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‘दिवाली पर खूब पटाखे खरीदो और फोड़ो’, अन्नामलाई ने लोगों से क्यों...


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‘दिवाली पर खूब पटाखे खरीदो और फोड़ो’, अन्नामलाई ने लोगों से क्यों की यह अपील?

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दिवाली पर पटाखों के इस्तेमाल को लेकर छिड़ी बहस के बीच भाजपा के पूर्व नेता के. अन्नामलाई ने तमिलनाडु के लोगों से बड़ी मात्रा में पटाखे खरीदने और फोड़ने की अपील की है. उन्होंने कहा कि शिवकाशी का पटाखा उद्योग करीब 8 लाख लोगों की आजीविका का आधार है और दिवाली की बिक्री से हजारों परिवारों को आर्थिक मदद मिलती है. अन्नामलाई ने प्रदूषण की चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि इसके लिए केवल पटाखों को जिम्मेदार ठहराना और उद्योग पर अनुचित प्रतिबंध लगाना सही नहीं है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली-एनसीआर समेत कई बड़े शहरों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा हुआ है.

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दिवाली पर पटाखों के समर्थन में उतरे अन्नामलाई, बोले- इससे 8 लाख लोगों को मिलता है रोजगार

भाजपा के पूर्व नेता अन्नामलाई ने दिवाली पर पटाखों को लेकर बड़ा बयान दिया है. वी द लीडर्स के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने तमिलनाडु के लोगों से दिवाली के अवसर पर बड़ी मात्रा में पटाखे खरीदकर फोड़ने की अपील की है. उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों का जीवन राज्य के पटाखा उद्योग पर निर्भर है. त्योहार से पहले जारी एक वीडियो संदेश में अन्नामलाई ने लोगों से स्थानीय स्तर पर निर्मित पटाखों, विशेष रूप से विरुधुनगर जिले के शिवकाशी में उत्पादित पटाखों का समर्थन करने का आग्रह किया. शिवकाशी देश का प्रमुख पटाखा निर्माण केंद्र है.

उन्होंने कहा कि यह उद्योग लगभग तीन लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है और पांच लाख अन्य श्रमिकों को अप्रत्यक्ष रूप से सहारा देता है, जिससे यह लगभग आठ लाख लोगों के लिए आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन जाता है. उन्होंने दिवाली की बिक्री के आर्थिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जब हम पटाखे खरीदते हैं, तो हम किसी को भोजन उपलब्ध कराने में मदद कर रहे होते हैं.

वायु प्रदूषण संबंधी चिंताओं का जिक्र करते हुए अन्नामलाई ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को स्वीकार किया, लेकिन इस तर्क से असहमत थे कि प्रदूषण के लिए केवल पटाखे ही जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि जब देश में प्रदूषण के अन्य स्रोत मौजूद हैं, तो पटाखा उद्योग पर अनुचित प्रतिबंध नहीं लगाए जाने चाहिए. अन्नामलाई ने अपने संबोधन के अंत में परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के साथ आस-पड़ोस की दुकानों पर जाएं और स्थानीय स्तर पर निर्मित पटाखे खरीदें.

उन्होंने कहा कि दिवाली के दौरान जनता का सहयोग श्रमिकों की आजीविका की रक्षा और तमिलनाडु के पारंपरिक आतिशबाजी उद्योग के निरंतर अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है. पटाखों के उपयोग पर अन्नामलाई का यह संदेश ऐसे समय आया है जब दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम और उत्तर भारत के नोएडा और गाजियाबाद सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र जैसे प्रमुख महानगर उच्च स्तर के प्रदूषण से जूझ रहे हैं.

दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगभग 400 तक पहुंचने के साथ ही, पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठ रही है क्योंकि पहले से ही खराब वायु गुणवत्ता दिवाली के बाद और भी बदतर हो जाती है और क्षेत्र को गैस चैंबर में बदल देती है. बढ़ते प्रदूषण की स्थिति के बीच, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने शुक्रवार को दिवाली से कुछ दिन पहले एहतियाती उपाय के रूप में दिल्ली-एनसीआर में श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) के तीसरे चरण को लागू किया.

मौजूदा तीसरे चरण के ढांचे के तहत, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए नौ सूत्रीय कार्य योजना लागू की जाएगी. इन उपायों में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों, वाहनों की आवाजाही, और औद्योगिक कार्यों पर प्रतिबंध के साथ-साथ स्कूलों और कार्यालयों से संबंधित कदम शामिल हैं। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य उत्सर्जन को कम करना और पूरे क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकना है.

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शंकर पंड‍ित

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…

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