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Business Idea: बहराइच जिले के छोटे से गांव रसिया में मोदी चौराहे के पास रहने वाले अशरफ खान ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से 8,80,000 रुपए की मशीन खरीदी. लगभग 4,50,000 रुपए के रॉ मैटेरियल के साथ उन्होंने ‘तुलसी नंबर वन’ डिटर्जेंट और नहाने वाला साबुन बनाना शुरू किया. अब उनकी मशीन दिन-रात चलती है और अच्छी-खासी कमाई हो रही है.
बहराइच: जिले की ग्राम पंचायत बिशुनापुर के रहने वाले अशरफ खान रोजगार को लेकर लंबे समय से परेशान थे. अपने निजी काम से मथुरा गए तो वहां कुछ लोगों ने उन्हें बिजनेस का आइडिया दिया. लौटकर उन्होंने स्वयं सहायता समूह और आजीविका मिशन के बारे में जानकारी जुटाई और उससे जुड़ गए. इसके बाद उन्हें लोन मिला, मशीन खरीदी और अपना खुद का डिटर्जेंट बनाने का काम शुरू कर दिया.
बहराइच जिले के छोटे से गांव रसिया में मोदी चौराहे के पास रहने वाले अशरफ खान ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से 8,80,000 रुपए की मशीन खरीदी. लगभग 4,50,000 रुपए के रॉ मैटेरियल के साथ उन्होंने ‘तुलसी नंबर वन’ डिटर्जेंट और नहाने वाला साबुन बनाना शुरू किया. अब उनकी मशीन दिन-रात चलती है और अच्छी-खासी कमाई हो रही है. डिटर्जेंट तैयार करने के लिए सोडा, शैंपू सहित कई तरह की सामग्री मिलाई जाती है.
तुलसी नंबर वन डिटर्जेंट
अशरफ खान का कहना है कि धीरे-धीरे लोग अन्य कंपनियों के डिटर्जेंट छोड़कर उनका ‘तुलसी नंबर वन’ इस्तेमाल कर रहे है और उस पर भरोसा जता रहे है. यह ज्यादा झाग वाला डिटर्जेंट है, जिससे कपड़े अच्छी तरह साफ होते है, उनमें खुशबू आती है और कपड़ों की लाइफ भी बनी रहती है.
कीमत की बात करें तो 1 किलो डिटर्जेंट की बिक्री 52 रुपए में होती है, जबकि प्रति किलो लागत लगभग 42 रुपए आती है. इस तरह हर किलो पर करीब 10 रुपए का मुनाफा हो जाता है, जिसमें से भाड़ा और बिजली का खर्च भी निकालना पड़ता है. साबुन की बात करें तो उसकी बिक्री 8 रुपए प्रति पीस होती है, जिस पर लगभग 50 पैसे का मुनाफा होता है.
बहराइच में कई कंपनियों के डिटर्जेंट और साबुन बिकते है. लेकिन अब लोग धीरे-धीरे उन्हें छोड़कर तुलसी नंबर वन को तरजीह दे रहे है. खासतौर पर महिलाएं इस डिटर्जेंट को ज्यादा पसंद कर रही है, क्योंकि इससे कपड़े धोने में कम मेहनत लगती है.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें