भास्कर न्यूज|गुमला केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद गुमला में कांग्रेस ने विजय मार्च निकालकर इसे देश के लाखों छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह विजय मार्च किसी राजनीतिक दल की जीत का जश्न नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों की जीत का सम्मान है, जिन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार गुमला जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित विजय मार्च का नेतृत्व जिला उपाध्यक्ष सह कार्यक्रम प्रभारी मानिकचंद साहू ने किया। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष जय सिंह और रफी अली सह-प्रभारी के रूप में मौजूद रहे। विजय मार्च की शुरुआत स्थानीय स्टेडियम परिसर स्थित भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष मोमबत्ती जलाकर की गई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगाते हुए विजय मार्च के रूप में टॉवर चौक पहुंचे। यहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जमकर आतिशबाजी की गई और छात्रों के संघर्ष को सलाम किया गया। अध्यक्ष राजनील तिग्गा ने कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों की आवाज को सबसे मजबूती से उठाने वालों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं के सवाल को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बनने दिया, बल्कि संसद से लेकर सड़क तक उनके साथ खड़े होकर उनकी आवाज को बुलंद किया। उन्होंने कहा, आज का विजय मार्च उन लाखों छात्रों और युवाओं को समर्पित है। मानिकचंद साहू ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों और युवाओं की उस आवाज की जीत है, जिसे दबाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों परिवार अपने बच्चों की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों तक मेहनत और आर्थिक त्याग करते हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता केवल एक परीक्षा को प्रभावित नहीं करती, बल्कि पूरे परिवार के सपनों को प्रभावित करती है। मौके पर सैय्यद खालिद, सगीर आलम, पंचम विलंग, अरुण कुमार, आजाद अंसारी, साहेब वसीम, अनिरुद्ध चौबे, रूपेश कुमार, मिनहाज खान, मनसूब अंसारी,मो इम्तियाज, रोहित राम, राजदीप कुजुर, मनोरंजन टोप्पो सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित थे।
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