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दूसरी शादी के लिए पिता ने बच्चों को घर से निकाला, अब...


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21 साल का साकेत और उसकी 12 साल की बहन को उनके पिता ने घर से बाहर निकाल दिया और अब वह न्याय के लिए समाज से लेकर सिस्टम तक गए लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई. ऐसे में लोकल 18 रिपोर्टर की नजर उन दोनों भाई-बहनों पर पड़ती है और उनकी कहानी जानी…. 

हर मंगलवार को जनसुनवाई होती है. हर मंगलवार को लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर ग्रामीण अंचलों से कई किलोमीटर का सफर तय करते हैं और कलेक्ट्रेट पहुंचते हैं. सुबह से आए लोग कतार में कलेक्टर से मिलने अपनी बारी का इंतजार करते हैं. अपनी समस्या सुनाने के बाद उम्मीद करते हैं कि इसका कोई हल निकलेगा. इसी उम्मीद में बालाघाट से करीब 70 किलोमीटर दूर परसवाड़ा से भाई-बहन बीते दो सप्ताह से हर मंगलवार को जिला मुख्यालय आ रहे है. उन्हें न्याय मिल जाएगा. वह बेबस और लाचार बच्चों को न्याय नहीं मिल रहा है. दरअसल, 21 साल का साकेत और उसकी 12 साल की बहन को उनके पिता ने घर से बाहर निकाल दिया और अब वह न्याय के लिए समाज से लेकर सिस्टम तक गए लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई.

मां की मौत के बाद जिंदगी मुश्किल
साकेत बघेल ने बताया कि वह और उनकी छोटी बहन अब अलग रहते हैं. मैं ही मेरी बहन का सब कुछ हूं और वो ही मेरी सब कुछ है. अब हम किराए के मकान में रहते हैं. ऐसे में सारी जिम्मेदारी मेरे कंधे पर आ गई. एक गैरेज चलाकर अपना और बहन का गुजारा कर रहा हूं. इसी साल की 19 मार्च की रात साकेत के घर में उनके पिता और कुछ रिश्तेदार आए थे. तेरे पिता को शादी करने दे. लेकिन इस बात पर साकेत को एतराज था. उसकी मां की जगह कोई और ले. लेकिन साकेत के घर आए रिश्तेदार और उनके पिता बिल्कुल जिद पर अड़े थे. ऐसे में कहा सुनी हुई. ऐसे में साकेत को धमकाया गया फिर सुबह होते है. साकेत ने घर छोड़ने का ऐलान कर दिया. उनके पिता उस वक्त कहा कि शौक से जा जाने के लिए पूरी दुनिया पड़ी है.

साकेत बोला- उन लोगों ने मेरी मां को मार डाला
इससे पहले भी साकेत का पिता संतोष बघेल शादीशुदा होने के बावजूद दूसरी शादी के इच्छा रखते थे. ऐसे में वह अक्सर अपनी ही पत्नी प्रेमलता से गाली-गलौज और मारपीट करते थे. साकेत ने बताया कि 30 मार्च 2021 को भी उसी तरह का माहौल था. उस दिन उनकी मां प्रेमलता महुआ बिनकर घर आई थी. साथ ही घर आई थी साकेत की बुआ. उस दिन भी उनकी बुआ और पिता संतोष दूसरी शादी की जिद करने लगे थे. ऐसे में साकेत की मां प्रेमलता ने खाना बनाया लेकिन उनके पिता खाना अच्छा न बनने की शिकायत की. इसके तुरंत बाद ही दूसरी शादी का राग अलापना शुरू कर दिया. ऐसा कहते हुए एक रिश्तेदार ने कहा किस्सा ही खत्म कर दो. इतना कहते ही साकेत के पिता संतोष बघेल ने मां की सिर पर टंगिया मार दिया. इसके बाद वह लहूलुहान हो गई. सभी रिश्तेदारों के साथ मिलकर उन्होंने कुएं फेंक दिया.

अब भाई बना बहन का आसरा
इधर, साकेत ने बताया कि अपनी बहन की परवरिश के लिए पढ़ाई छोड़ दी. गैरेज का काम सीखा और परसवाड़ा में ही अपना एक गैरेज खोल दिया. ऐसे में घर से निकाले जाने के बाद साकेत ही अपनी बहन का लालन पालन करता है. वह दिन भर गैरेज में काम करता है और सुबह शाम बहन के लिए खाना पकाता है. वह उसका पूरा ख्याल रखता है और स्कूल छोड़ने से लेकर लेने के लिए भी जाता है. ऐसे में मां की मौत की बाद साकेत ही अपनी बहन के लिए माता-पिता है.

अब लगा रहा दफ्तरों के चक्कर
इधर, साकेत और उसकी बहन स्थानीय प्रशासन से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक के चक्कर लगा रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि सिस्टम उन्हें न्याय देगा. लेकिन वह एक चौखट से दूसरी चौखट तक जाते है. लेकिन कहीं पर मदद नहीं मिलती. कलेक्टर कार्यालय में कहा गया कि मामला आपराधिक है. आप पुलिस प्रशासन का है. पुलिस प्रशासन कहता है कि मामला राजस्व का है. आप उनसे संपर्क करें. ऐसे में दोनों भाई बहनों की उम्मीद टूटती नजर आ रही है.



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