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सावन से पहले देवघर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। बासी या खराब भोजन परोसने वाले होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। देवघर एक प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां बाबा बैद्यनाथ धाम और माता शक्ति का शक्तिपीठ स्थित है। सावन और श्रावणी मेले के दौरान यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ के कारण जिले में लगभग 700 से 800 होटल और भोजनालय संचालित होते हैं, लेकिन अक्सर श्रद्धालुओं को बासी और खराब भोजन परोसने की शिकायतें मिलती रही हैं। जिला खाद्य जांच पदाधिकारी राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी होटल में बासी, खराब या गंदा भोजन परोसा जाता है, तो संबंधित होटल का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट एप’ या विभाग के शिकायत नंबर पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई है। इस एप के माध्यम से भोजन की तस्वीरें भी अपलोड की जा सकती हैं। विभाग द्वारा लगातार होटल और रेस्टोरेंटों का निरीक्षण किया जा रहा है। हाल ही में हुई जांचों में कई स्थानों पर जले हुए तेल और नकली पनीर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। आशियाना होटल से 22 किलो पनीर नष्ट कराया गया, जबकि सुमित वैष्णव होटल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, शिवान्ता बार से एक्सपायरी सॉस और हटसन एग्रो दुकान से 25 किलो मिलावटी घी भी जब्त किया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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