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अब नहीं अटकेगा कर्मियों का वेतन, ट्रेजरी घोटाले के बाद वित्त विभाग...


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  • Employees' Salaries Will No Longer Be Held Up; The Finance Department Has Issued New Guidelines Following The Treasury Scandal, And A New SOP Has Been Created For Payments.

रांची20 घंटे पहले

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प्रोफाइल ‘फ्रीज’ होने से अटकता था वेतन, परेशानी दूर करने को बदली व्यवस्था

राज्य में हुए ट्रेजरी घोटाले के बाद राज्य सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर नई गाइडलाइन बनाई है। इससे पहले घोटाला सामने आने पर वित्त विभाग ने विभिन्न तरह की सत्यापन व्यवस्था लागू की थी।

उससे कर्मियों के वेतन भुगतान में काफी विलंब हो हो रहा था। इसलिए अब नई व्यवस्था हुई है। वेतन भुगतान में आगे गड़बड़ी न हो, इसके लिए वित्त विभाग ने एक एसओपी तैयार की है। सरकारी कर्मचारियों के मास्टर डेटाबेस में छेड़छाड़ कर अवैध तरीके से वेतन निकासी की संभावना को खत्म करने के लिए एक चेक लिस्ट बनाई गई है। उसी को फॉलो कर ट्रेजरी पे बिलों का भुगतान करेगा।

प्रधान महालेखाकार की रिपोर्ट से गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा होने के बाद वित्त विभाग ने इम्प्लॉय मास्टर डेटा को सुरक्षित करने के लिए दिशा-निर्देश व एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी किया है। संयुक्त सचिव ज्योति कुमारी झा के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के तहत अब डेटा में किसी भी तरह का बदलाव पूरी तरह से नियंत्रित और ऑनलाइन होगा।

दरअसल, वर्तमान आईएफएमएस प्रणाली के अंतर्गत मार्च-अप्रैल से वेतन निकासी के साथ ही डीडीओ स्तर से कर्मचारियों के प्रोफाइल को ‘फ्रीज’ किया जा रहा है। इस कारण से वेतन भुगतान की प्रक्रिया के दौरान कर्मचारी के प्रोफाइल में कोई भी बदलाव संभव नहीं था। इसके कारण कर्मचारियों का प्रमोशन, पदनाम परिवर्तन, ट्रांसफर, वेतन संशोधन और बैंक अकाउंट डिटेल्स जैसे जरूरी अपडेट समय पर नहीं हो पा रहे थे। इससे अगले महीने का वेतन अटकने की आशंका बनी रहती थी। इसी परेशानी को दूर करने और डेटा से छेड़छाड़ रोकने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।

वित्त विभाग ने कर्मचारियों के डेटा को दो मुख्य हिस्सों में बांटा है। दोनों के लिए अलग-अलग नियम तय किए गए हैं। बेसिक प्रोफाइल में कर्मचारी का जीपीएफ नंबर, नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर, पैन नंबर, मोबाइल नंबर, जेंडर और नॉमिनी जैसी स्थायी जानकारियां रहेंगी। जीपीएफ नंबर और नाम में संशोधन की प्रक्रिया पहले की तरह ही पेंशन एवं लेखा निदेशालय के स्तर से होगी।

जो अन्य जानकारियों को डीडीओ द्वारा फ्रीज किया गया है, उनमें सुधार के लिए कर्मचारी को ईम्प्लोयी पोर्टल के जरिए ऑनलाइन रिक्वेस्ट करना होगा। डीडीओ इसे अप्रूव कर पेंशन एवं लेखा निदेशालय को ऑनलाइन फॉरवर्ड करेंगे और वहीं से अंतिम संशोधन किया जाएगा। सैलरी और पोस्टिंग प्रोफाइल में कर्मचारी का पदनाम, पोस्टिंग स्थान, बेसिक पे, पे बैंड, पे लेवल, बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड होगा। प्रोफाइल में जैसे ही कोई बदलाव होगा, उसकी सूचना तुरंत कर्मचारी के मोबाइल पर एसएमएस के जरिए चली जाएगी।



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