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एक बार लगाएं, 20 साल तक कमाएं! गुलाब की खेती बदल सकती...


देवघर. भारत में खेती का तरीका अब तेजी से बदल रहा है. पहले जहां किसान सिर्फ धान, गेहूं और अन्य पारंपरिक अनाज वाली फसलों पर निर्भर रहते थे, वहीं अब अच्छी आमदनी के लिए बागवानी फसलों की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं. फल, फूल, सब्जियों और औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए कमाई का नया जरिया बनती जा रही है. खासकर फूलों की खेती में गुलाब किसानों के लिए बेहद फायदेमंद विकल्प साबित हो सकता है. पूजा-पाठ हो, शादी-विवाह का मौसम हो, होटल और सजावट का काम हो या फिर इत्र और ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने का उद्योग, गुलाब की मांग लगभग पूरे साल बनी रहती है. यही वजह है कि सही तकनीक और बेहतर बाजार मिलने पर गुलाब की खेती किसानों को लंबे समय तक अच्छी आमदनी दे सकती है.

क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक
देवघर कृषि विज्ञान केंद्र के सीनियर कृषि वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. राजन ओझा ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत में बताया कि गुलाब की खेती का सबसे बड़ा फायदा इसकी लंबी अवधि है. एक बार खेत में अच्छे पौधों की रोपाई कर देने के बाद किसान कई वर्षों तक लगातार उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.

वैज्ञानिक के अनुसार गुलाब का पौधा लंबे समय तक फूल देता रहता है और इसकी सही देखभाल होने पर करीब 20 वर्षों तक उत्पादन मिलने की संभावना रहती है. इतना ही नहीं, गुलाब की खेती से सिर्फ फूल बेचकर ही कमाई नहीं होती, बल्कि इसकी कलम तैयार कर बेचने से भी किसानों को अतिरिक्त आमदनी हो सकती है. यानी एक ही फसल से किसान कमाई के कई रास्ते तैयार कर सकते हैं.

खेती से पहले करा लें मिट्टी की जांच
गुलाब की खेती शुरू करने से पहले सबसे जरूरी काम मिट्टी की जांच कराना है. मिट्टी की जांच से यह पता चल जाता है कि खेत में किस पोषक तत्व की कमी है और खेती शुरू करने से पहले उसमें क्या सुधार करना जरूरी है. हालांकि गुलाब की खेती कई प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है, लेकिन दोमट मिट्टी को इसके लिए बेहतर माना जाता है. दोमट मिट्टी में पौधों की जड़ों का विकास अच्छा होता है और पौधे तेजी से बढ़ते हैं.

साथ ही बेहतर मिट्टी मिलने पर फूलों की गुणवत्ता भी अच्छी हो सकती है. अगर खेत की मिट्टी में सुधार की जरूरत हो तो कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार डोलोमाइट का प्रयोग किया जा सकता है. डॉ. राजन ओझा के अनुसार मिट्टी सुधार के लिए करीब डेढ़ क्विंटल डोलोमाइट प्रति एकड़ का उपयोग किया जा सकता है.

गुलाब की ये वेरायटी है बेहद खास
गुलाब की खेती में सही किस्म का चयन भी किसानों की कमाई तय करता है. बाजार की मांग और खेती के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए किसानों को बेहतर वेरायटी का चुनाव करना चाहिए. सुपरस्टार, रक्तगंधा, हाइब्रिड टी गुलाब, फ्लोरिबुंडा गुलाब, बटन और मिनिएचर गुलाब जैसी कई किस्में किसानों के लिए विकल्प हो सकती हैं.

अलग-अलग किस्मों के फूलों का आकार, रंग और बाजार मूल्य भी अलग होता है. इसलिए रोपाई से पहले किसानों को अपने इलाके के बाजार में फूलों की मांग की जानकारी जरूर लेनी चाहिए.

बरसात के मौसम में भी ले सकते हैं अच्छी पैदावार
बरसात के मौसम में भी गुलाब की खेती से अच्छी पैदावार ली जा सकती है, लेकिन खेत में जल निकासी की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए. गुलाब के पौधों को पानी की जरूरत होती है, लेकिन खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहने से जड़ें खराब हो सकती हैं. इसलिए ऐसे खेत का चयन करना चाहिए जहां बारिश का पानी आसानी से निकल जाए. गुलाब की खेती खुले खेत में करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि पौधों को अच्छी तरह बढ़ने और फूलों को खिलने के लिए पर्याप्त धूप और खुली हवा की जरूरत होती है.

किसान खेती के साथ बागवानी कर भी कमा सकते हैं अच्छा खासा मुनाफा
अगर किसान पारंपरिक खेती के साथ गुलाब जैसी बागवानी फसल को अपनाते हैं तो उनकी आमदनी बढ़ सकती है. संरक्षित खेती और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने पर उत्पादन और मुनाफे की संभावना और अधिक बढ़ सकती है. फूलों के साथ-साथ गुलाब की कलम बेचकर भी अतिरिक्त कमाई की जा सकती है. ऐसे में कम जमीन वाले किसानों के लिए भी गुलाब की खेती एक बेहतर विकल्प बन सकती है, बस खेती शुरू करने से पहले मिट्टी की जांच, सही किस्म का चयन और कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहद जरूरी है.



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