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अपात्र राशन कार्डधारियों को हर हाल में चुकानी होगी अनाज की कीमत




राज्यभर में अपात्र राशन कार्डधारियों के खिलाफ खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की कार्रवाई तेज हो गई है। जिला प्रशासन के माध्यम से सभी जिलों में अपात्र लाभुकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस के साथ वर्षों तक लिए गए राशन की कीमत 12 प्रतिशत ब्याज सहित जमा करने का निर्देश दिया गया है। कई मामलों में लाभुकों को एक लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक जमा करने का नोटिस मिला है। इससे राज्यभर में हड़कंप मचा हुआ है और नोटिस पाने वाले लोग राहत का रास्ता तलाश रहे हैं। हालांकि खाद्य आपूर्ति विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन लाभुकों को अपात्र पाते हुए नोटिस जारी किया गया है, उन्हें हर हाल में सरकारी अनाज की राशि चुकानी होगी। अधिकारी के अनुसार अपात्र व्यक्ति पात्र लाभुकों के हिस्से के राशन पर दावा नहीं कर सकते, इसलिए वसूली से बचने का कोई प्रावधान नहीं है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी लाभुक को लगता है कि उसे गलत तरीके से अपात्र घोषित कर नोटिस जारी किया गया है, तो वह संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। जांच में पात्रता सही पाए जाने पर विभाग मामले की समीक्षा करेगा और आवश्यकता होने पर निर्णय में संशोधन भी किया जा सकता है। अगर कोई अपात्र की श्रेणी में है तो उसे कार्ड सरेंडर कर देना चाहिए किसी अपात्र लाभुक को नोटिस जारी कर जुर्माने की राशि भरने के लिए कहा गया है। इससे राहत मिल सकती है या नहीं ? -अगर यह तय है कि अपात्र लाभुक ने जन वितरण प्रणाली से राशन उठाया है तो उनके किसी भी आवेदन पर विचार नहीं होगा। उसे हर हाल में जुर्माने की राशि भरनी होगी। क्या जुर्माने की राशि को कम किया जा सकता है? -नहीं जुर्माने की राशि को कम नहीं किया जा सकता है। क्योंकि उनके द्वारा उठाए गए राशन की गणना कर जुर्माने की राशि तय की गई है। अगर कोई समझता है कि वह पात्र उपभोक्ता है, लेकिन उसे अपात्र मानकर नोटिस जारी किए गया है तो उसकी बात सुनी जाएगी या नहीं? -अगर नोटिस पाने वाला कोई अपात्र उपभोक्ता अपने आप का पात्र मानता है तो उसकी बात सुनी जाएगी। नोटिस पाने वाले ऐसे उपभोक्ता को क्या करना होगा? -अपने आप को पात्र उपभोक्ता समझने वाले को प्रर्याप्त संबंधित कागजात के साथ जिले के अधिकारी से संपर्क अपनी बात बतानी होगी और दस्तावेज दिखाने होंगे। पुन: जांच में दावा सही पाए जाने पर राहत मिल सकती है। भविष्य में ऐसे अपात्र उभोक्ताओं को नोटिस और जुर्माने से बचने के लिए क्या करना होगा? – जिन लोगों को नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। अगर वे समझते हैं कि वे अपात्र उपभोक्ता की श्रेणी में शामिल हैं तो उन्हें नोटिस मिलने के पहले ही अपना राशन कार्ड सरेंडर कर देना चाहिए क्योंकि नोटिस मिलने के बाद राहत मिलना मुश्किल है। कार्ड सरेंडर करने के लिए विभाग की ओर से अभियान भी चलाया जाएगा। कार्डधारियों की संख्या कार्ड का प्रकार कुल कार्ड कुल सदस्य पीएचएच 5109297 22907858 एएवाई 877332 3346937 ग्रीन कार्ड 806829 249853



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