सिटी एंकर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनसे जुड़ी समस्याओं पर नियंत्रण के लिए चास नगर निगम अब स्थायी व्यवस्था करने की तैयारी में है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नगर विकास विभाग की ओर से सभी निकाय क्षेत्रों में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर सह शेल्टर होम विकसित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में चास नगर निगम क्षेत्र में करीब दो करोड़ रुपए की लागत से एबीसी सेंटर का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए चास आईटीआई मोड़ के समीप अमृत पार्क के पीछे 20 डिसमिल जमीन चिह्नित की गई है। सेंटर 50 कैनाल क्षमता का होगा, जिसमें ओटी से लेकर अस्पताल जैसी अन्य आधुनिक सुविधाएं रहेगी। साथ ही बंध्याकरण और टीकाकरण किया जाएगा। नसबंदी के साथ टीकाकरण भी एबीसी सेंटर का मुख्य उद्देश्य आवारा कुत्तों की आबादी को वैज्ञानिक और मानवीय तरीके से नियंत्रित करना है। सेंटर में पकड़े गए आवारा कुत्तों की नसबंदी, एंटी-रेबीज टीकाकरण और आवश्यक उपचार किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें उनके क्षेत्र में वापस छोड़े जाने की व्यवस्था की जा सकती है। झारखंड में चास समेत 13 निकायों में आवारा कुत्तों की गणना, टीकाकरण, कृमिनाशक दवा और नसबंदी की व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए जा चुके हैं। शेल्टर के के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है, जल्द काम होगा डॉग बाइट और रैबीज का खतरा होगा कम शेल्टर में नसबंदी के माध्यम से कुत्तों की आबादी में अनियंत्रित वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी। वहीं एंटी-रेबीज टीकाकरण से रैबीज संक्रमण के जोखिम को कम करने में सहायता मिलेगी। जनवरी 2026 में बोकारो जिला प्रशासन की एबीसी कार्यक्रम को लेकर हुई समीक्षा बैठक में भी कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण को नियमित रूप से कराने पर जोर दिया गया था। निगम ने 2000 से अधिक श्वान का टीकाकरण किया है। पशु कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा निगम वर्तमान में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से शहर के कई इलाकों में लोगों को परेशानी होती है। खासकर रात में सड़क पर समूह में घूमने वाले कुत्ते बाइक चालकों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। चास नगर निगम के लिए यह सेंटर केवल आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने की योजना नहीं, बल्कि शहर की स्वच्छता, जनसुरक्षा और पशु कल्याण को एक साथ बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। डॉग बाइट की घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सदर अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के मई में 504, जून में 552 और जुलाई में सबसे अधिक 648 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं।
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