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चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत-म्यांमार की नजदीकी, PM मोदी से मिलेंगे मिन आंग

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म्यांमार में संसदीय चुनाव के बाद राष्ट्रपति बनने के दो महीने से भी कम समय में आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा हो रही है. म्यांमार भारत के रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है और इसकी 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा पूर्वोत्तर के कई राज्यों से लगती है, जिनमें उग्रवाद प्रभावित नगालैंड और मणिपुर भी शामिल हैं.

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एनएसए अजित डोभाल ने रविवार को म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की.

नई दिल्ली. भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी. म्यांमार के राष्ट्रपति बनने के बाद ह्लाइंग की यह पहली भारत यात्रा है. उनके साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी नेताओं का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत पहुंचे हैं. राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. दोनों नेता भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा करेंगे.

भारत के लिए म्यांमार रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. म्यांमार भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों के केंद्र में स्थित है. ऐसे में राष्ट्रपति की यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग को नई गति देने वाली मानी जा रही है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे से भारत और म्यांमार के बहुआयामी संबंधों को और गहराई मिलेगी तथा दोनों देशों के बीच साझेदारी के नए अवसर खुलेंगे.

यात्रा के दौरान म्यांमार के राष्ट्रपति 30 मई को बोधगया भी पहुंचे, जहां उन्होंने बौद्ध धर्म से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया. इसके अलावा दो जून को वह मुंबई जाएंगे, जहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत, कारोबारी बैठकों और विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन करेंगे.

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की पहली भारत यात्रा
राष्ट्रपति बनने के बाद ह्लाइंग अपनी पहली विदेश यात्रा के तौर पर भारत आए हैं. वह अप्रैल 2026 में म्यांमार के राष्ट्रपति बने थे. 3 अप्रैल 2026 को संसद ने राष्ट्रपति चुना था और बाद में उन्होंने पद संभाला. राष्ट्रपति बनने से पहले वो म्यांमार के सबसे शक्तिशाली सैन्य नेता थे. फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद उन्होंने सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. जुलाई 2024 में उन्हें कार्यवाहक राष्ट्रपति की शक्तियां भी मिल गई थीं. औपचारिक रूप से राष्ट्रपति के रूप में उनका चुनाव अप्रैल 2026 में हुआ. पीएम मोदी से राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की मुलाकात पहले भी हो चुकी है.



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