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फिर से हरे-भरे हो जाएंगे घर के सूखे पौधे, इस नर्सरी में...


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Jamshedpur Special Fertilizer: भीषण गर्मी के इस मौसम में कुछ भी करो, पौधे सूखने लगते हैं. ऐसे में आपकी इस समस्या का समाधान टेल्को राम मंदिर के पास की इस नर्सरी में है. यहां 50 रुपये में खास तरह की खाद मिलती है, जिसे डालने से आपके सूखे पौधे फिर से हरे हो जाते हैं और हरे पौधे सूखते नहीं.

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जमशेदपुर. गर्मियों का मौसम आते ही लोगों के सामने घरों में लगे पौधों को बचाने की चुनौती बढ़ जाती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और मिट्टी में नमी की कमी के कारण कई बार अच्छे-भले पौधे भी सूखने लगते हैं. ऐसे में लोग नए पौधे खरीदने या तरह-तरह के उपाय अपनाने लगते हैं. लेकिन जमशेदपुर के टेल्को राम मंदिर परिसर स्थित पांडा नर्सरी लोगों को एक ऐसा विकल्प दे रही है, जो सूखते पौधों में फिर से जान डालने का दावा करती है.

दस साल से बना रहे खास खाद
इस नर्सरी को संचालित करने वाले तपन जी पिछले करीब 10 वर्षों से अपने हाथों से खास तरह की खाद तैयार कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह खाद अलग-अलग पोषक तत्वों के संतुलित मिश्रण से बनाई जाती है, जिससे पौधों को जरूरी पोषण मिलता है और वे दोबारा हरे-भरे होने लगते हैं. स्थानीय स्तर पर तैयार की जाने वाली यह खाद अब कई लोगों के बीच लोकप्रिय हो चुकी है.

कई चीजों से तैयार होती है खास खाद
तपन जी बताते हैं कि इस खास खाद को तैयार करने में वर्मी कंपोस्ट, सरसों खली, फॉस्फेट, पोटाश, यूरिया और नीम खली का इस्तेमाल किया जाता है. इन सभी चीजों को सही मात्रा में मिलाकर ऐसा मिश्रण तैयार किया जाता है, जो पौधों की जड़ों तक पोषण पहुंचाने में मदद करता है. उनका कहना है कि खाद का संतुलन ही इसकी सबसे बड़ी खासियत है.

इस्तेमाल का तरीका भी आसान
तपन जी के अनुसार, पौधे की जड़ के किनारे केवल एक चम्मच खाद डालनी होती है. इसके बाद सामान्य तरीके से पानी देने पर कुछ ही दिनों में पौधे की स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है. खास बात यह है कि यह खाद सिर्फ गर्मियों में ही नहीं, बल्कि बरसात और सर्दियों में भी असरदार मानी जाती है.

इतनी है कीमत
उन्होंने बताया कि इस खाद की कीमत 800 ग्राम के पैकेट के लिए 50 रुपये रखी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल कर सकें. उनके अनुसार, गर्मियों में इसकी मांग बढ़ जाती है और औसतन 40 से 50 किलो तक खाद की बिक्री हो जाती है.

बदलते मौसम और छोटे होते घरों के बीच लोग अब अपने घरों में पौधे लगाना पसंद कर रहे हैं. ऐसे में जमशेदपुर की यह स्थानीय पहल उन लोगों के लिए मददगार साबित हो रही है, जो अपने सूखते पौधों को दोबारा हरियाली से भरना चाहते हैं.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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