![]()
मोबाइल के साथ लौट आईं पुरानी यादें, लोगों के चेहरे पर लौटी खुशी राजधानी पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान 2.0’ के तहत बीते एक महीने में चोरी और गुम हुए 111 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चोरी हुए इन हैंडसेट्स को रिकवर करने के बाद पुलिस ने मंगलवार को इसके मालिकों को लौटा दिया। यह सफलता केवल थानों में दर्ज सनहा या पारंपरिक पुलिस जांच का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे टेक्निकल सेल, मोबाइल रिकवरी सेल और सीइआईआर पोर्टल का सटीक तालमेल रहा है। रिकवरी टीम के एक पुलिसकर्मी के मुताबिक, मोबाइल को ढूंढने में 15 अंकों का आईएमइआई नंबर महत्वपूर्ण तकनीकी आधार होता है। फोन चोरी होने की शिकायत मिलते ही पुलिस आईएमइआई सीइआईआर पोर्टल पर अपलोड कर देती है। अपलोड होते ही संबंधित फोन पूरी तरह लॉक हो जाता है। जैसे ही हैंडसेट में नया सिम डालकर उसे नेटवर्क से जोड़ा जाता है, पुलिस के टेक्निकल सेल को तुरंत उसकी सटीक लोकेशन मिल जाती है। इसी अचूक तकनीकी ट्रैकिंग के जरिए पुलिस इन 111 फोनों तक पहुंचने में कामयाब रही।
आईएमइआई नंबर फोन ढूंढने का तकनीकी आधार लगा कोई प्रैंक कर रहा है : हिमांशु
दो साल पहले मोबाइल चोरी हो गया था। पुलिस ने जब मिलने की सूचना दी तो लगा कि शायद कोई मेरे साथ प्रैंक कर रहा है। बाद में भरोसा हुआ कि फोन मिल गया है। कई यादगार तस्वीरें थी : यशोदा सितंबर 2025 में बिरसा चौक से हटिया जाने के समय मेरा मोबाइल खो गया था। इसमें यादगार तस्वीरें थीं। मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि फोन दोबारा वापस मिलेगा। राशन वितरण के दौरान खो गया फोन : शीला देवी
2024 में राशन वितरण के दौरान मेरा मोबाइल खो गया था। पुलिस ने जब फोन मिलने की जानकारी दी तो खुशी हुई। फॉर्म भरवाने के बाद फोन सौंप दिया गया। अबतक 6562 मोबाइल रिकवर करने में पुलिस सफल
रांची में बीते छह महीने में चोरी हुए या गुम हुए मोबाइल फोन का सटीक आंकड़ा डिपार्टमेंट के पास नहीं है। अनुमान के मुताबिक करीब पांच हजार मोबाइल फोन बीते छह महीने में गुम या चोरी हुए है। सीइआईआर पोर्टल के अनुसार झारखंड से 37203 मोबाइल को ब्लॉक किया गया, 24747 मोबाइल फोन ट्रेस हो चुके है। इनमें 6562 मोबाइल फोन रिकवर करने में पुलिस सफल रही है। मोबाइल गुम होने पर तुरंत करें ये काम, बचेंगे बड़े नुकसान से- मुकेश चौधरी, साइबर एक्सपर्ट
1. सिम व बैंक अकाउंट तुरंत ब्लॉक कराएं
सिम ब्लॉक: सबसे पहले सिम बंद करवाएं ताकि ओटीपी का गलत इस्तेमाल न हो। बैंक अकाउंट को अस्थाई रूप से ब्लॉक करवाएं।
2. सीइआईआर पोर्टल पर फोन ब्लॉक करें
भारत सरकार के आधिकारिक सीइआईआर पोर्टल (ceir.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें। आईएमइआई नंबर ब्लॉक करने पर फोन का दुरुपयोग रुक जाता है और नया सिम डालते ही पुलिस व पोर्टल को तुरंत अलर्ट मिल जाता है।ई-सिम का उपयोग करें : सिटी एसपी
बीते एक महीने में गुम हुए फोन ढूंढने में पुलिस सफल रही है। मंगलवार को 46 लोगों को फोन सौंप दिया गया। जो अपना फोन लेने नहीं आ सके, उनका फोन नजदीकी पुलिस स्टेशन में भेज दिया गया है। वे वहां से कलेक्ट कर सकते है। लोगों से अपील है कि वे ई-सिम का प्रयोग करें। मोबाइल जब गुम हो या चोरी हो जाए तो सबसे पहले थाने में आवेदन दें। साथ ही सीइआईआर पोर्टल पर भी डिटेल अपलोड करें।
Source link