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पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने नई शिक्षा नीति को रोक रखा था. केंद्र की पीएम श्री योजना से भी दूरी बनाई गई थी. नई सरकार ने केंद्र के साथ तालमेल का एक्शन लिया है. 15 मई को दिल्ली में एमओयू साइन हुआ है. शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार की मौजूदगी में ये हुआ. बंगाल सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव बिनोद कुमार ने एमओयू पर साइन किए. अब बंगाल में शिक्षा सुधार का एक नया दौर शुरू हुआ.
पीएम श्री योजना से पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूल उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान बन जाएंगे. (सांकेतिक तस्वीर)
नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में नए और महत्वपूर्ण बदलाव आने जा रहे हैं. यहां स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कार्यक्रम लागू किए जाएंगे. साथ ही स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए पीएम श्री योजना लागू की जा रही है. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राज्य सरकार ने इस विषय पर बड़ी पहल की है.
दरअसल पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब शिक्षा व्यवस्था में भी बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है. लंबे समय तक केंद्र सरकार की कई योजनाओं से दूरी बनाए रखने वाले पश्चिम बंगाल ने अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और पीएम-श्री स्कूल योजना को लागू करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया है
शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. इस महत्वपूर्ण कदम को राज्य में शिक्षा सुधार के नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, 15 मई को मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच पीएम-श्री स्कूल पहल लागू करने के लिए औपचारिक समझौता हुआ.
यह एमओयू शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार की मौजूदगी में साइन किया गया. पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से अतिरिक्त सचिव धीरज साहू और अतिरिक्त मुख्य सचिव बिनोद कुमार ने समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कई प्रावधानों और केंद्र की पीएम-श्री योजना को राज्य में लागू करने से परहेज किया था.
केंद्र और राज्य के बीच इस मुद्दे पर लंबे समय तक टकराव की स्थिति बनी रही थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद अब नई सरकार ने केंद्र के साथ तालमेल बढ़ाते हुए शिक्षा सुधारों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है. पीएम-श्री योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सोच पर आधारित है. इसके तहत राज्य के चुनिंदा सरकारी स्कूलों को आधुनिक मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा.
इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे. साथ ही विद्यार्थियों के समग्र विकास, रचनात्मक सोच और अनुभव आधारित पढ़ाई पर विशेष जोर रहेगा.
योजना का उद्देश्य केवल स्कूलों का बुनियादी ढांचा मजबूत करना नहीं, बल्कि उन्हें उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में बदलना है ताकि आसपास के दूसरे स्कूल भी उनसे प्रेरणा लेकर अपनी शिक्षा गुणवत्ता सुधार सकें. नई शिक्षा नीति के तहत मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा, तकनीक आधारित शिक्षण, व्यावहारिक ज्ञान और कौशल आधारित पढ़ाई को भी बढ़ावा दिया जाएगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर की नई संरचना से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है. इससे राज्य के लाखों विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सकेगा. इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्य परियोजना निदेशक विभु गोयल, संयुक्त सचिव डॉ. अमरप्रीत दुग्गल और निदेशक यूपी सिंह भी मौजूद रहे.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें