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तसर नवाचार में प्रीति को राष्ट्रपति भवन में मिला राष्ट्रीय सम्मान तसर आधारित नवाचार के जरिए ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं को रोजगार से जोड़ने वाली बरियातू निवासी प्रीति कुमार को नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के ग्रासरूट्स इनोवेटर रिकग्निशन-2026 से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें सम्मानित किया। देशभर के 26 चयनित नवप्रवर्तकों में प्रीति झारखंड की एकमात्र प्रतिनिधि रहीं। प्रीति ने वर्ष 2024 में लुगम कोकून प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना कर स्वदेशी तकनीक से उच्च गुणवत्ता वाला तसर धागा विकसित किया। उनकी पहल से रामगढ़ और हजारीबाग के 750 से अधिक परिवारों, जिनमें लगभग 99% महिलाएं हैं, को आजीविका मिली है। तसर प्रसंस्करण से जुड़े नवाचारों के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का सफल मॉडल भी तैयार किया। स्वदेशी तसर धागे से चीन पर निर्भरता घटाने की पहल
प्रीति ने पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से उच्च गुणवत्ता वाला तसर धागा विकसित किया है, जिससे तसर वस्त्र निर्माण में चीन से आयातित ताना धागे पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। उन्होंने तसर कोकून प्रसंस्करण के दौरान बचने वाले पानी से सेरिसिन प्रोटीन तैयार करने की तकनीक भी विकसित की, जिसका उपयोग दवा उद्योग में होता है। वहीं मृत प्यूपा का उपयोग मछली आहार के रूप में किया जा रहा है। वर्तमान में रामगढ़ के सिकनी और हजारीबाग के कजरी गांव में संचालित इकाइयों में लगभग 99 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। राष्ट्रपति ने नवाचार की जानकारी ली
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रीति कुमार से करीब आधे घंटे तक बातचीत की। उन्होंने तसर आधारित नवाचार, ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं को रोजगार देने की पहल तथा तैयार किए जा रहे उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। 15 महिलाओं से शुरू हुआ सफर, आज 200 मशीनें चल रहीं
झारखंड शिक्षा विभाग में परियोजना पदाधिकारी के रूप में कार्य करते हुए प्रीति ने बालिका शिक्षा और बिरहोर जनजाति के विकास के क्षेत्र में काम किया। पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण नौकरी छोड़ी। सेंट्रल सिल्क बोर्ड से मशीन लेकर उन्होंने 15 महिलाओं के साथ काम शुरू किया। आज करीब 200 मशीनों पर उत्पादन हो रहा है। उन्होंने अपने घर को ही कार्यालय और वेयरहाउस में बदल दिया। शुरुआती दौर में आर्थिक संसाधनों की कमी जैसी कई चुनौतियां आईं, लेकिन आज ‘ट्राइब्स इंडिया’ से बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं और उत्पाद देशभर में भेजे जा रहे हैं।
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