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रामगढ़ जिले के भदानीनगर स्थित देवरिया गांव में मंडा पर्व पूरे उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह पर्व तीन दिनों तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पर्व के दौरान शिवभक्तों ने शिवालय में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद अहले सुबह नदी में स्नान कर अग्नि पूजन की परंपरा निभाई गई। पूरे आयोजन के दौरान गांव में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा। दहकते अंगारों पर नंगे पैर चले भोक्ता-शोकताइन मंडा पर्व की सबसे प्रमुख परंपरा के तहत भक्तों ने दहकते अंगारों पर चलकर अपनी आस्था का प्रदर्शन किया। इस कठिन अनुष्ठान में 90 भोक्ता और 92 शोकताइन शामिल हुए, जिन्होंने नंगे पैर अंगारों पर चलकर भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा दिखाई। इस दौरान कई शोकताइन अपने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में उठाकर भी अंगारों पर चलीं, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का अद्भुत दृश्य बन गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। छऊ नृत्य ने बांधा समा, कलाकारों ने किया मंत्रमुग्ध पर्व के अवसर पर रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। बंगाल से आए छऊ नृत्य कलाकारों की टीम ने देवी-देवताओं के मुखौटे पहनकर रामायण और महाभारत की लीलाओं का मंचन किया। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और देर रात तक लोग कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। इस आयोजन का उद्घाटन बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मनोज राम, राजेंद्र मुंडा और रोहित मुंडा ने संयुक्त रूप से किया। लोक संस्कृति का प्रतीक है मंडा पूजा इस मौके पर विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि मंडा पूजा झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में एकता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। मेले के सफल आयोजन में अध्यक्ष लाल बिहारी मांझी, कोषाध्यक्ष विजेंद्र महतो, सचिव अजय साहू समेत कई स्थानीय लोगों का अहम योगदान रहा। सभी के सहयोग से यह आयोजन शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न हुआ।
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