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Poultry Farming Tips In Scorching Heat: दिन-ब-दिन बढ़ती गर्मी अब चिंता का विषय बनती जा रही है. अगर देवघर की बात करें, तो यहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. ऐसे में आम लोगों के साथ-साथ मुर्गी पालन करने वाले किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है. तेज धूप, उमस भरा मौसम और लगातार बढ़ता तापमान मुर्गियों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डालता है. गर्मी के कारण मुर्गियां जल्दी थक जाती हैं, उनका खाना-पीना कम हो जाता है और वे धीरे-धीरे हीट स्ट्रेस की चपेट में आ जाती हैं. अगर समय रहते सही देखभाल और प्रबंधन नहीं किया गया, तो यह स्थिति बीमारी और मृत्यु तक पहुंच सकती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.
गर्मी के मौसम में मुर्गियों की देखभाल सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा जरूरी हो जाती है. तापमान बढ़ने के साथ मुर्गियां सुस्त पड़ने लगती हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो जाती है. यही कारण है कि इस समय छोटी-सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है. मुर्गी पालन करने वाले लोगों को चाहिए कि वे अपने पोल्ट्री फार्म के वातावरण पर खास ध्यान दें, ताकि मुर्गियों को ज्यादा गर्मी का सामना न करना पड़े. सही समय पर सही कदम उठाकर ही इस नुकसान को कम किया जा सकता है.
देवघर कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थापित पशु चिकित्सक डॉ. पूनम सोरेन ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में मुर्गियों के लिए सबसे जरूरी चीज है उचित तापमान बनाए रखना. उनका कहना है कि जिस कमरे या शेड में मुर्गियों को रखा जाता है, वहां का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं होना चाहिए.
इससे ज्यादा तापमान मुर्गियों के लिए खतरनाक हो सकता है. तापमान को नियंत्रित रखने के लिए मुर्गी घर की छत पर पुआल, घास या लकड़ी जैसी चीजें डालनी चाहिए, जिससे अंदर का तापमान कम बना रहे और सीधी धूप का असर कम हो.इसके अलावा मुर्गियों को समय-समय पर ठंडा और साफ पानी पिलाना बेहद जरूरी है.
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गर्मी में पानी की कमी से मुर्गियां जल्दी बीमार पड़ सकती हैं. शेड के अंदर पंखे और एग्जॉस्ट फैन लगाने से हवा का सही आवागमन बना रहता है, जिससे अंदर का तापमान संतुलित रहता है और मुर्गियों को राहत मिलती है. साथ ही मुर्गी घर की दीवारों पर चूने की पुताई करने से भी गर्मी कम लगती है, क्योंकि चूना तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है.
खान-पान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. डॉ. सोरेन सलाह देती हैं कि मुर्गियों के आहार में दलहन और तिलहन को मिलाकर देना चाहिए, जिससे उन्हें पर्याप्त पोषण मिलता है और उनकी सेहत अच्छी बनी रहती है. सही पोषण और उचित वातावरण मिलने पर मुर्गियां गर्मी को बेहतर तरीके से सहन कर पाती हैं. इन आसान लेकिन जरूरी उपायों को अपनाकर मुर्गी पालक गर्मी के मौसम में अपनी मुर्गियों को सुरक्षित रख सकते हैं और मृत्यु दर को काफी हद तक कम कर सकते हैं.