शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे संत पत्रिक स्कूल के गेट के पास बच्चों को लेकर जा रही चलती टोटो से एक छात्रा सड़क पर गिर गई। इसी दौरान टोटो का पिछला पहिया छात्रा के शरीर पर चढ़ने से बाल-बाल बच गया। हादसे में छात्रा के कपड़े गंदे हो गए, लेकिन उसकी जान बच गई। घटना के बाद स्कूली बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर में कई स्कूलों के बच्चों को टोटो और अन्य छोटे वाहनों से स्कूल लाने-ले जाने का काम किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी जाली और अन्य इंतजाम नहीं हैं। कई बार क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर वाहन चलाए जाने की भी शिकायत है। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से नियमित जांच नहीं होने से वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों की गति और क्षमता की नियमित जांच जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। लोगों ने परिवहन विभाग से स्कूलों के आसपास विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है। बताया गया कि पूर्व जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। हालांकि, उनके स्थानांतरण के बाद स्कूली वाहनों के खिलाफ प्रभावी जांच अभियान नहीं चलने की बात कही जा रही है। इससे नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के हौसले बढ़ रहे हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। विभाग को वाहनों की फिटनेस, चालक के दस्तावेज, क्षमता के अनुसार बच्चों की संख्या और सुरक्षा उपकरणों की जांच करनी चाहिए।
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