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अमेरिका के ईरान पर बढ़ते प्रतिबंधों और दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात ने बड़ा कूटनीतिक संदेश दिया है. SCO शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत करने और व्यापार समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.
पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात की.
चंद घंटे ही बीते होंगे, अमेरिका ईरान पर बमों की बारिश कर रहा था. राष्ट्रपति ट्रंप ईरान को धमकी पर धमकी दे रहे थे. ये भी कह रहे थे कि जो इनसे डील करेगा, वो हमारा दुश्मन. लेकिन इसे धता बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात की. सिर्फ मुलाकात ही नहीं की, मैसेज में साफ साफ लिखा भी, हम ईरान के साथ ट्रेड बढ़ाने जा रहे हैं. यह मैसेज सिर्फ ईरान और भारत को नहीं था, यह मैसेज अमेरिका के लिए भी था. ट्रंप के लिए भी था.
अमेरिका लंबे समय से ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. उसका मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था को तबाह करना. वह दूसरे देशों को भी धमकाता है कि ईरान से डील मत करो, ईरान से ट्रेड मत करो. लेकिन भारत इन धमकियों से डरा नहीं. पीएम मोदी की पजेश्कियान से मुलाकात यह बताने के लिए काफी है. ऊपर से पीएम मोदी ने अपने मैसेज में ये भी लिख दिया कि हम ट्रेड और बढ़ाने जा रहे हैं. मतलब ट्रंप जो चाह रहे हैं, उसके उलट भारत अपनी आजाद विदेश नीति के हिसाब से चल रहा है. भारत यह संदेश दे रहा कि वह अपने नेशनल इंट्रेस्ट के हिसाब से दूसरे देशों के साथ रिश्ते तय करेगा और किसी एक सुपरपावर के दबाव में अपनी स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप खत्म नहीं करेगा.
PM मोदी ने जो कहा, वही असली संकेत
मुलाकात में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और ईरान के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया. पीएम मोदी ने बातचीत के बाद एक्स पर लिखा, बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की. अलग-अलग क्षेत्रों में भारत और ईरान की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को और मज़बूत करने की हमारी प्रतिबद्धता दोहराई. हम आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार में बढ़ाना चाहते हैं. उन्होंने लिखा, हमने क्षेत्र में मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा.
मतलब भारत ने यह साफ कर दिया है कि हम किसी के दबाव में किसी से रिश्ता नहीं तोड़ने वाले. हम ईरान के साथ न सिर्फ वर्षों पुरानी दोस्ती को आगे बढ़ाएंगे, बल्कि ट्रेड भी करेंगे.
Met President Masoud Pezeshkian in Bishkek. Reiterated our commitment to strengthening India’s long standing friendship with Iran across diverse sectors. We want to expand and diversify our trade basket in the times to come.