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ताजमहल के अलावा आगरा अपनी स्वादिष्ट मिठाइयों के लिए भी दुनियाभर में मशहूर है. जानिए पेठा, खुरचन, रबड़ी, रसमलाई, जलेबी और राजभोग जैसी आगरा की 7 सबसे लोकप्रिय मिठाइयों का इतिहास और खासियत.
आगरा घूमने आने वाले पर्यटक यहाँ की खूबसूरत ईमारतों का दीदार करते है. आगरा का नास्ता भी मशहूर है इसलिए लोग उसे भी बहुत पसंद करते हैं. आज हम आपको आगरा की टॉप मिठाईयों के बारे में बताने जा रहे है जो आगरा को अलग पहचान दिलाती हैं. आगरा की मिठाइयो में सबसे पहला नाम पेठे का आता है. आगरा में पेठे की शुरुआत मुग़लकाल में हुई थी तब से आज तक पेठा दुनिया भर में मशहूर है.
मुग़लकाल में शुरू हुआ यह पेठा पहले सिर्फ सफ़ेद और सूखा हुआ करता था. लेकिन बदलते समय के साथ अब कई तरह के पेठे आगरा में बिकते हैं. बताया जाता है कि आगरा में वर्तमान में 56 प्रकार के अलग अलग पेठे तैयार किये जाते हैं जो बाहर तक सप्लाई होते हैं. वर्तमान ने अंगूरी पेठा, केसर पेठा, चॉकलेट पेठा, पान पेठा सहित कई प्रकार के फ्लेवर वाले पेठे उपलब्ध हैं.
आगरा के सेठ गली के पास मिठाई वाली गली है. दरअसल, इस गली का नाम ही मिठाई वाली गली है. इसका मुख्य कारण यह है कि यहाँ सिर्फ अलग अलग तरह की आगरा की मशहूर मिठाई बनाई जाती है. आगरा की रसमलाई जिसने भरपूर केसर डाली जाती है. यह इतनी स्वादिष्ट होती है कि जो एक बार खाता है दीवाना हो जाता है.
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आगरा में शादी ब्याह या कोई भी कार्यक्रम हो उस समारोह में आगरा का राजभोग जरूर होता है. हालांकि, यह आगरा की मिठाई नहीं है फिर भी इसे वर्तमान में आगरा के लोग सबसे अधिक पसंद करने लगे है. राजभोग इस स्वादिष्ट होता है कि लोग इसे खाना पसंद करते है और यदि आप भी मीठे के शौकीन हैं, तो ज़ब भी आगरा आए तो एक बार आगरा वाला राजभोग जरूर खाएं.
आगरा में खाने पीने के कई तरह के शौकीन रहते हैं और यही वजह है कि आगरा में सुबह 5 बजे से ही नाश्ते कि दुकाने खुलना शुरू हो जाती हैं. आगरा में जलेबी भी सबसे ज्यादा मशहूर है. आगरा के लोग इसे दही और आलू की सब्जी के साथ खाना पसंद करते हैं. सुबह सुबह कचौरी खाने के बाद लोग उसी सब्जी से जलेबी जरूर खाते हैं और कई ऐसे शौकीन हैं जो दही के साथ जलेबी खाते हैं आगरा का यह नाश्ता सुबह के समय अधिक प्रचलित है.
आगरा की खुरचन मिठाई मूल रूप से शुद्ध दूध और मलाई से बनी एक पारंपरिक और शाही मिठाई है. यह अपनी रिच, मलाईदार बनावट और प्राकृतिक मिठास के लिए जानी जाती है. आगरा में इसे प्राचीन मिठाईयों में गिना जाता है. इसमें किसी भी तरह के मावे या आर्टिफिशियल थिकनर का इस्तेमाल नहीं होता. इसे बनाने के लिए केवल फुल-क्रीम दूध को धीमी आंच पर घंटों उबाला जाता है, जिस कारण यह पुरी तरह से शुद्ध होती है. दूध खौलने के बाद कड़ाही के किनारों पर जो गाढ़ी मलाई की परत जमती है, उसे कारीगर बहुत सावधानी से खुरच-खुरचकर अलग करते हैं. इसी प्रक्रिया के कारण इसका नाम खुरचन मिठाई पड़ा है.
आगरा अपने विश्व प्रसिद्ध पेठे के अलावा अपनी गाढ़ी, मलाईदार और केसर-मेवे से भरपूर रबड़ी के लिए भी जाना जाता है. यहाँ कुछ सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक स्थान हैं जहाँ आप इस लाजवाब मिठाई का स्वाद ले सकते हैं. इसके लिए आप आगरा के सेठ गली या अन्य पसंदीदा मिठाई की दुकान से ले सकते है. यह मिठाई शुद्ध देशी घी से बनी और मेवों से सजी रबड़ी के लिए स्थानीय लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है. बाहर से आने वाले लोग भी इसे खाना पंसद करते है.
आगरा के वरिष्ठ इतिहासकार प्रोफेसर अनुराग पालीवाल बताते है कि आगरा शहर अपनी प्राचीनता के लिए मशहूर है. उन्होंने कहा कि अलग अलग मिठाई का अलग अलग इतिहास मिलता है. उन्होंने कहा कि आगरा के पेठे का जन्म मुग़लकाल में हुआ था. जब ताजमहल निर्माण चल रहा था उस वक़्त बादशाह ने एक खास मिठाई बनवाने के लिए आदेश जारी किया था और तब से अबतक यह मशहूर है. इसी तरह खुरचन को भी काफी प्राचीन मिठाई माना जाता है. इसी तरह कई बड़े मिठाई कारीगरों ने अलग अलग मिठाईयों को बनाना शुरू किया जो आज काफी लोकप्रिय है.