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देवघर में साइबर थाना पुलिस ने छापेमारी कर साइबर ठगी के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, 31 अक्टूबर को पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में पथरड्डा ओपी क्षेत्र में छापेमारी की गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अलग-अलग कंपनियों के ग्राहक सेवा प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों में राहुल कुमार रवाणी (19), पिता गुड्डू रवाणी, थाना दुमस्तर, करौं; गौतम कुमार मंडल (28), पिता दयानंद मंडल, डामोडीह; बिरेंद्र दास (20), पिता बच्चू दास; और दीपक कुमार दास (24), पिता शशि महरा शामिल हैं। कैशबैक का झांसा देकर भेजते थे फर्जी APK फाइल पुलिस के मुताबिक, आरोपी फ्लिपकार्ट, अमेजन पे, एयरटेल पेमेंट बैंक, गूगल पे और फोन-पे के ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते थे। वे प्रधानमंत्री किसान योजना के अधिकारी बनकर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाने का प्रयास करते थे। आरोप है कि आरोपी गूगल पे, फोन-पे और पेटीएम पर कैशबैक मिलने का झांसा देते थे। इसके अलावा, लोगों को फर्जी APK फाइल भेजकर भी ठगी की जाती थी। एयरटेल पेमेंट बैंक के नाम पर भी लोगों को निशाना बनाने का आरोप है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान पांच मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दूसरे राज्यों में भी साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं। हालांकि, इन मामलों के विस्तृत ब्योरे की जानकारी नहीं दी गई है। एक आरोपी पहले भी जा चुका है जेल पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी दीपक कुमार दास साइबर थाना कांड संख्या 46/2025 में पहले भी जेल जा चुका है। अब पुलिस चारों आरोपियों से जुड़े मामलों की जांच कर रही है। जब्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड की मदद से कथित ठगी के तरीकों और अन्य संभावित कड़ियों की जानकारी जुटाई जा रही है। देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने कहा कि साइबर अपराध पर रोक लगाना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ छापेमारी और गिरफ्तारी का अभियान जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि अलग-अलग कंपनियों और सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को झांसा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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