवान राज उर्फ मुन्ना की मौके पर ही जान चली गई। पेन उठाने झुका तभी ग्रिल ढह गईं जानकारी के मुताबिक, लंच-ब्रेक के दौरान स्कूल के बरामदे में काफी भीड़ थी। भीड़ से बचने के लिए विवान पास के एक क्लासरूम में चला गया, जहां साइंस लैब बनाने के लिए लोहे की भारी ग्रिलें रखी गई थीं। इसी दौरान उसका पेन ग्रिलों के पास गिर गया। जैसे ही वह पेन उठाने के लिए झुका, ग्रिलों का पूरा ढेर अचानक उस पर गिर पड़ा। नुकीली ग्रिलें उसके सिर में धंस गईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद टीचर्स मौके से भागे घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। खबर फैलते ही ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। स्कूल पहुंचकर ग्रामीणों ने स्कूल का घेराव किया। हालात बिगड़ता देख कई टीचर्स मौके से भाग गए। आरोप है कि गुस्साए लोगों ने स्कूल के हेडमास्टर अमित कुमार और कंप्यूटर टीचर अवनीश कुमार को घेर लिया और उनके साथ मारपीट भी की। लोगों ने छात्र का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया मामले की सूचना मिलते ही बछवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ को काबू करने के लिए तेघड़ा और भगवानपुर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। गुस्साए लोगों ने छात्र का शव सड़क पर रखकर कई घंटों तक जाम रखा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को कार्रवाई और मुआवजे का भरोसा दिया, तब जाकर प्रदर्शन खत्म हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लापरवाही के लिए स्कूल प्रिंसिपल को सस्पेंड किया जिला प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में स्कूल प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। इसके बाद बेगुसराय के डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर मनोज कुमार ने स्कूल प्रिंसिपल अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 स्‍टूडेंट्स का सुसाइड:कॉलेज ने एग्‍जाम तक छुट्टी घोषित की, प्रोफेसर कहते हैं-कैंपस से बाहर जाकर सुसाइड करो NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 कॉलेज स्टूडेंट्स की सुसाइड से मौत हो गई। ये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT कुरुक्षेत्र में 16 फरवरी से 16 अप्रैल तक में हुई मौतों का आंकड़ा है। इन 4 स्टूडेंट्स ने या तो एकेडमिक या फिर फाइनेंशियल प्रेशर की वजह से अपनी जान दी। पूरी खबर पढ़ें… Source link

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NIT Kurukshetra Student Suicides | Academic & Financial Pressure

Hindi News Career NIT Kurukshetra Student Suicides | Academic & Financial Pressure 3 मिनट पहलेलेखक: सोनाली राय कॉपी लिंक NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 कॉलेज स्टूडेंट्स की सुसाइड से मौत हो गई। ये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT कुरुक्षेत्र में 16 फरवरी से 16 अप्रैल तक में हुई मौतों का आंकड़ा है। इन 4 स्टूडेंट्स ने या तो एकेडमिक या फिर फाइनेंशियल प्रेशर की वजह से अपनी जान दी। 2 महीने में 4 मौतें हुईं 16 अप्रैल को कॉलेज के हॉस्टल में एक स्टूडेंट दीक्षा दुबे ने सुसाइड किया। दीक्षा AI एंड डेटा साइंस की फर्स्ट सेमेस्टर की स्टूडेंट थी। वो बिहार के बक्सर की रहने वाली थी। कॉलेज में इससे पहले भी 3 मौतें हुईं। कॉलेज में 16 फरवरी को 19 साल के कंप्यूटर इंजीनियरिंग के एक छात्र अंगोड़ शिवा ने अपनी जान दी थी। शिवा तेलंगाना से NIT कुरुक्षेत्र पढ़ने आए था। 31 मार्च को 22 साल का इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र पवन कुमार ने सुसाइड किया। पवन हरियाणा के नूंह जिले का रहने वाला था। 8 अप्रैल को NIT से सिविल इंजीनियरिंग कर रहे थर्ड ईयर के एक छात्र प्रियांशु वर्मा ने सुसाइड किया। सुसाइट नोट मिला पर उससे सुसाइड की वजह साफ नहीं है। प्रियांशु हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला था। दो और स्टूडेंट ने जान देने की कोशिश की इसके अलावा इस बीच और दो स्टूडेंट ने भी जान देने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें बचा लिया गया। एकेडमिक और फाइनेंशियल प्रेशर झेल रहे हैं स्टूडेंट्स कॉलेज स्टूडेंट काउंसिल के मेंबर ने नाम न छापने की शर्त पर हमसे बात की। बताया कि कुछ स्टूडेंट्स ने कॉलेज में री-एग्जाम सिस्टम के प्रेशर में आकर सुसाइड किया है। कुछ ने क्रेडिट कार्ड और ऑनलाइन बेटिंग की वजह से फाइनेंशियल ट्रैप में फंसकर अपनी जान दी। इन मौतों का सीधा कारण भले एकेडमिक और फाइनेंशियल प्रेशर हो, पर इसका दूसरा पहलू कॉलेज में मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम की कमी भी बताता है। सुसाइड मामलों की जांच को लेकर प्रोटेस्ट कैंपस में हालिया मौतों और उसके प्रति कॉलेज प्रशासन के रवैये के खिलाफ कॉलेज के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं। इस प्रोटेस्ट में कैंपस में हुए सुसाइड समेत कई मुद्दों को उठाया, जिसमें इन मौतों की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई। इसके अलावा एकेडमिक प्रेशर बढ़ाने वाले रि-एग्जाम सिस्टम को बदलने और कैंपस में मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम बहाल और दुरुस्त करने की मांग की। NIT कुरुक्षेत्र में सुसाइड से हुई मौतें के बाद कॉलेज के छात्रों ने 16 अप्रैल को प्रोटेस्ट किया। स्टूडेंट्स का कहना है कि कॉलेज में अब तक कोई खास मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम नहीं है। एक स्टूडेंट ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘एक काउंसलर हैं, पर वो भी कॉलेज में बहुत कम दिखती हैं।’ कॉलेज प्रशासन ने कैंपस खाली कराया कॉलेज प्रशासन ने सेमेस्टर ब्रेक से पहले ही कॉलेज बंद कर दिया और स्टूडेंट्स को घर लौट जाने की हिदायत दी। इसके साथ ही नोटिस जारी कर स्टूडेंट्स को अगस्त में सीधे परीक्षा में शामिल होने का आदेश जारी किया है। स्टूडेंट्स को मंहगी दरों पर क्रेडिट कार्ड दे रहे थे स्टूडेंट प्रोटेस्ट की खबर के बाद हरियाणा राज्य महिला आयोग (HSCW) की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने 28 अप्रैल को कैंपस विजिट कर स्टूडेंट्स से बात की। उनकी जांच में महंगी किश्तों पर क्रेडिट कार्ड लेने और ऑनलाइन बेटिंग-गैंब्लिंग की बात भी सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्राइवेट बैंक स्टूडेंट्स को सिर्फ आईडी कार्ड पर 36% इंट्रस्ट रेट पर क्रेडिट कार्ड दे रहे थे। इससे छात्र ऑनलाइन बेटिंग एप्स पर पैसा लगा रहे थे और हार के बाद कर्ज में डूबने पर प्राइवेट मनी लेंडर्स से पैसे लेकर उन्हें पैसे चुका रहे थे। एक तरह के लूप में फंसने के बाद उन्होंने अपनी जान दे दी। स्टूडेंट बोले- ‘काउंसलर थे, लेकिन जरूरत में उन तक पहुंच नहीं’ कॉलेज के PRO और हाल में डीन ऑफ एकेडमिक्स चुने गए जीयान भूषण का कहना है कि जांच में सबके सुसाइड के अलग-अलग कारण मिले हैं। रेनू भाटिया ने एक रिपोर्ट में कहा कि सुसाइड करने वाले दो लड़कों के मामले में ये बात सामने आई है कि वे जुए में लिप्त थे और कर्ज में डूब गए थे। उनके सुसाइड नोट में फाइनेंशियल प्रेशर का जिक्र है। कॉलेज स्टूडेंट्स की मौत का कारण भले एक न हो, लेकिन सभी में सुसाइड की वजह कॉमन थी और वो है मेंटल स्ट्रेस। लेकिन कॉलेज में समय रहते काउंसलर तक उनकी पहुंच नहीं थी। इस बारे में पूछने पर कॉलेज के वर्तमान PRO जीयान भूषण ने बताया कि पिछले तीन साल से कॉलेज में काउंसलर की व्यवस्था है। 2025 में काउंसलर और साइकोलॉजिस्ट अंजलि तनेजा को अपॉइंट किया गया था। ऐसे में स्टूडेंट्स का कहना है कि ये सब कागजी है लेकिन एक प्रॉपर सिस्टम नहीं है, जो वाकई में बच्चों की मदद कर सके। स्टूडेंट्स ने बताया कि पहले भी कॉलेज में साइकोलॉजिस्ट थे। जब हम खुद अप्रोच करते थे तब बात हो पाती थी, लेकिन उन तक हमारी पहुंच इतनी भी आसान नहीं थी। वे सिर्फ गिने-चुने दिनों में कुछ घंटों के लिए अवेलेबल होते थे। प्रोफेसर कहते हैं- कैंपस से बाहर जाकर सुसाइड करो कॉलेज ने प्रोटेस्ट के बाद सुसाइड मामला हाइलाइट होते ही कॉलेज बंद किया। इस पर स्टूडेंट्स का कहना है कि कॉलेज ब्रॉडर सिस्टेमेटिक प्रॉब्लम को एड्रेस करने और इसकी जिम्मेदारी लेने की बजाय इससे भाग रहा है। किसी प्रोफेसर ने बच्चों से ये तक कहा कि अगर सुसाइड करना है तो कैंपस के बाहर करो। प्रोटेस्ट में स्टूडेंट्स ने कहा- दीक्षा को बिना चेक किए, खिड़की से देखकर ही मृत घोषित कर दिया। कॉलेज ने मामले की जांच के लिए इंटरनल पैनल बनाया। हालांकि, स्टूडेंट्स का कहना है कि जांच में क्या सामने आया इस तरह की कोई जानकारी या रिपोर्ट पब्लिक नहीं की गई है। कॉलेज का कहना है कि रिपोर्ट सम्बंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है। प्रोफेसर जीयान ने बताया कि कैंपस में क्रेडिट कार्ड सिस्टम बंद कर दिया गया है। NIT के ऑफिशिएटिंग डायरेक्टर के मुताबिक, स्टूडेंट्स के मेंटल हेल्थ हेल्थ सपोर्ट के लिए तीन कमिटी बनाई गई है, जिनमें से एक स्टूडेंट से वन ऑन वन

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BEL Army Radar Device | Enemy Detection 7 May Current Affairs

25 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… 1. क्लेयर मजूमदार बायोकॉन की नई चेयरपर्सन होंगी 6 मई को बायोफार्मास्युटिकल कंपनी बायोकॉन की फाउंडर और चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने अपनी भांजी क्लेयर मजूमदार को उत्तराधिकारी बनाया। फॉर्च्यून इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में किरण ने कहा कि क्लेयर कंपनी के अगले फेज को लीड करेंगी। क्लेयर मजूमदार फिलहाल ‘बिकारा थेरेप्यूटिक्स’ की फाउंडर और CEO हैं। बिकारा का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.6 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। क्लेयर ने MIT और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और उन्होंने कैंसर बायोलॉजी में पीएचडी की है। क्लेयर रिले थेरेप्यूटिक्स और नूरा हेल्थ के बोर्ड में भी कार्यरत हैं, जो परिवार के केयर टेकर्स को ट्रेनिंग देकर रोगियों के बेहतर सुधार लाने के लिए काम करती है। बायोकॉन की स्थापना 1978 में किरण मजूमदार ने की थी, इसका हेडक्वाटर्र बेंगलुरू में हैं। बायोकॉन मुख्य रूप से बायोसिमिलर्स, इंसुलिन, जेनेरिक फॉर्मूलेशन बनाती है। बायोकॉन 120 से ज्यादा देशों में काम करती है, जिसमें यूएस और नॉर्थ अमेरिका मुख्य हैं। किरण मजूमदार (दाएं) शॉ ने चार दशक पहले बायोकॉन की नींव रखी थी, उनकी अपनी कोई संतान नहीं है। क्लेयर मजूमदार (बाएं) उनकी भांजी हैं। 2. कुमार मंगलम बिड़ला Vi के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने 5 मई को वोडाफोन-आइडिया (Vi) के बोर्ड ने कुमार मंगलम बिड़ला को कंपनी का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन का पद दिया। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कुमार मंगलम बिड़ला के नाम की जानकारी दी। वर्तमान चेयरमैन रविंद्र टक्कर के पद छोड़ने के बाद कुमार मंगलम को अपॉइंट किया गया है। रविंद्र टक्कर अब बोर्ड में सिर्फ नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर रहेंगे। कुमार मंगलम अपने पिता आदित्य विक्रम बिड़ला की मौत के बाद 1995 में आदित्य बिरला ग्रुप से जुड़े थे। कुमार मंगलम चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और लंदन बिजनेस स्कूल से उन्होंने MBA किया है। 2012 में फोर्ब्स ने कुमार मंगलम को आंत्रप्रन्योर ऑफ द ईयर अवॉर्ड दिया। 2020 में में फोर्ब्स ने कुमार मंगलम को भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल किया। कुमार मंगलम को 2023 में भारत सरकार ने बिजनेस में योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया है। वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vi ) वोडाफोन आइडिया लिमिटेड को Vi के नाम से जाना जाता है, वोडाफोन इंडिया और आइडिया के मर्जर से 2018 में बनी एक प्रमुख टेलिकॉम कंपनी है। ये पूरे भारत में मोबाइल और ब्रॉडबैंड सर्विस देती है। देश के सबसे बड़े दूरसंचार ऑपरेटरों में से एक है। इसका हेडक्वाटर्र मुंबई में है। हाल ही में टेलीकॉम विभाग (DoT) ने वोडाफोन-आइडिया के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) में करीब 20,000 करोड़ रुपए की कटौती की है। कुमार मंगलम के चेयरमैन बनने की खबर के बाद कंपनी के शेयर 8% चढ़ चुके हैं। 3. इंडियन आर्मी और BEL ने 1476 करोड़ का MoU साइन किया 5 मई को रक्षा मंत्रालय ने इंडियन आर्मी के लिए पांच ग्राउंड-आधारित मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की खरीद के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), हैदराबाद के साथ 1,476 करोड़ के MoU पर साइन किया। नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में ये MoU साइन किया गया। MoU के तहत, इंडियन आर्मी के लिए 5 ग्राउंड-बेस्ड मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम (GBMES) की खरीद होगी। इस MoU के तहत GBMES को बनाने में 72% स्वदेशी सामाग्री इस्तेमाल होगी। GBMES दुश्मन के राडार का पता लगाने में मदद करेंगे और सिग्नलस को एनालाइज करेंगे। GBMES रियल टाइम इंटेलिजेंस और परस्थिति के अनुकूल काम कर सकेगा। GBMES एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर कैपिसिटी को बढ़ाने में मदद करेगा। GBMES से मिलिट्री कैपिसिटी, नेटवर्किंग और युद्ध क्षमता बढ़ेगी। GBMES एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में आसान होगा। ये ट्रक के जरिए तेजी से अलग-अलग जगह तैनात किया जा सकेगा। GBMES इंडियन आर्मी को मॉर्डन बनाएगा और एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के साथ अपग्रेड करेगा। GBMES आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देगा। ये घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा जिससे आयात निर्भरता कम होगी। 4. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने की मंजूरी दी 5 मई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली में एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी। यदि विधेयक पास हो जाता है तो भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को छोड़कर, सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या को वर्तमान 33 से बढ़ाकर 37 कर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्रीमंडल सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों के अधिनियम, 1956) में संशोधन करना चाहता है। सुप्रीम कोर्ट में 70 हजार से ज्यादा पेंडिंग मामले हैं उनका बैकलॉग कम हो सकेगा। जजों के बढ़ने से एक साथ ज्यादा बेंचें बैठ सकेंगी। नए जजों की नियुक्ति कॉलेजियम सिस्टम के जरिए की जाएगी कॉलेजियम में शामिल-1. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)2. सीनियर सुप्रीम कोर्ट जज3. भारत के राष्ट्रपति द्वारा औपचारिक नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट एक्ट 1956 सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) 1956 अधिनियम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124(1) के अंतर्गत आता है। इसे 16 सितंबर 1956 को संसद में पारित किया गया था। अधिनियम के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या को विनियमित किया जा सकता है और बढ़ाया भी जा सकता है। 1956 में इस अधिनियम के लागू होने पर सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अलावा जजों की संख्या 10 तय की गई थी। इसमें कई बार संशोधन भी किया गया है, 2019 में इसमें आखिरी बार संशोधन किया गया था। 5. UIDAI ने नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के साथ MoU साइन किया 5 मई को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU)के साथ 5 साल के लिए एक MoU साइन किया। ये पार्ट्नर्शिप डिजिटल फोरेंसिक, साइबर सिक्योरिटी और बेहतर टेक्नोलॉजी रिसर्च के क्षेत्र में काम करने के लिए की गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय ने कहा कि MoU सहयोग के लिए एक बेहतर स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। ये समझौता AI (आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस), ब्लॉकचेन, डीपफेक डिटेक्शन और क्रिप्टोग्राफिक टेक्नोलॉजी के लिए जॉइंट रिसर्च करेगा। ये MoU छह स्ट्रेटजिक पिलर एकेडमिक

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