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भारत की रणनीतिक दूरदृष्टि में फ्रांस का एक खास स्थान है, जबकि स्लोवाकिया की पीएम मोदी की यात्रा एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है तथा यह दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को और आगे बढ़ाएगी. यह 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की पहली यात्रा होगी.
पीएम मोदी फ्रांस में इमैनुएल मैक्रों के साथ कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस अपने पहले चरण के दौरे के लिए पहुंच चुके हैं और फ्रांस में पहले चरण के दौरे में उनका फोकस भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी, नवाचार, प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप सहयोग को नई गति देने पर रहेगा. प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे. रविवार को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु “Bharat Innovates” पहल होगी. दोपहर 2:30 बजे राष्ट्रपति मैक्रों के साथ वह इस कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन करेंगे. यह पहल भारत की इनोवेशन यात्रा को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है. इसके तहत भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम, डीप-टेक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और भारतीय प्रतिभाओं के वैश्विक योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा.
कार्यक्रम में उन्नत कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, एग्री-टेक, ऊर्जा, स्थिरता, स्वास्थ्य, इंडस्ट्री 4.0, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्रों से जुड़े भारतीय स्टार्टअप अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे. साथ ही दुनिया भर की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष सीईओ और निवेशक भी इसमें भाग लेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि इस मंच पर कई निवेश और कारोबारी समझौते भी आकार ले सकते हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच होने वाली व्यापक वार्ता में रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आर्थिक सहयोग और इंडो-पैसिफिक सहित विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी की समीक्षा की जाएगी. दोनों नेता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे.
“Bharat Innovates” कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी शाम 4:10 बजे से 5:10 बजे तक राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. इसके बाद राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा आयोजित लंच में शामिल होंगे. फ्रांस के पहले चरण के दौरे का समापन कर प्रधानमंत्री रविवार रात 8:30 बजे नीस से वियना होते हुए स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा के लिए रवाना होंगे. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और फ्रांस रक्षा, AI, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और उच्च प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की मुलाकात दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
भारत और फ्रांस ने फरवरी 2026 में अपने संबंधों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक पहुंचाया था. इसी दौरान दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष का शुभारंभ भी किया था. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी में पेरिस में आयोजित एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता भी की थी. फ्रांस दौरे के दौरान रक्षा और रणनीतिक क्षेत्रों में सभी मुद्दों पर चर्चा होगी. फ्रांस के साथ भारत का रक्षा सहयोग बहुत गहरा और मजबूत है. हाल के वर्षों में दोनों देश का प्रयास सह-उत्पादन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सह-विकास के माध्यम से प्लेटफॉर्म विकसित करने पर अधिक केंद्रित रहा है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा का एक प्रमुख फोकस क्षेत्र प्रौद्योगिकी और नवाचार है. इस क्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण परिणाम सामने आने की उम्मीद है. मुख्य रूप से यह AI से जुड़ा है. इसके अलावा हेल्थ-टेक, मेड-टेक और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग पर जोर रहेगा…कुल मिलाकर, कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें