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दिन में नौकरी, सुबह-शाम खेती… इंटीग्रेटेड फार्मिंग से बदली किसान सुधीर की...


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Ranchi Integrated Farming: रांची के सुधीर महतो गाय, सोनाली मुर्गी, मकई और कई सब्जियों की मिश्रित खेती कर रहे हैं. इसके अलावा डेरी भी चला रहे हैं. इस तरह वह घर से ही महीने में करीब 60 से 70 हजार रुपये की कमाई कर रहे हैं हैं. आइये जानते हैं उन्होंने क्या कुछ बताया.

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के सुधीर महतो रिंग रोड के एकदम बगल में ही रहते हैं. वह गाय और सोनाली मुर्गी का पालन किए हुए हैं. इसके अलावा वह मकई की भी खेती करते हैं. साथ ही नेनुआ, झिंगि ( धारदार लोकी ), खीरा सहित कई सब्जियों को भी उगाते हैं. इस तरीके से वह 6- 7 चीजों की खेती व डेरी फार्मिंग एक जगह ही करते हैं. वह बताते हैं कि हर दिन 20 केजी तक दूध बेच लेते हैं. आइये जानते हैं सुधीर की सफलता के बारे में.

इसके अलावा वह मुर्गी से भी कमा लेते हैं और खेती से भी. फिर दिन में कैटरिंग का भी बिजनेस कर लेते हैं. ऐसे में आराम से महीने की कमाई 60-70 हजार रुपये की हो जाती है. सुधीर बताते हैं कि कभी भी हम लोग एक चीज पर निर्भर नहीं रहते हैं. क्योंकि खेती में अगर एक चीज का नुकसान होगा तो दूसरी चीज आपको संभलने का मौका देती है और दूध का व्यापार ऐसा है कि कभी मंदा पड़ने वाला नहीं है.

एक खेत में करते हैं 4-5 सब्जियों की खेती

उन्होंने बताया कि बाजार में हर चीज की अलग-अलग डिमांड है. ऐसे में दूध की डिमांड है, मुर्गी की भी डिमांड है और बाकी नेनुआ, झिंगि, खीरा यह सब का मौसम है तो यह सब हर दिन बाजार में जाकर बेच देते हैं. हर दिन आराम से 15 से 20 केजी तक निकल आता है. इसके अलावा वह मकई भी रोप दिए हैं. जहां आने वाले 30 दिनों के अंदर इसमें भी फल आने शुरू हो जाएंगे. इसके अलावा नीचे की तरफ के जमीन पर धान की खेती करते हैं. साथ ही, गाय का गोबर से हम लोग खाद बनाते हैं और यह फ्रेश गोबर खेत में डालते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है. मुर्गी का बीट होता है इसे भी इस्तेमाल करते हैं, मतलब कुछ भी बेकार नहीं जाता व मकई का बेकार पत्ता यह हम अपनी गाय को चारा के रूप देते हैं. एक का वेस्ट दूसरे में इस्तेमाल हो जाता है.

खपड़े के घर से बना है खुद का आशियाना

उन्होंने बताया कि उनका बगल में खपड़े का घर है, जिसमें बहुत गर्मी लगती है और अब बगल में ही वह अपना घर बना रहे हैं. जो कि एक महीने में ही बनकर तैयार हो जाएगा. यही खेती बाड़ी व दिन में कैटरिंग का जो काम करता हैं, जिससे मुझे कुछ पैसे मिलते हैं. इसी सबको मिलाकर यह सारी चीज हो रही है.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें



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