रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज होता नजर आ रहा है. जहां रविवार को आंदोलन के 23वें दिन रांची में छात्रों ने मशाल जुलूस निकालकर अपना आक्रोश जताया. वहीं, प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव के पुतले भी फूंका. छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
सरकार ने बातचीत के लिए फिर भेजा न्योता
आंदोलन के बीच सरकार ने एक बार फिर छात्रों से बातचीत की पहल की है. प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उन्हें सरकार के साथ बातचीत के लिए आमंत्रित किया है. यह बैठक आज 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में प्रस्तावित की गई है. सरकार की ओर से उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह के बैठक में शामिल होने की बात सामने आई है. छात्रों को बातचीत के दौरान अपने कानूनी सलाहकारों को साथ रखने का विकल्प भी दिया गया है.
पहले भी हुई बातचीत, लेकिन नहीं निकला समाधान
JPSC-JSSC विवाद को लेकर सरकार और छात्रों के बीच पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. रिपोर्टों के मुताबिक छह दौर की बातचीत के बाद भी छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर कायम हैं. आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जरूरत पड़ने पर मामले की जांच CBI से कराने की मांग शामिल है.
विधिक सलाहकार की भूमिका होगी अहम
JSSC CGL मामले में कई ऐसे कानूनी पहलू हैं, जिनका समाधान केवल प्रशासनिक स्तर पर आसान नहीं है. परीक्षा से जुड़े विवाद, उसके परिणाम, चयन प्रक्रिया और संभावित कार्रवाई को लेकर कानूनी स्थिति स्पष्ट करना सरकार और छात्रों दोनों के लिए जरूरी है. इसी वजह से छात्रों को उनके विधिक सलाहकार के साथ बातचीत में शामिल होने की अनुमति दी गई है. इस बैठक में विधिक सलाहकार कानूनी पेच को समझाने और छात्रों की मांगों को कानूनी आधार के साथ सरकार के सामने रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
20 अगस्त को आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
वहीं, बातचीत का न्योता मिलने के बावजूद छात्रों का रुख फिलहाल सख्त नजर आ रहा है. प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को 20 अगस्त तक का अल्टीमेटम देने की बात कही है. जहां मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री आवास के घेराव की घोषणा की गई है. इससे पहले 10 अगस्त को विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी बनी थी. उस घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने की खबर सामने आई थी.
रोजगार और पारदर्शी भर्ती बना आंदोलन का मुद्दा
दरअसल, JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अभ्यर्थियों का असंतोष लंबे समय से सामने आता रहा है. इस आंदोलन में शामिल छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्ष चयन और कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं. आंदोलन अब केवल परीक्षा से जुड़े मुद्दे तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि युवाओं के रोजगार और सरकारी भर्ती व्यवस्था में भरोसे का सवाल भी बनता जा रहा है.
ऐसे में अब सभी की नजर 17 अगस्त की सरकार और छात्रों के बीच होने वाली बैठक पर है. यह बातचीत आंदोलन को शांत करने की दिशा में पहला ठोस कदम साबित होती है या एक बार फिर गतिरोध कायम रहता है, इसका फैसला बैठक के बाद होगा. फिलहाल छात्रों का आक्रोश और सरकार की बातचीत की पहल, दोनों ने इस पूरे विवाद को एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है.