भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

जेपीएससी चेयरमैन का इस्तीफा मंजूर:सिविल सेवा मेंस सहित 9 परीक्षाएं टली, इन...




झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) की नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ी के खुलासे के बाद मामले में नया मोड़ आ गया। जेपीएससी चेयरमैन के इस्तीफे के बाद 14वीं सिविल सेवा मुख्य परीक्षा सहित नौ भर्ती परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया। जेपीएससी कार्यालय में सीआईडी और रांची पुलिस की छापेमारी के बाद चेयरमैन एल ख्यांगते ने मंगलवार देर शाम इस्तीफा दे दिया था। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को इस्तीफा मंजूर कर लिया। इसके बाद जेपीएससी ने नौ परीक्षाओं को स्थगित करने की घोषणा कर दी। इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई। आयोग ने नौ जुलाई को ही इन परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया था, जो सितंबर तक होनी थी। इन परीक्षाओं के माध्यम से 500 अधिकारियों की नियुक्ति होनी थी। इनमें प्रशासनिक सेवा, न्यायिक सेवा, अभियोजन, उद्योग श्रम एवं तकनीकी विभाग के पद थे। वहीं 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा 25 से 27 जुलाई तक होनी थी, जिसकी तैयारी अंतिम चरण में चल रही थी। आयोग ने परीक्षा स्थगित करने का कारण अपरिहार्य बताया है। इसी बीच यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। राजेश प्रसाद ने याचिका दायर कर 14वीं सिविल सेवा पीटी रद्द करने मांग की है। उन्होंने याचिका में कहा है कि कट ऑफ जारी करने, ओएमआर शीट अपलोड करने और परीक्षा परिणाम में सक्षम अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने जैसी कई गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं। भाजयुमो ने जेपीएससी कार्यालय घेरा, सीबीआई जांच की मांग
भर्ती परीक्षाओं में धांधली के विरोध में भाजयुमो ने बुधवार को जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया। युवा मोर्चा के कार्यकर्ता स्टेट गेस्ट हाउस के पास बनी बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्य कार्यालय के गेट तक पहुंच गए। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस को इन्हें रोकने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मोर्चा के अध्यक्ष शशांक राज ने सीआईडी जांच को नाकाफी बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की। चेयरमैन ने लिखा… सीआईडी छापे से आहत हूं, इसलिए इस्तीफा दिया
जेपीएससी के चेयरमैन एल ख्यांगते ने इस्तीफे में लिखा है कि उनके कार्यकाल में आयोग ने पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ बेहतर काम किया। कर्मचारियों ने भी अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। इसके बावजूद आयोग के कार्यालय में सीआईडी की छापेमारी से वे बेहद आहत हैं। आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से पद छोड़ने का निर्णय लिया है। जांच में पूरा सहयोग करेंगे।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top