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Palamu News: पलामू जिला प्रशासन ने शिक्षा से दूर हो रहे बच्चों को वापस पढ़ाई से जोड़ने के लिए पलामू परवाज अभियान शुरू किया है. इसके तहत अधिकारी गांवों में जाकर बच्चों और अभिभावकों के साथ मध्याह्न भोजन करेंगे और उन्हें स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.
पलामू. पलामू जिले में सरकारी विद्यालयों से दूर हो रहे बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने अनोखी पहल की है. ‘पलामू परवाज – हर बच्चे की उड़ान, शिक्षा के साथ’ अभियान के तहत अब अधिकारी गांवों में जाकर बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ मध्याह्न भोजन करेंगे. इस पहल का उद्देश्य बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित करना, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और शिक्षा के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाना है.
15 से 30 दिन तक स्कूल नहीं आने वाले बच्चों पर विशेष नजर
दरअसल पलामू जिले में लगभग 30 हजार बच्चे ड्रॉप आउट हैं. इन्हें विद्यालय से जोड़ने के लिए नया अभियान शुरू किया गया है. इस अभियान के तहत ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है, जो 15 दिन, 30 दिन या उससे अधिक समय से विद्यालय नहीं जा रहे हैं. जहां संबंधित क्षेत्रों में पदाधिकारी बच्चों और उनके अभिभावकों से सीधे संवाद कर अनुपस्थिति के कारणों की जानकारी लेंगे.
आर्थिक परेशानी, जागरूकता की कमी या अन्य समस्याओं के कारण पढ़ाई से दूर हो रहे बच्चों को आवश्यक सहयोग देकर दोबारा स्कूल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. अभियान का मुख्य उद्देश्य 6 से 12 वर्ष तक के सभी बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत विद्यालयी शिक्षा उपलब्ध कराना है.
गांव में बच्चों के साथ भोजन करेंगे अधिकारी
पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने लोकल18 को बताया कि बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से अलग-अलग क्लस्टर के तहत तीन से चार विद्यालयों को जोड़कर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इन कार्यक्रमों में जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारी, बीडीओ तथा सीओ गांवों और टोलों में पहुंचकर बच्चों एवं ग्रामीणों के साथ मध्याह्न भोजन करेंगे.
इस दौरान अभिभावकों को बच्चों की नियमित पढ़ाई के महत्व के बारे में बताया जाएगा और उन्हें प्रतिदिन विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा. बच्चों को नियमित उपस्थिति के लिए शपथ भी दिलाई जा रही है. विद्यालय की प्रार्थना सभा में नियमित आने वाले बच्चों का तालियां बजाकर स्वागत करने तथा शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने की भी योजना है.
हर शनिवार चार से पांच विद्यालयों की होगी निगरानी
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत हर शनिवार को जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी चार से पांच विद्यालयों का दौरा करेंगे. इस दौरान बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और अभिभावकों की भागीदारी की समीक्षा की जाएगी. प्रशासन का प्रयास है कि विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों को खेलकूद और अन्य गतिविधियों के माध्यम से भी पढ़ाई के प्रति आकर्षित किया जाए.
बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता
बता दें कि शिक्षा बच्चों को जागरूक, आत्मनिर्भर और अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाती है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दें और किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित न रहने दें. अभियान के पहले दिन चैनपुर के चार विद्यालयों में चिह्नित 88 बच्चों में से लगभग 85 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति दर्ज होने की जानकारी दी गई. प्रशासन अब अन्य प्रखंडों में भी जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को नियमित विद्यालय लाने और पलामू में शत-प्रतिशत उपस्थिति का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है.
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Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…