भास्कर न्यूज| गुमला जिले के पालकोट थाना अंतर्गत कोलेग नवाडीह गांव में अंधविश्वास का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। यहां एक ही परिवार के चार लोगों ने एक महिला को डायन बताते हुए लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा और उसे बचाने आई उसकी बेटी को पत्थर मारकर मरणासन्न कर दिया। फिलहाल घायल बेटी का इलाज सदर अस्पताल गुमला में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पीड़िता चांदमुनी देवी पति छोटेलाल साहू ने बताया कि घटना बीते शुक्रवार 08 मई 2026 शाम लगभग 5 बजे की है। चांदमुनी अपने भाई-भाभी को छोड़ने के लिए गांव के ही एतवा बडाइक के घर गई थी। इसी दौरान गांव के सुकरमनी देवी, सुषमा देवी, पिंकी कुमारी और बच्चा कैथ लाठी-डंडों से लैस होकर वहां पहुंच गए। आरोपियों ने चांदमुनी को देखते ही डायन-बिसाही के अपशब्द कहे और उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर घसीटने लगे। आरोपियों ने उसे लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। जब मां को पिटता देख उसकी बेटी इन्द्राणी देवी (ग्राम तिर्रा निवासी), जो अपनी मां के घर मेहमान आई थी, बीच-बचाव करने पहुंची, तो हमलावरों ने उस पर भी हमला बोल दिया। आरोप है कि सुषमा देवी ने इन्द्राणी के सिर पर एक बड़े पत्थर से वार किया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। इतना ही नहीं, हमलावरों ने उसे दांतों से भी बुरी तरह काटा। बेहोश इन्द्राणी को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पालकोट ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया। बेटी ने कहा-जान से मारने की िमल रही धमकी, सुरक्षा दें चांदमुनी देवी ने आरोप लगाया है कि आरोपी उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा वे लोग 10-12 अन्य लोगों के साथ मिलकर रात में मेरा सिर काटकर फेंक देने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार अब दहशत में जीने को मजबूर है। चांदमुनी देवी ने एसपी और थाने में आवेदन देकर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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