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पलामू के पड़वा थाना क्षेत्र के सिक्का गांव में 10 दिनों में अज्ञात बीमारी से एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। चौथे सदस्य श्वेता देवी की मौत रिम्स में इलाज के दौरान रविवार की सुबह हो गई। लगभग 20 घंटे पहले उनकी ननद इन्दु कुमारी की मौत एमएमसीएच में हो गई थी। इससे पहले 19 जून की रात कुलदीप महतो और आठ घंटे बाद उसकी बेटी बबीता कुमारी की मौत हो गई थी। उसके दो तीन दिन पहले से ही कुलदीप, बबीता, लाखों देवी,श्वेता देवी, ईन्दु कुमारी की तबीयत खराब हुई थी। इलाज के लिए अस्पताल नहीं झाड़फूंक कराने गए 16 जून को कुलदीप को इलाज केएमएमसीएच में भर्ती कराया गया था। उसके बाद बबीता और श्वेता को भी भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन ने श्वेता को रिम्स रेफर कर दिया था। ग्रामीणों के अनुसार श्वेता देवी, लाखों देवी, ईन्दु कुमारी व नकुल मेहता घर से रिम्स जाने के लिए निकले थे, लेकिन वे रिम्स नहीं जाकर कहीं झाड़फूंक कराने चले गए थे। इधर 20 जून को दो शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद भी एमएमसीएच प्रबंधन मौत के असली कारणों को स्पष्ट नहीं कर सका है। ग्रामीणों के अनुसार कुलदीप व बबीता की मौत के बाद भी बीमार लाखों देवी, श्वेता देवी, ईन्दु कुमारी व नकुल मेहता इलाज कराने अस्पताल में न जाकर झाड़ फूंक कराने चले गए थे। अधिक बीमार होने पर कुछ रिश्तेदारों के दबाव के बाद ईन्दु कुमारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। पैर में सूजन के बाद फूल गया था शरीर सिक्का के ग्रामीण दिलीप मेहता, राजनाथ महतो व श्याम बिहारी महतो ने बताया कि सबसे पहले मृतक कुलदीप महतो के पैर में सुजन हुआ था। उसके बाद खून की कमी हो गई थी। ग्रामीणों का कहना था कि परिवार के सभी सदस्यों का लगभग यही हाल था। पहले शरीर फूल रहा था। स्वस्थ होने के लिए परिवार के सदस्यों ने अस्पताल में इलाज कराने से झाड़फूंक तक कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एक-एक कर परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। इस बीमारी को लेकर लोगों में भय बना हुआ है। क्या कहते हैं सिविल सर्जन पलामू सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए रिम्स भेजा गया है। अभी तक रिम्स से कोई रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी का पता चल पाएगा। वहीं रिम्स में इलाज कर रहे क्रिटिकल केयर के डॉक्टरों का कहना है कि इनमें दूषित सरसों तेल के इस्तेमाल से होने वाली बीमारी (एपिडेमिक ड्रॉप्सी) की आशंका है। वित्तमंत्री पहुंचे रिम्स, पूछा हालचाल एक परिवार के चार लोगों की मौत की सूचना मिलते ही वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर रिम्स पहुंचे और वहां इलाजरत नकुल मेहता व लाखों देवी के इलाज का जायजा लिया। वित्त मंत्री ने रिम्स के निदेशक से बात कर बीमार दोनों मरीजों के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराते हुए मौत के कारणों का पता लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मौत के कारणों का पता अभी तक एमएमसीएच प्रबंधन द्वारा नहीं लगा पाना गंभीर मामला है।
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