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एक स्वस्थ विद्यार्थी ही आगे चलकर स्वस्थ समाज की नींव रख सकता...



कांडी | जमा दो उच्च विद्यालय कांडी के सभागार में बुधवार को मासिक गुरुगोष्ठी का आयोजन किया गया। बीपीओ रविन्द्र कुमार मेहता की अध्यक्षता में आयोजित इस गुरु गोष्ठी में शिक्षकों को कई दिशा निर्देश दिए गए। बीपीओ ने कहा कि छात्रों और शिक्षकों का ई विद्यावाहिनी के माध्यम से प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति बनाना अनिवार्य है। अगर किसी विद्यालय से ऑनलाइन उपस्थिति नही बनता है तो सीधी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ई कल्याण पोर्टल पर नव नामांकित बच्चों का डाटा एंट्री करने के निर्देश दिए गए। चिह्नित बच्चों का एम बी यू में डाटा सुधार करने का, जे गुरुजी एप पर स्प्लिट सिलेबस पूरा करने, इको क्लब के तहत विद्यालय परिसर में पौधरोपण के लिए गड्ढा खोदकर रखने कहा । बीपीओ ने कहा कि विद्यालय भ्रमण के तहत प्रायः यह देखने को मिलता है कि विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति काफी कम है। मासिक रेल टेस्ट को ऑनलाइन करने, स्कूल के पोषक क्षेत्र में 15 वर्ष से ऊपर के असाक्षर व्यक्ति की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। नामांकित बच्चों का अपार आईडी बनाने, सत्र 2026 -27 के लिए सामान्य कोटि के वर्ग आठ में अध्ययनरत छात्र छात्राओं की सूची उपलब्ध कराने, साथ ही वर्गवार कोटि वार छात्र संख्या देने, सभी शिक्षकों को लेशन प्लान बनाने का निर्देश दिया। भास्कर न्यूज | गढ़वा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के निर्देश के आलोक में स्थानीय बीएसकेडी पब्लिक स्कूल में स्कूल स्वास्थ्य एवं कल्याण विषय पर एक दिवसीय स्तरीय आंतरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मौके पर लोगों ने कहा कि इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना तथा विद्यालय में एक सकारात्मक व प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण का निर्माण करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक संजय सोनी एवं प्राचार्या रीना कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके उपरांत, ऊर्जावान प्रार्थना सभा के साथ प्रशिक्षण सत्र की विधिवत शुरुआत हुई। प्रशिक्षण के मुख्य वक्ता अविनाश मिश्रा ने बेहद प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़े विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज के समय में बच्चों का मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य, उनके शैक्षणिक विकास जितना ही महत्वपूर्ण है। शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों की समस्याओं, उनके बदलते व्यवहार और भावनाओं को संवेदनशीलता से समझना होगा। सत्र के दौरान स्वच्छता, संतुलित आहार, योग, तनाव प्रबंधन, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक जीवन शैली जैसे गंभीर विषयों पर व्यावहारिक उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से चर्चा की गई। शिक्षकों ने भी इस संवादात्मक सत्र में अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक संजय सोनी ने कहा कि वर्तमान दौर में बच्चों पर पढ़ाई और प्रतियोगिता का अत्यधिक दबाव है। ऐसे में विद्यालय की जिम्मेदारी सिर्फ किताबी ज्ञान देने की नहीं, बल्कि बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त, अनुशासित और संस्कारित बनाने की भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक स्वस्थ विद्यार्थी ही आगे चलकर स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव रख सकता है। शिक्षकों को अब केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि बच्चों का मित्र, अभिभावक और मार्गदर्शक बनना होगा। प्राचार्या रीना कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि बीएसकेडी पब्लिक स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी ऐसे विश्वस्तरीय और कल्याणकारी आयोजन निरंतर करता रहेगा। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के सामूहिक छायाचित्र (ग्रुप फोटोग्राफ) और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थे।



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