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नप कार्यालय 26 घंटे बाद खुला, 13 को 5.5 करोड़ की योजना...




भास्कर न्यूज|गुमला गुमला नगर परिषद में साढ़े पांच करोड़ रुपए की 32 विकास योजनाओं को लेकर उपजा विवाद आखिरकार शांत हो गया है। पिछले 26 घंटों से नगर निकाय परिसर में लटका ताला हटा दिया गया है। आम जनता की परेशानियों और जन समस्याओं को सर्वोपरि रखते हुए निकाय परिसर में ही बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद दोपहर ठीक दो बजे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने सामूहिक रूप से मुख्य द्वार का ताला खोला गया। इस निर्णय से जहां शहर के प्रशासनिक और नागरिक कार्य दोबारा पटरी पर लौट आए हैं। वहीं ठप पड़ी विकास योजनाओं को हरी झंडी मिलने की उम्मीद से स्थानीय ठेकेदारों ने भी राहत की सांस ली है। निकाय परिसर में आयोजित इस बैठक में कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि म्यूनिसिपल एक्ट के नियमों के तहत निकाय के स्तर पर किसी भी प्रकार की तकनीकी या वित्तीय जांच विभागीय स्तर पर संभव है। वहीं नगर परिषद का बोर्ड सभी निर्णयों के लिए सर्वोच्च है। ऐसे में इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए 13 जुलाई की बोर्ड बैठक में बोर्ड द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी को बंद पड़ी सभी 32 विकास योजनाओं को तत्काल प्रभाव से दोबारा शुरू कराने का आधिकारिक निर्देश दिया जाएगा। इसके बाद इन योजनाओं के चालू होने से शहर के रुके हुए बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को फिर से गति मिलेगी। साथ ही जनता से जुड़े रोजमर्रा के प्रशासनिक काम और नागरिक सुविधाएं बाधित नहीं होंगी। मौके पर पार्षद संगियस तिर्की, लखन राम, साजिद मंजर, जयराम इंदवार, मोसर्रत प्रवीण, नेहा लकड़ा, शैल मिश्रा व मनीष कुमार थे। जानकारी के अनुसार, टेंडर में अनियमितता का आरोप लगा विधायक ने डीसी से जांच की मांग की थी। इसके बाद डीसी ने मामले पर 12 जून को उच्च स्तरीय जांच बैठाई थी। जांच अवधि में निविदा प्रकिया आगे नहीं बढ़ाने के डीसी के आदेश पर ईओ ने सभी कार्य को बंद करा दिया था। इसके विरोध में जनप्रतिनिधियों ने गुरुवार को 12 बजे अनिश्चिकालीन तालाबंदी की थी, जिसे अब वापस ले लिया गया है। बहस के बाद विकास पर हुए एकमत: तालाबंदी खुलने से पहले बैठक का माहौल गरमा-गरम रहा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी वैचारिक मतभेद हुए। साथ ही जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी के बीच भी मतभेद की स्थिति बनी। जनता की समस्याओं को देखते हुए अंत में सभी ने अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक मतभेदों को किनारे रख दिया। तालाबंदी हटने से सामान्य हुआ कामकाज : अध्यक्ष अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने कहा कि तालाबंदी के हटने से नगर परिषद का कामकाज सामान्य हो गया है। साथ ही विकास कार्यों का रास्ता भी साफ हो गया है। उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने कहा कि निकाय जनहित के लिए है। जन समस्याओं को लेकर ताला खोला गया है। उन्होंने आपस में किसी प्रकार के मतभेद से इंकार किया। कहा कि निकाय परिवार है। इस परिवार पर शहर की जिम्मेवारी है। जिसे हम सब एक होकर निभाएंगे।



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