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Junaid Biryani Waale: झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों छात्रों और युवाओं के विरोध-प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है. झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की ओर से आयोजित परीक्षाओं में धांधली के गंभीर आरोप लगे हैं. परीक्षा में सुधार करने और आरोपियों के खिलाफ एक्शन की मांग को लेकर बड़ी तादाद में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में धांधली का आरोप लगाते हुए बड़ी तादाद में छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बिरयानी बांटने वाले मोहम्मद जुनैद भी रांची पहुंच गए हैं. (फाइल फोटो)
Junaid Biryani Waale: झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की परीक्षाओं में अनियमितता और धांधली का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में छात्र रांची में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की वैसे तो कई मांगें हैं, लेकिन मुख्य तौर पर वे संबंधित परीक्षा को रद्द करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं. झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार का दावा है कि परीक्षाओं में धांधली के मामले में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र सरकार की बस बात से सहमत नहीं दिख रहे हैं. सरकार और छात्रों के बीच बातचीत कराने की कोशिशें लगातार चल रही हैं. इस बीच, नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रोटेस्टर्स को बिरयानी बांटने वाले मोहम्मद जुनैद भी रांची पहुंच गए हैं. तो क्या जुनैद जंतर-मंतर की तर्ज पर रांची में भी प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं को बिरयानी बांटेंगे? जुनैद ने खुद इसका जवाब दिया है.
रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए बिरयानी वाले जुनैद पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली में नीट परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच भी वह भोजन लेकर पहुंचे थे और अब झारखंड के आंदोलनरत छात्रों के लिए भी अपनी ओर से जो संभव हो सका, लेकर आए हैं. उन्होंने कहा कि उनका किसी सरकार से कोई विरोध नहीं है और न ही उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल से है. उनका विरोध केवल व्यवस्था की खामियों के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन कर रहे छात्रों को खाना खिलाना गुनाह माना जाता है, तो वह यह गुनाह आगे भी करते रहेंगे.
जुनैद ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़ा एक प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल आंदोलनरत छात्रों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें सहयोग देना है. फंडिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोग स्वेच्छा से सहयोग करते हैं और उसी मदद से छात्रों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है.
मोहम्मद जुनैद दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंच से भाषण देने वाले व्यक्ति नहीं थे. वह आमतौर पर पर्दे के पीछे रहकर काम करते थे. उनकी जिम्मेदारी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन, पीने का पानी और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था करना थी. लेकिन जैसे-जैसे 49 दिनों तक चला आंदोलन तेज होता गया, प्रदर्शनकारियों के बीच जुनैद भाई के नाम से पहचाने जाने वाले मोहम्मद जुनैद इस आंदोलन के सबसे चर्चित चेहरों में से एक बन गए. इसकी वजह उनका यह आरोप था कि आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उत्तर प्रदेश में उनके परिवार को निशाना बनाया गया. अब जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा सीजेपी की अन्य प्रमुख मांगों पर आश्वासन दिए जाने के बाद पार्टी ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है, ऐसे में मोहम्मद जुनैद की कहानी इस पूरे आंदोलन के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक मानी जा रही है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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