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त्वचा पर लाएगा कसावट, दाग-धब्बे करेगा दूर! ढाई महीने में तैयार होता...


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Rose Oil Benefits: पलामू में शिव कुमार पांडे ने प्राचीन सत्सिद्ध पद्धति से गुलाब का तेल बनाया है. यह नारियल तेल और गुलाब की पंखुड़ियों से बनता है. उनका कहना है कि यह त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद है. 60 एमएल की बोतल 900 रुपये की है.

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पलामू. यूं तो आपने कई तरह के तेलों के बारे में सुना होगा और इस्तेमाल भी किया होगा, लेकिन पलामू में आयुर्वेद के जानकार एक शख्स ऐसे खास गुलाब के तेल का निर्माण कर रहे हैं, जिसके बारे में उनका दावा है कि इसे प्राचीन सत्सिद्ध पद्धति से तैयार किया जाता है. उनका कहना है कि इस तरह के शुद्ध गुलाब तेल का इस्तेमाल प्राचीन समय में होता था, लेकिन आधुनिक दौर में इसका चलन लगभग खत्म हो गया है. पलामू जिले के रहने वाले शिव कुमार पांडे वर्षों से आयुर्वेदिक औषधि तेल और चीजों का निर्माण करते आ रहे हैं. वहीं, इस बार उन्होंने आयुर्वेदिक पद्धति से इत्र गुलाब तेल बनाया है.

दो से ढाई महीने में होता है तैयार
शिव कुमार पांडेय ने कहा कि यह तेल बेहद सौम्य और शीतल प्रकृति का है. इसे नारियल के तेल और गुलाब की पंखुड़ियों से तैयार किया जाता है. इसकी खासियत यह है कि इसे तैयार करने में करीब दो से ढाई महीने का समय लगता है. लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया के बाद तैयार होने वाले इस तेल में गुलाब की प्राकृतिक सुगंध और शीतलता बनी रहती है.

त्वचा में आएगी कसावट, मिटेंगे दाग-धब्बे
शिव कुमार पांडे का दावा है कि इस तेल का इस्तेमाल सिर की मालिश, थकान और सिरदर्द जैसी समस्याओं में किया जाता है. इसके अलावा बालों की देखभाल और त्वचा के लिए भी इसे उपयोगी बताया जाता है. इस तेल की कुछ बूंदों से चेहरे पर हल्की मालिश करने से त्वचा में कसावट और निखार लाने में मदद मिल सकती है. साथ ही झुर्रियों और दाग-धब्बों को कम करने में भी इसके इस्तेमाल का दावा किया जाता है.

इलाज का विकल्प नहीं है
उन्होंने आगे कहा कि आयुर्वेद और प्राकृतिक सुगंध से जुड़े लोग इसे अरोमा थेरेपी में भी उपयोग किए जाने वाले तेल के तौर पर देखते हैं. इसकी खुशबू मन को सुकून देने के साथ शरीर को ठंडक का अहसास कराने वाली बताई जाती है. हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य या त्वचा संबंधी समस्या के इलाज के लिए इसके दावों को चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए. शिव कुमार पांडेय ने कहा कि इस तेल को तैयार करने में पारंपरिक विधि और प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. 60 एमएल की बोतल की कीमत 900 रुपये रखी गई है.

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Raina Shukla

Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…

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