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भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश के अड्डे को तबाह कर दिया था. इस एयर स्ट्राइक में मसूद अजहर के कई रिश्तेदार और आतंकी मारे गए थे. अब रिपोर्ट है कि पाकिस्तान ने उस बिल्डिंग को फिर से रिपेयर कर लिया है. इमारत तो बन गई है लेकिन भारतीय वायुसेना का खौफ अभी भी उनके सीने में है. राफेल का घातक प्रहार उन्हें याद रहेगा.
ऑपरेशन सिंदूर के पराक्रम ने नफरत के जिस मकबरे को मिट्टी में मिला दिया था, उसे पाकिस्तान ने रिपेयर कर दिया है. सीमापार से मिल रही खबरों के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर हेडक्वार्टर बनकर तैयार है. सुभानअल्लाह मरकज के नाम पर फिदायीन पैदा कर रहे इस अड्डे पर हमारे एयर फोर्स ने सात मई, 2025 की रात भीषण हमला किया. राफेल पर सवार स्काल्प मिसाइलों ने मरकज में इतने छेद किए किए कि सबसे बड़ा सुराख आठ मई को सुर्खियां बन गया.
ठीक है कि मौलाना मसूद अजहर के चमचों ने सुराख को भर दिया है. उसको चकाचक बना दिया है. मुनीर की मदद से बिल्डिंग फिर से खड़ी हो गई है. लेकिन अंजाम तो याद रहेगा. बहावलपुर टेटर मॉड्यूल के लगभग 100 आतंकी इस अटैक में जहन्नुम रवाना कर दिए गए. खुद मसूद अजहर के समेत 10 से ज्यादा रिश्तेदार मारे गए.
पाकिस्तान और उसके हुक्मरानों को हमेशा ये याद रहेगा कि पहलगाम जैसी हिमाकत हुई तो यही कहानी दोहराई जाएगी. ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति पूरी तरह बदल दी है. हमारे हमले ने दक्षिण एशिया के जिओ-स्ट्रेटेजिक बैलेंस को हमेशा के लिए बदल दिया है. अब तबाही के निशान मिटा देने से इतिहास की जमीनी हकीकत नहीं बदलने वाली. भारतीय वायुसेना के मिराज और राफेल जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर जो सटीक सर्जिकल और हवाई स्ट्राइक की थी उसने आतंक के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था.
और जो स्काल्प ने छेद किए थे बहावलपुर के आतंकी गढ़ में वो सिर्फ कंक्रीट की छतों पर नहीं थे. वह पाकिस्तान के उस भरोसे पर हमला था जिसके तहत वह दशकों से छद्म युद्ध को सुरक्षित समझकर पोषित कर रहा था. आज जैश चाहे तो उन सुराखों पर नया ढांचा खड़ा कर ले या मलवे को छिपाने की कोशिश करे लेकिन दुनिया और पाकिस्तान का सैन्य प्रतिष्ठान यह अच्छी तरह जानता है कि भारतीय मिसाइलों की सटीकता ने उनकी रक्षा प्रणाली और हवाई क्षेत्र के खोखलेपन को उजागर कर दिया.
राफेल के प्रहार से दहल गया था पाकिस्तान, बहावलपुर में मसूद अजहर के अड्डे पर हर ओर था तबाही का मंजर (फाइल फोटो : Reuters)
पहलगाम के बाद हमने अपनी रणनीतिक प्रतिक्रिया का दायरा हमेशा के लिए बढ़ा दिया है.पहले लगता था पाकिस्तान को कि परमाणु छत्रछाया के कारण हम कुछ नहीं करेंगे. ऑपरेशन सिंदूर ने एक झटके में इस धारणा को ध्वस्त कर दिया. अब जीरो टोलरेंस होगा. अब सटीक और डिसाइसिव अटैक होगा. अब स्टेट और नॉन स्टेट एक्टर्स में हम अंतर नहीं करेंगे.
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Alok Kumar is a senior journalist and digital media leader with over two decades of experience across television, radio, and digital news platforms. He currently serves in a leadership role at News18 Hi…
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