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झारखंड में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति कम होने के कारण पंपों पर ताले लटकने लगे हैं। जहां खुले हैं, वहां राशनिंग हो रही है। दोपहिया को 200 और चार पहिया को 500 रुपए का पेट्रोल दिया जा रहा है। सबसे खराब स्थिति जमशेदपुर की है। यहां 36 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 32 यानी 90% बुधवार की रात तक ड्राई हो चुके थे। हालांकि पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति होने के बाद इनमें से कई पंप गुरुवार को खुले। इसके बाद स्थिति और भयावह हो गई। गाड़ी में पेट्रोल भरवान के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही। जमशेदपुर के तकरीबन सभी पेट्रोल पंप पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिली। घंटों इंतजार के बाद लोगों को पेट्रोल मिल पा रहा है। कई पंप बंद रहे, जबकि खुले पंपों पर ईंधन भरवाने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। पिछले दो दिनों से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है। कतारें इतनी लंबी हो गईं कि सड़कों तक पहुंच गईं, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। कई लोग बंद पंपों के बाहर भी खुलने की उम्मीद में खड़े नजर आए। पुलिस बल की तैनाती आवश्यक: एसोसिएशन
पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए जमशेदपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल की तैनाती आवश्यक है। कुछ पंप संचालकों ने स्पष्ट किया है कि पर्याप्त सुरक्षा मिलने के बाद ही बंद पंपों को खोला जाएगा। इधर, ईंधन को लेकर मची इस अफरातफरी के बीच बुधवार को शहर में रिकॉर्ड लगभग 3 लाख लीटर ईंधन की बिक्री दर्ज की गई। सुबह से देर रात तक पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिसके कारण कई पंपों का स्टॉक अस्थायी रूप से खत्म हो गया और उन्हें बंद करना पड़ा। पेट्रोल-डीजल की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई: अध्यक्ष
जमशेदपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष कुणाल कुमार ने बताया कि शहर में पेट्रोल और डीजल की कोई वास्तविक कमी नहीं है। ईंधन की आपूर्ति लगातार हो रही है, लेकिन लोगों में घबराहट के कारण मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग एक-दो दिन का नहीं, बल्कि एक महीने तक का ईंधन एक साथ खरीद रहे हैं। हालांकि, गुरुवार को नई खेप पहुंचने के साथ ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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