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झारखंड में जहां मानसून की एंट्री हो चुकी है वहीं पलामू और गढ़वा के इलाके में लोग गर्मी से परेशान हैं. इस भीषण गर्मी के मौसम में लोग ऐसी जगहों की तलाश करते हैं जहां प्राकृतिक ठंडक, मनोरंजन और आध्यात्मिक शांति तीनों का अनुभव एक साथ मिल सके.
झारखंड में जहां मानसून की एंट्री हो चुकी है, वहीं पलामू और गढ़वा के इलाके में लोग गर्मी से परेशान हैं. इस भीषण गर्मी के मौसम में लोग ऐसी जगहों की तलाश करते हैं, जहां प्राकृतिक ठंडक, मनोरंजन और आध्यात्मिक शांति तीनों का अनुभव एक साथ मिल सके. झारखंड के गढ़वा जिले में स्थित सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल ऐसी ही एक खास जगह है, जहां हर साल हजारों पर्यटक गर्मी से राहत पाने और प्रकृति के करीब समय बिताने पहुंचते हैं.
बता दें कि गढ़वा जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर कांडी प्रखंड में स्थित सतबहिनी झरना अपनी मनमोहक प्राकृतिक छटा के लिए प्रसिद्ध है. लगभग 30 फीट ऊंचाई से गिरती दूधिया जलधारा दूर से ही पर्यटकों को आकर्षित करती है. चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ी वातावरण यहां आने वालों को सुकून का एहसास कराता है.
तेज गर्मी के दिनों में झरने के ठंडे पानी में स्नान का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं. प्राकृतिक जलधारा के नीचे नहाने का अनुभव लोगों को तरोताजा कर देता है. परिवार और दोस्तों के साथ यहां आकर लोग घंटों पानी में मस्ती करते हैं और गर्मी से राहत पाते हैं.
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सतबहिनी झरना केवल प्राकृतिक स्थल ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र भी है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इसका संबंध सात बहनों की पौराणिक कथा से है. कहा जाता है कि यहां स्नान करने आई सात बहनें सती हो गई थीं, जिसके बाद इस स्थान पर उनकी स्मृति में पूजा-अर्चना शुरू हुई.
यहां आने वाले सभी पर्यटकों का कहना है कि झरने की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक माहौल उन्हें बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करता है. कई लोग हर साल अपने परिवार के साथ यहां घूमने और स्नान का आनंद लेने पहुंचते हैं.
यहां आने वाले सभी पर्यटकों का कहना है कि झरने की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक माहौल उन्हें बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करता है. कई लोग हर साल अपने परिवार के साथ यहां घूमने और स्नान का आनंद लेने पहुंचते हैं.
इस तीर्थ स्थल का इतिहास 300 वर्षों से भी अधिक पुराना माना जाता है. परिसर में स्थित श्याम बाबा का समाधि स्थल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है. यहां आने वाले भक्त झरने में स्नान करने के बाद मंदिर में पूजा-अर्चना भी करते हैं.
गढ़वा से कांडी मार्ग होते हुए यह स्थल लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि पलामू से इसकी दूरी करीब 70 किलोमीटर है. सड़क मार्ग से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है. बस, ऑटो और निजी वाहन की सुविधा उपलब्ध है. यदि आप इस गर्मी में ठंडे पानी में स्नान, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक शांति का आनंद लेना चाहते हैं, तो सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल आपके लिए बेहतरीन पर्यटन स्थल साबित हो सकता है.