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Mango Farming: झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड के किसान सुमन लाल मेहता ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक बागवानी और वैज्ञानिक तरीके से की गई फल खेती किसानों के लिए बेहतर आमदनी का जरिया बन सकती है. वर्ष 2018 में जिला उद्यान विभाग की मदद से उन्होंने अपनी खाली पड़ी जमीन पर करीब 200 आम के पौधे लगाए थे. आज वही बाग उनके लिए अतिरिक्त आय का एक मजबूत और स्थायी स्रोत बन चुका है.
सुमन लाल मेहता के बगीचे में अम्रपाली, बंबइया और मालदा जैसी उन्नत प्रजातियों के आम के पौधे लगाए गए हैं. इन किस्मों की विशेषता बेहतर स्वाद, अधिक उत्पादन क्षमता और बाजार में अच्छी मांग है. किसान के अनुसार, इस वर्ष उनके बगीचे से करीब 1,000 किलोग्राम आम का उत्पादन हुआ है.वर्तमान में स्थानीय बाजार में आम की कीमत लगभग 60 रुपये प्रति किलोग्राम है.
इस हिसाब से उन्हें इस सीजन में करीब 60 हजार रुपये की आय हुई है. सुमन लाल मेहता का कहना है कि इस बार बगीचे की देखभाल में उन्हें ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी और कम लागत में अच्छा मुनाफा प्राप्त हुआ. उनका मानना है कि यदि किसान योजनाबद्ध तरीके से फलदार पौधों की खेती करें तो यह लंबे समय तक नियमित और स्थायी आय का माध्यम बन सकती है.
सुमन लाल मेहता बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले आम के पेड़ों को केवल घरेलू उपयोग, फल खाने या छाया देने वाले पेड़ के रूप में देखा जाता था. बहुत कम किसान इसे व्यावसायिक खेती के रूप में अपनाने के बारे में सोचते थे. लेकिन अब समय बदल रहा है.
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जिला उद्यान विभाग किसानों को उन्नत किस्म के पौधे, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध करा रहा है. इसके कारण किसान आम की व्यावसायिक खेती की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. इसका सकारात्मक प्रभाव जिले के विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है और कई किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी को भी अपनाने लगे हैं.
एक समय ऐसा था जब कोडरमा जिले में आम की मांग को पूरा करने के लिए बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से आम मंगवाने पड़ते थे. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. जिले में बड़ी संख्या में किसान आम की खेती कर रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ा है. आज कोडरमा में उत्पादित आम न केवल स्थानीय बाजार की जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि यहां से दूसरे शहरों और राज्यों में भी आम की आपूर्ति की जा रही है.
इससे किसानों की आय बढ़ रही है और जिले की पहचान भी एक उभरते हुए आम उत्पादक क्षेत्र के रूप में बन रही है. किसान सुमन लाल मेहता की सफलता यह दिखाती है कि यदि किसान सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक तकनीकों के साथ बागवानी को अपनाएं, तो कम लागत और अपेक्षाकृत कम मेहनत में भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है. उनकी सफलता अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है.