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Jamshedpur Soharai Painting Workshop: जमशेदपुर के अरनव और अमरनाथ ने सोहराय पेंटिंग की वर्कशॉप शुरू की है. उनकी कोशिश है कि झारखंड की इस विलुप्त होती कला को फिर से जीवित किया जाए और युवाओं को इससे परीचित कराया जाए. 9 अगस्त को कैफे रीगल में पहली वर्कशॉप आयोजित होगी.
जमशेदपुर. झारखंड की पारंपरिक और विश्व प्रसिद्ध सोहराय पेंटिंग धीरे-धीरे लोगों की जिंदगी से दूर होती जा रही है. अपनी अनूठी शैली, प्राकृतिक रंगों और आदिवासी संस्कृति की पहचान मानी जाने वाली यह कला आज संरक्षण की मांग कर रही है. इसी उद्देश्य के साथ जमशेदपुर के दो युवा अरनव और अमरनाथ एक अनोखी पहल कर रहे हैं. दोनों मिलकर पहली बार सोहराय आर्ट वर्कशॉप का आयोजन कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पारंपरिक कला को समझें, सीखें और इसे आगे बढ़ाने में अपनी भागीदारी निभाएं.
फिलहाल केवल 20 को मिलेगा एडमिशन
आयोजकों के अनुसार, यह उनकी पहली वर्कशॉप है. इसलिए फिलहाल इसमें केवल 20 प्रतिभागियों को ही शामिल किया जाएगा. उनका मानना है कि कम लोगों के साथ शुरुआत करने से प्रत्येक प्रतिभागी को बेहतर तरीके से प्रशिक्षण दिया जा सकेगा. वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को सोहराय पेंटिंग का इतिहास, इसकी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी. साथ ही वे स्वयं अपने हाथों से सोहराय पेंटिंग बनाना भी सीखेंगे.
प्राकृतिक रंगों का होता है इस्तेमाल
अरनव ने बताया कि वह एक प्रोफेशनल सोहराय आर्टिस्ट हैं और उन्हें वन स्टेट, वन आर्टिस्ट कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिल चुका है. वहां उनकी कलाकृतियों को काफी सराहना और प्रोत्साहन मिला. उन्होंने बताया कि सोहराय पेंटिंग पूरी तरह प्राकृतिक रंगों से बनाई जाती है. इसमें लाल रंग गेरू मिट्टी, पीला रंग पीली मिट्टी, काला रंग कोयला युक्त मिट्टी और सफेद रंग चावल के पेस्ट से तैयार किया जाता है. यही प्राकृतिक रंग इस कला को अन्य चित्रकलाओं से अलग पहचान देते हैं.
इतना लगेगा शुल्क
यह विशेष सोहराय आर्ट वर्कशॉप 9 अगस्त को बिष्टुपुर स्थित कैफे रीगल में आयोजित होगी. कार्यक्रम का समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक निर्धारित किया गया है. वर्कशॉप में भाग लेने के लिए ₹649 का पंजीकरण शुल्क रखा गया है. इस शुल्क में प्रतिभागियों को कैनवस, ब्रश, पेंटिंग सामग्री, रिटर्न गिफ्ट, सहभागिता प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) और रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराया जाएगा. आयोजकों का कहना है कि यह केवल एक पेंटिंग वर्कशॉप नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है. अगर लोगों का अच्छा सहयोग मिला, तो भविष्य में इस तरह की और भी वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी.
रजिस्ट्रेशन लिंक:
https://forms.gle/bKhaAjY3XtZAiWCG7
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …
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