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खेती हुई हाईटेक: फसल को कब क्या चाहिए, अब सीधे किसान के मोबाइल पर आएगा मैसेज

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रांची के कृषि छात्रों ने एक खास सेमीकंडक्टर चिप बनाई है. इसे खेत की मिट्टी में लगाया जाएगा. यह चिप पौधों की जरूरत को पहचानती है. फसल को कितना पानी और खाद चाहिए, इसकी सटीक जानकारी अब सीधे मोबाइल पर मिलेगी. इस तकनीक से कृषि उत्पादों की बर्बादी रुकेगी.

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रांची: झारखंड के किसान अब पारंपरिक खेती को छोड़कर डिजिटल तकनीक अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. रांची के रामकृष्ण मिशन एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक छात्रों ने ‘स्मार्ट खेती’ को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद आधुनिक मॉडल तैयार किया है. छात्रों ने एक ऐसी सेमीकंडक्टर चिप बनाई है, जो किसानों को उनके मोबाइल और लैपटॉप पर ही खेत की हर छोटी-बड़ी रिपोर्ट दे देगी.

मिट्टी के अंदर लगेगी यह जादुई चिप
यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक आशीष ने बताया कि इस सेमीकंडक्टर चिप को किसान अपने खेत की मिट्टी के अंदर लगा सकते हैं. यह चिप सीधे इंटरनेट और मोबाइल ऐप से जुड़ी होगी. इस चिप के जरिए किसानों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां घर बैठे मिल जाएंगी:

  • आज मौसम कैसा रहने वाला है और बारिश कब होगी.
  • खेत की मिट्टी की उर्वरा शक्ति (फर्टिलिटी) कैसी है.
  • फसल को किस खास पोषक तत्व या खाद की जरूरत है.
  • खेत में पानी की मात्रा कितनी है (पानी कम है या ज्यादा).

क्या होगा इसका फायदा?
इस तकनीक की मदद से किसान कीटनाशक, खाद और पानी की एकदम सटीक मात्रा का उपयोग कर पाएंगे. इससे लागत में कमी आएगी और किसी भी चीज की बर्बादी नहीं होगी. सब कुछ एकदम बैलेंस रहेगा.

खेत के चारों तरफ होगी स्मार्ट वायरिंग, जानवरों से मिलेगी सुरक्षा
कृषि वैज्ञानिक आशीष के अनुसार, इस मॉडल में फसलों को जंगली और आवारा पशुओं से बचाने का भी खास इंतजाम किया गया है. इसके लिए खेत के चारों ओर एक विशेष वायरिंग (बाड़) की जाएगी.

  • हल्का झटका: यदि कोई पशु या अज्ञात व्यक्ति खेत के अंदर घुसने की कोशिश करेगा, तो उसे एक बहुत हल्का और सुरक्षित बिजली का झटका लगेगा. इससे पशु को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन वह डरकर दूर भाग जाएगा.
  • फोन पर अलर्ट: जैसे ही कोई खेत के पास आएगा, तुरंत किसान के स्मार्टफोन पर एक अलर्ट मैसेज आ जाएगा कि कोई आपके खेत में घुसने का प्रयास कर रहा है. इससे जंगली जानवरों द्वारा फसल बर्बाद होने की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी.

सिर्फ आपके खेत और मिट्टी के हिसाब से मिलेगी सलाह
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी सामान्य मौसम पूर्वानुमान की तरह काम नहीं करता. यह सिर्फ आपके अपने खेत और आपकी फसल के आधार पर कस्टमाइज्ड जानकारी देता है.

आमतौर पर कृषि कार्यालयों में अधिकारी खेत की मिट्टी देखे बिना ही सामान्य सलाह देते हैं. लेकिन यह चिप आपकी मिट्टी, आपके लोकल माहौल और वहां के वातावरण के इनपुट को प्रोसेस करती है. इसके बाद आपने जो फसल लगाई है, यह सटीक रूप से केवल उसी के लिए सलाह जारी करती है.

AI और ऐप से मिलेगी मदद
इस पूरे सिस्टम की कोडिंग बेहद आधुनिक तरीके से की गई है. इसमें AI का इस्तेमाल किया गया है. किसान चैट या वॉयस के जरिए एआई से अपनी फसल से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं. सिस्टम उनकी मिट्टी की सेहत को ध्यान में रखकर ही सही जवाब देगा. छात्र अब इस पूरे सिस्टम को और आसान बनाने के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन डेवलप करने में जुटे हैं, ताकि कम पढ़े-लिखे किसान भी इसका आसानी से फायदा उठा सकें.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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