Last Updated:
आगरा में ईदगाह रेलवे स्टेशन के पास अंग्रेजों के जमाने की पानी की टंकी आज भी इतिहास की गवाही दे रही है. ककइया ईंटों से बनी यह टंकी कभी जलापूर्ति का अहम साधन थी. समय के साथ शहर का विस्तार हुआ और पानी की आपूर्ति के आधुनिक साधन विकसित होते गए. इसके बाद इस टंकी का उपयोग धीरे-धीरे बंद हो गया. पिछले कई वर्षों से यह टंकी मुख्य रूप से एक पुरानी ऐतिहासिक संरचना के रूप में ही नजर आती है.
आगराः उत्तर प्रदेश का आगरा अपनी ऐतिहासिक विरासत और प्राचीन इमारतों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. मुगलकाल में यहां सैकड़ों भव्य इमारतों का निर्माण हुआ, वहीं ब्रिटिश शासन के दौर में भी शहर में कई ऐसी संरचनाएं बनाई गईं, जो आज इतिहास की गवाही दे रही हैं. आगरा के ईदगाह रेलवे स्टेशन के पास बनी अंग्रेजों के जमाने की पानी की टंकी भी इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है. कभी यह ऊंची पानी की टंकी आसपास के बड़े क्षेत्र में जलापूर्ति का महत्वपूर्ण माध्यम हुआ करती थी. टंकी में पानी जमा किया जाता था और इसके जरिए आसपास के इलाकों में पानी की सप्लाई की जाती थी.
दूर से देखने पर इंडिया गेट की तरह आता है नजर
उस दौर में यह स्थानीय जल व्यवस्था का अहम हिस्सा थी. समय के साथ शहर का विस्तार हुआ और पानी की आपूर्ति के आधुनिक साधन विकसित होते गए. इसके बाद इस टंकी का उपयोग धीरे-धीरे बंद हो गया. पिछले कई वर्षों से यह टंकी मुख्य रूप से एक पुरानी ऐतिहासिक संरचना के रूप में ही नजर आती है. बेहद ऊंचाई पर बनी होने के कारण यह दूर से ही लोगों का ध्यान आकर्षित करती है. बदलते आगरा के बीच खड़ी यह ब्रिटिशकालीन टंकी शहर के पुराने दौर और उसकी जल व्यवस्था की याद दिलाती है.
ककईया (अकबरी ईंट) की बनी हुई है यह टंकी की ईमारत
आगरा के ईदगाह रेलवे स्टेशन के पास वर्षों पुरानी पानी की टंकी आज भी अपने ऐतिहासिक स्वरूप के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित करती है. स्थानीय स्तर पर इस टंकी को अंग्रेजों के जमाने की बताया जाता है. इसकी सबसे खास बात इसकी निर्माण शैली और इसमें इस्तेमाल हुई पुरानी ईंटें हैं. बताया जाता है कि टंकी की इमारत ककइया ईंटों से बनी है, जिन्हें कई लोग अकबरी ईंट के नाम से भी जानते हैं. लाल रंग की इन मजबूत ईंटों से बनी ऊंची संरचना दूर से किसी आकर्षक ऐतिहासिक इमारत जैसी नजर आती है. समय के साथ शहर में जलापूर्ति के आधुनिक साधन विकसित हुए और इस तरह की पुरानी टंकियों का उपयोग कम होता गया. हालांकि, यह टंकी आज भी आगरा के पुराने दौर की याद दिलाती है और शहर की ऐतिहासिक विरासत का एक अनोखा हिस्सा दिखाई देती है….
About the Author
Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
और पढ़ें