Last Updated:
पश्चिम बंगाल में गाय का बर्थ सर्टिफिकेट वाला बयान सियासी बहस का नया मुद्दा बन गया है. बीजेपी विधायक रेखा पात्रा ने कथित अवैध पशु तस्करी रोकने के दौरान कहा कि अगर कोई गायों को ले जा रहा है, तो उसे यह साबित करना होगा कि उनकी उम्र 14 साल से ज्यादा है और इसके लिए बर्थ सर्टिफिकेट दिखाना पड़ेगा. इस पर टीएमसी से घेरा है.
बंगाल बीजेपी एमएलए रेखा पात्रा
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय गाय का बर्थ सर्टिफिकेट वाला बयान चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है. मामला तब शुरू हुआ जब बीजेपी की नई विधायक रेखा पात्रा ने कथित तौर पर मवेशियों से भरे एक वाहन को रोक लिया और कहा कि अगर कोई गायों को ले जा रहा है तो उसे यह साबित करना होगा कि उनकी उम्र 14 साल से ज्यादा है. इसके लिए गाय का बर्थ सर्टिफिकेट दिखाना पड़ेगा. टीएमसी ने इसे लेकर मजाक उड़ाया है.
घटना पश्चिम बंगाल के हिंगलगंज इलाके की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मवेशियों से भरे वाहन को रोकने के बाद रेखा पात्रा ने गायों को नीचे उतरवाया. फिर उन्हें सड़क किनारे पेड़ से बांधा गया और उनके लिए भूसे और पानी की व्यवस्था भी कराई गई. रेखा पात्रा ने कहा कि राज्य में अवैध पशु तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने दावा किया कि सरकार की नई गाइडलाइन के मुताबिक 14 साल से कम उम्र की गायों का वध नहीं किया जा सकता.
उनका कहना था, अगर कोई अवैध तरीके से गायों को ले जाता मिला तो हमें उन्हें पकड़ना होगा और गायों का बर्थ सर्टिफिकेट मांगना होगा. अगर कोई बर्थ सर्टिफिकेट नहीं दिखा पाएगा तो कानून के तहत कार्रवाई होगी. बस, यही बयान अब राजनीतिक बहस का कारण बन गया है.
टीएमसी बोले-पहले बीजेपी वाले दिखाएं
तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी विधायक के बयान पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि आखिर गाय का जन्म प्रमाण पत्र होता कहां है? तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने कहा कि बीजेपी को पहले किसी डबल इंजन राज्य से गाय का ऐसा बर्थ सर्टिफिकेट दिखाना चाहिए. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर बीजेपी ऐसा कोई प्रमाण पत्र दिखा दे तो यह भी देखना पड़ेगा कि उसे जारी करने का अधिकार किसके पास है.
पशुओं की होती है टैगिंग
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई. कुछ लोग इसे अवैध पशु तस्करी रोकने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि कई लोग गाय के बर्थ सर्टिफिकेट वाली मांग का मजाक उड़ा रहे हैं. दरअसल, भारत में मवेशियों की पहचान के लिए टैगिंग, पशु पंजीकरण और स्वास्थ्य रिकॉर्ड जैसी व्यवस्थाएं कई राज्यों में मौजूद हैं, लेकिन इंसानों की तरह जन्म प्रमाण पत्र का कोई सामान्य सिस्टम नहीं है. यही वजह है कि रेखा पात्रा का बयान राजनीतिक विवाद में बदल गया.
About the Author
Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें