भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

ईडी ने छत्तीसगढ़ के बाद झारखंड में भी शराब घोटाले की जांच...



छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की आंच अब पूरी तरह से झारखंड को अपनी लपेटे में ले चुकी है। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने छठे पूरक आरोप पत्र में जिन्हें दोषी पाया है, उनके सीधे तार झारखंड से जुड़े हैं। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल के दौरान राज्य में छत्तीसगढ़ मॉडल पर जो नई उत्पाद नीति लागू की गई थी, उसमें छत्तीसगढ़ के जिन दागी पदाधिकारियों और शराब कारोबारियों का वर्चस्व था, वे सभी वहां चार्जशीटेड हैं। अब झारखंड में भी ईडी उनका पूरा हिसाब-किताब करने की तैयारी में है, क्योंकि इससे जुड़े मामले झारखंड ईडी ने भी दर्ज किया है, जिसकी अनुसंधान जारी है। छत्तीसगढ़ के इस सिंडिकेट ने वर्ष 2022 में झारखंड में थोक शराब की आपूर्ति की थी, जिसका भुगतान नवंबर 2024 में तत्कालीन कमिश्नर द्वारा किया गया। यह भुगतान तब हुआ जब छत्तीसगढ़ सिंडिकेट की ही 4 प्लेसमेंट एजेंसियां झारखंड सरकार का 450 करोड़ रुपए दबाकर बैठी हैं और काली सूची में दर्ज हैं। इनमें मेसर्स एटूजेड इंफ्रा सर्विसेज लिमिटेड, मेसर्स ईगल हंटर सॉल्यूशंस लिमिटेड, मेसर्स प्राइम वन वर्कफोर्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स सुमित फैसिलिटीज शामिल है। हालांकि इस राशि की वसूली का मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है। ईडी के राडार पर कई हाई-प्रोफाइल नाम हैं, जिनके खिलाफ आने वाले दिनों में पूरक चार्जशीट व नई संपत्तियों की कुर्की जैसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इनमें उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे, सेवानिवृत आईएएस अमित प्रकाश, छत्तीसगढ़ सीएसएमसीएल के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी, छत्तीसगढ़ी आबकारी सिंडिकेट के सदस्य अनवर ढेबर शामिल है। इनके अलावा मैन पॉवर सप्लाई करने वाली प्लेसमेंट एजेंसियां और शराब आपूर्ति करने वाली कंपनियां भी शामिल है। ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच को आगे बढ़ाते हुए निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे और उनसे जुड़े अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। विनय चौबे से रायपुर में दर्ज केस के सिलसिले में और फिर रांची में भी ईडी द्वारा पूछताछ की जा चुकी है। जांच में सामने आया है कि इनके कार्यकाल में फर्जी बैंक गारंटी के सहारे शराब की खुदरा दुकानों में मैनपावर सप्लाई का ठेका लेने वाली प्लेसमेंट एजेंसियों के संचालकों को भी गिरफ्तार किया गया था, जिनसे रिमांड पर लेकर पूछताछ हुई है। ईडी की विशेष अदालत में पुख्ता चार्जशीट दाखिल करने के लिए ईडी डिजिटल व दस्तावेजी सबूत और गवाहों के बयान दर्ज कर रही है। झारखंड में ईडी ने शराब घोटाले से जुड़े मामलों में दो अलग-अलग एन्फोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज किया है। पहली ईसीआईआर रायपुर की आर्थिक अपराध इकाई में दर्ज प्राथमिकी को आधार बनाकर दर्ज की गई है। वहीं दूसरी ईसीआईआर झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो में 20 मई 2025 को दर्ज शराब घोटाले से संबंधित एफआईआर के आधार पर दर्ज की गई है। ये दोनों ही मामले उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल से सीधे जुड़े हैं। आरोप है कि कमीशन की मोटी रकम के एवज में छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के मुख्य आरोपियों को झारखंड के शराब बाजार में एंट्री दिलाई गई। प्लेसमेंट एजेंसियों से लेकर शराब आपूर्ति करने वाली कंपनियों तक को झारखंड में मनमाने तरीके से काम सौंपा गया।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top