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रांची ने भारतीय क्रिकेट को कई बड़े खिलाड़ी दिए हैं. महेंद्र सिंह धोनी, ईशान किशन और सौरभ तिवारी जैसे खिलाड़ियों ने रांची का नाम देश-दुनिया में रोशन किया है. अब इस सूची में ईशान ओम का नाम जुड़ता दिख रहा है. भारतीय अंडर-19 टीम में उनका चयन उनके लिए बड़ा मौका है. ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ मल्टी-डे सीरीज में ईशान के प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी. परिवार को उम्मीद है कि वह इस मौके को अपनी मेहनत से यादगार बनाएंगे.
ईशान ओम का परिवार
रांची: झारखंड की राजधानी रांची की क्रिकेट प्रतिभाओं की लिस्ट में अब एक और नाम जुड़ गया है. रांची के रातू रोड इलाके के रहने वाले ईशान ओम का चयन भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में हुआ है. उन्हें ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ मल्टी-डे सीरीज के लिए टीम में जगह मिली है. ईशान के चयन की खबर मिलते ही उनके परिवार में खुशी का माहौल है. माता-पिता और बहनें इस सफलता से बेहद खुश हैं. परिवार के लिए यह पल गर्व का है.
ईशान बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं. वह बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज भी हैं. फिलहाल वह झारखंड रणजी टीम का हिस्सा हैं. अब भारतीय अंडर-19 टीम में जगह बनाकर उन्होंने अपने करियर में एक बड़ा कदम बढ़ाया है.
रक्षाबंधन से पहले मिला बड़ा तोहफा
ईशान की बहन श्रेष्ठ प्रिया झा के लिए यह खबर किसी खास तोहफे से कम नहीं है. उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन से एक दिन पहले परिवार को ईशान के चयन की खबर मिली. उन्होंने कहा कि ईशान का सपना था कि वह भारतीय अंडर-19 टीम का हिस्सा बनें. अब उसका यह सपना पूरा हुआ है. बहन के मुताबिक, रक्षाबंधन पर इससे बड़ा गिफ्ट परिवार के लिए कुछ नहीं हो सकता. ईशान के चयन से परिवार के सभी लोग बेहद खुश हैं. बहन को अपने भाई पर गर्व है.
मां बोलीं- बेटे का सपना पूरा होते देख बहुत खुश हूं
ईशान की मां गनीता झा भी बेटे की सफलता से भावुक हैं. उन्होंने बताया कि बेटे के लिए उन्होंने जो सपना देखा था, वह अब पूरा होता नजर आ रहा है. गनीता झा का परिवार सेना से जुड़ा रहा है. उनके मन में शुरू से ही देश के प्रति समर्पण की भावना रही है. वह चाहती थीं कि उनका बेटा भी अपने काम से देश का नाम रोशन करे. उनकी दो बेटियां हैं. दोनों पेशे से वकील हैं. ईशान उनका सबसे छोटा बेटा है और उसने क्रिकेट को अपना करियर चुना. मां का कहना है कि भारतीय टीम की जर्सी पहनना हर खिलाड़ी का सपना होता है. ईशान ने इस दिशा में पहला बड़ा कदम उठाया है.
कोच ने बताया गेंदबाजी ईशान की ताकत
ईशान के कोच भी उनके चयन से काफी खुश हैं. कोच के मुताबिक, ईशान की सबसे बड़ी ताकत उनकी गेंदबाजी है. उन्होंने शुरुआत से ही गेंदबाजी पर काफी मेहनत की है. कोच ने कहा कि ईशान को अब एक बड़ा प्लेटफॉर्म मिला है. यह सिर्फ शुरुआत है. उन्हें आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहना होगा. उन्होंने ईशान को सलाह दी कि इस मौके का पूरा फायदा उठाएं. अपने खेल में लगातार सुधार करें. आगे बढ़ने के लिए मेहनत जारी रखें. कोच के लिए भी किसी खिलाड़ी का बड़े स्तर पर चयन होना बड़ी खुशी की बात होती है. इससे उन्हें लगता है कि उनकी मेहनत भी सफल हुई है.
पिता बोले- देश का नाम रोशन करे बेटा
ईशान के पिता थानेश्वर झा कोल इंडिया में काम करते हैं. वह माइनिंग इंजीनियर हैं. उन्होंने बताया कि परिवार ने हमेशा ईशान को देश के लिए कुछ अच्छा करने की सीख दी है. उन्होंने बेटे की सफलता में उसके कोच के योगदान को भी अहम बताया. उनका कहना है कि कोच आशीष ने ईशान को काफी सहयोग दिया. उनकी मेहनत का नतीजा अब सामने आया है. पिता की इच्छा है कि ईशान आगे भी इसी तरह मेहनत करे. भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाए. साथ ही देश का नाम रोशन करे.
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मनीष कुमार इस समय न्यूज18 हिंदी में बिहार, झारखंड और दिल्ली की टीम को लीड कर रहे हैं. इन राज्यों की बड़ी खबरों से लेकर खास फीचर स्टोरी तक, उनकी नजर हर अहम मुद्दे पर रहती है. उनका मुख्य उद्देश्य है कि हर जरूरी ख…
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