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Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा चुनाव हमेशा से राजनीतिक समीकरणों और क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के कारण चर्चा में रहे हैं. इस बार भी हर वोट की अहमियत बढ़ गई है. ऐसे में चुनाव से पहले विधायकों की घेराबंदी, होटल राजनीति और जोड़-तोड़ के आरोपों ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है.
झारखंड में दिलचप्स हुआ मुकाबला
रांची: झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. चुनाव से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुट गए हैं. इसी बीच सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है. एनडीए अपने सभी 24 विधायकों को रांची के रेडिसन ब्लू होटल में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है. बताया जा रहा है कि सुबह 11:30 बजे तक एनडीए के सभी विधायक होटल पहुंच जाएंगे. इस चुनाव की एक सीट झामुमो संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई है. दूसरी सीट भाजपा के दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है. इन्हीं दो सीटों पर चुनाव होना है.
बता दें कि झारखंड में इस बार राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव हो रहा है. खास बात यह है कि दो सीटों पर तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. इसी वजह से मुकाबला बेहद दिलचस्प और रोमांचक हो गया है. सत्ताधारी महागठबंधन की ओर से झामुमो के वरिष्ठ नेता बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा उम्मीदवार हैं. वहीं एनडीए ने निर्दलीय प्रत्याशी और उद्योगपति परिमल नाथवानी को समर्थन दिया है.
क्या है नंबर गेम?
राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान और मतगणना दोनों 18 जून को ही होंगे. ऐसे में सभी दल अपने-अपने वोटों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं. राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. यही वजह है कि विधायक दलों की घेराबंदी शुरू हो गई है. सूत्रों के अनुसार एनडीए को अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कुछ अतिरिक्त वोटों की जरूरत है. मौजूदा समय में एनडीए के पास 24 विधायक हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 3 से 4 अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ सकती है. इसी वजह से एनडीए विपक्षी खेमे के नाराज विधायकों पर भी नजर बनाए हुए है.
झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: उम्मीदवारों की सूची
| क्रमांक | उम्मीदवार | पार्टी/समर्थन | वर्तमान भूमिका |
|---|---|---|---|
| 1 | बैद्यनाथ राम | झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) / महागठबंधन | लातेहार के विधायक, महागठबंधन के उम्मीदवार |
| 2 | प्रणव झा | कांग्रेस / महागठबंधन | कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार |
| 3 | परिमल नाथवानी | निर्दलीय (NDA समर्थित) | उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सांसद |
क्रॉस वोटिंग का खतरा
पूर्व मंत्री सरयू राय ने भी दावा किया है कि विपक्षी गठबंधन के कुछ विधायक अपनी “अंतरात्मा की आवाज” सुनते हुए एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है. दूसरी ओर कांग्रेस और झामुमो भी पूरी तरह सतर्क हैं. दोनों दल अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं. महागठबंधन को भरोसा है कि उसके पास पर्याप्त संख्या बल है और दोनों सीटों पर जीत उसकी होगी. हालांकि एनडीए की रणनीति ने मुकाबले को रोचक बना दिया है.
महागठबंधन में विवाद
इस चुनाव से पहले महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर भी विवाद हुआ था. कांग्रेस ने पहले प्रणव झा के नाम का ऐलान किया था, जिस पर झामुमो नेताओं ने नाराजगी जताई थी. बाद में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में हुई बैठक में मामला सुलझा और एक सीट झामुमो तथा एक सीट कांग्रेस के हिस्से में गई.
परिमल नाथवानी की दावेदारी
वहीं निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन भी चर्चा में रहा. शुरुआती जांच में कुछ आपत्तियां सामने आई थीं, लेकिन बाद में उनका नामांकन वैध घोषित कर दिया गया. इसके बाद मुकाबला दो नहीं बल्कि तीन उम्मीदवारों के बीच हो गया. अब सबकी नजर 18 जून पर टिकी है. देखना दिलचस्प होगा कि महागठबंधन अपना संख्या बल बचा पाता है या फिर एनडीए अपनी रणनीति से कोई बड़ा उलटफेर करने में सफल होता है.
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मनीष कुमार इस समय न्यूज18 हिंदी में बिहार, झारखंड और दिल्ली की टीम को लीड कर रहे हैं. इन राज्यों की बड़ी खबरों से लेकर खास फीचर स्टोरी तक, उनकी नजर हर अहम मुद्दे पर रहती है. उनका मुख्य उद्देश्य है कि हर जरूरी ख…और पढ़ें