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UNSC News: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवादियों की लिस्टिंग और डीलिस्टिंग की प्रक्रिया में राजनीतिक दखल पर कड़ी आपत्ति जताई है. भारत ने कहा कि आतंकियों पर कार्रवाई पारदर्शी, निष्पक्ष और ठोस सबूतों के आधार पर होनी चाहिए. बिना नाम लिए भारत का निशाना चीन और पाकिस्तान पर था. चीन UNSC की 1267 कमेटी में पाकिस्तान स्थित आतंकियों को सूचीबद्ध करने के प्रस्तावों पर कई बार तकनीकी रोक लगा चुका है.
UNSC में भारत का तगड़ा रगड़ा: पाकिस्तान के आतंकियों को बचाने की साजिश पर कसा शिकंजा
India Slams Pakistan at UNSC: यूएनएससी यानी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने एक बार फिर हुंकार भरी है. यूएनएससी में चीन और पाकिस्तान पर भारत एक साथ बरसा है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आतंकियों की लिस्टिंग को लेकर चीन और पाकिस्तान पर निशाना साधा है. भारत ने कहा कि आतंकियों को सूचीबद्ध करने या उनका नाम हटाने की प्रक्रिया में राजनीति नहीं होनी चाहिए. ऐसे फैसले पारदर्शी और ठोस सबूतों के आधार पर होने चाहिए. भारत का यह बयान चीन की ओर से पाकिस्तान स्थित आतंकियों को UNSC की प्रतिबंध सूची में डालने के प्रस्तावों पर लगाई जाने वाली तकनीकी रोक के बीच आया है.
दरअसल, यूएनएससी में भारत की सीडीए यानी कार्यवाहक राजदूत योजना पटेल ने पाकिस्तान-चीन का नाम लिए बगैर उन्हें अच्छे से धोया है. उन्होंने सुरक्षा परिषद में आतंकियों की लिस्टिंग-डीलिस्टिंग को राजनीति से दूर रखने की हिदायत दी है. साथ ही राजनीतिक दखल पर कड़ी आपत्ति जताई. भारत ने बिना नाम लिए बिना कहा कि सुरक्षा परिषद की सदस्यता का इस्तेमाल आतंकियों को बचाने या उन्हें डीलिस्ट कराने के लिए नहीं होना चाहिए.
भारत ने कैसे लगाई फटकार
भारत की राजदूत योजना पटेल के मुताबिक, ‘ऐसे फैसले पारदर्शी, निष्पक्ष और ठोस सबूतों के आधार पर होने चाहिए, न कि राजनीतिक हितों के आधार पर. दरअसल ,भारत का इशारा मुख्य तौर पर उन मामलों की ओर है, जहां चीन ने पाकिस्तान स्थित आतंकियों को यूएनएससी की 1267 कमेटी में सूचीबद्ध करने के प्रस्तावों पर रोक लगाई है.
चीन ने लगाया है अड़ंगा
दरअसल, चीन ने बार-बार तकनीकी रोक (Technical Hold) या आपत्तियों का इस्तेमाल किया है.अक्सर वह सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों में अकेला ऐसा देश रहा है, जिसने पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों और संगठनों को 1267 व्यवस्था के तहत प्रतिबंधित घोषित करने की प्रक्रिया को टालने या रोकने की कोशिश की.
चीन है यूएनएससी का मुख्य सदस्य
इनमें मुख्य रूप से लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और उनसे जुड़े संगठन या उनके फ्रंट शामिल रहे हैं. गौरतलब है कि चीन यूएनएससी यानी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का स्थाई सदस्य है, जबकि पाकिस्तान इस साल के अंत तक अस्थाई सदस्य बना रहेगा.
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Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…
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