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Nepal Flash Flood : नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में आई जल प्रलय के बाद रांची के कोकर निवासी 41 वर्षीय रामप्रसाद घोष लापता हैं. रामप्रसाद इसी साल फरवरी में नेपाल के अपर त्रिशूली इलाके में एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में एडमिन के पद पर काम करने गए थे. आपदा से एक दिन पहले मंगलवार रात उन्होंने परिवार से बातचीत की थी.
रांची के कोकर निवासी 41 वर्षीय रामप्रसाद घोष नेपाल के अपर त्रिशूली इलाके में आई आपदा के बाद से लापता हैं.
रांची. नेपाल के त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई जल प्रलय के बाद कई लोगों के लापता होने की खबरों के बीच झारखंड के रांची से भी एक परिवार की चिंता बढ़ गई है. रांची के कोकर निवासी 41 वर्षीय रामप्रसाद घोष नेपाल के अपर त्रिशूली इलाके में आई आपदा के बाद से लापता हैं. रामप्रसाद इसी साल फरवरी में नेपाल गए थे और वहां एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में एडमिन के पद पर काम कर रहे थे.
परिजनों के मुताबिक, जल प्रलय आने से ठीक एक दिन पहले मंगलवार की रात रामप्रसाद ने परिवार के लोगों से बातचीत की थी. उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही दिन हालात इतने भयावह हो जाएंगे. परिवार का कहना है कि बुधवार सुबह जल प्रलय आने से कुछ समय पहले तक उनका व्हाट्सऐप भी ऑनलाइन था. इसके बाद अचानक उनसे संपर्क टूट गया.
त्रिशूली त्रासदी के बाद संपर्क हुआ बंद
रामप्रसाद के लापता होने की खबर सामने आने के बाद से उनके माता-पिता, बड़े भाई और भाभी बेहद चिंतित हैं. परिवार लगातार उनके सकुशल लौटने की उम्मीद लगाए बैठा है. परिजनों ने बताया कि रामप्रसाद का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है. रामप्रसाद के बड़े भाई देव घोष ने बताया कि उनकी तलाश को लेकर जिला प्रशासन के साथ-साथ भारतीय दूतावास से भी संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है. परिवार की ओर से हर संभव स्तर पर जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभी तक रामप्रसाद के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है.
पढ़ाई में मेधावी थे रामप्रसाद
परिवार के अनुसार रामप्रसाद पढ़ाई में काफी मेधावी थे. उन्होंने जेपीएससी की मुख्य परीक्षा भी कई बार दी थी. बड़े भाई का कहना है कि अगर झारखंड में परीक्षा व्यवस्था बेहतर और पारदर्शी होती तो शायद रामप्रसाद को रोजगार के लिए नेपाल नहीं जाना पड़ता. उनका मानना है कि राज्य में नौकरी के बेहतर अवसर नहीं मिलने के कारण ही रामप्रसाद को विदेश जाकर नौकरी करनी पड़ी. परिजनों ने बताया कि रामप्रसाद अपने करियर को लेकर काफी गंभीर थे. उन्होंने एमबीए की पढ़ाई के लिए भी परिवार से आर्थिक मदद मांगी थी. रामप्रसाद के पिता रंजीत कुमार घोष ने बताया कि बेटे ने एमबीए की पढ़ाई के लिए 20 हजार रुपये मांगे थे, जिसे उन्होंने दे दिया था.
बेटे की वापसी का इंतजार कर रहा परिवार
रामप्रसाद के अचानक लापता होने के बाद घर में मातम जैसा माहौल है. माता-पिता लगातार अपने बेटे की सलामती की दुआ कर रहे हैं. वहीं बड़े भाई और भाभी भी प्रशासन से रामप्रसाद की तलाश तेज करने की अपील कर रहे हैं. परिवार को उम्मीद है कि नेपाल में राहत और बचाव अभियान के बीच रामप्रसाद का जल्द पता चल जाएगा और वह सकुशल घर वापस लौटेंगे. फिलहाल परिवार की निगाहें प्रशासन और दूतावास से मिलने वाली हर जानकारी पर टिकी हैं.
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Utkarsh Kumar is a senior multimedia journalist and digital newsroom leader with more than 15 years of experience across print, television, and digital media. He currently serves as the Chief S…
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