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Palamu News: पलामू में बाढ़ से पांचवीं कक्षा की छात्रा कृतिका कुमारी की किताबें बह गईं, पर उसने हिम्मत नहीं हारी और उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत से मदद मांगी. उपायुक्त ने 24 घंटे के अंदर बच्ची को किताबें, कॉपियां और ड्रेस उपलब्ध कराई.
पलामू. 14 अगस्त को कोयल नदी में आई बाढ़ बैंक कॉलोनी वार्ड नंबर-2 निवासी पांचवीं कक्षा की छात्रा कृतिका कुमारी की पढ़ाई का सामान भी अपने साथ बहा ले गई. घर में पानी घुसने के बाद चौकी पर रखा उसका स्कूल बैग, कॉपी और किताबें पानी में बह गईं. कुछ किताबें बचीं, लेकिन पानी में भीगकर खराब हो गईं. पढ़ाई का सामान बर्बाद होने से कृतिका इस चिंता में पड़ गई कि अब वह आगे की पढ़ाई कैसे करेगी.
उपायुक्त के सामने रखी समस्या
कृतिका ने लोकल18 को बताया कि पड़ोस में रहने वाली मनोरमा कुमारी ने कृतिका को सलाह दी कि वह अपनी समस्या लेकर उपायुक्त के पास जाए. पड़ोसी की बात मानकर कृतिका बुधवार को उपायुक्त द्वारा आयोजित जन समाधान कार्यक्रम में पहुंच गई. वहां उसने बिना किसी झिझक के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के सामने अपनी समस्या रखी और बताया कि बाढ़ में उसकी किताब-कॉपी बह गई है और वह पढ़ाई जारी रखना चाहती है. कृतिका ने बताया कि वो पलामू जिले के सुदना में संचालित स्वामी विवेकानंद आवासीय विद्यालय में कक्षा पांचवीं की छात्रा है. उसके पिता का नाम राजेश कुमार गुप्ता है.
बाढ़ में खराब हो गईं किताबें
कृतिका की बात सुनकर उपायुक्त ने तत्काल उसकी मदद का निर्देश दिया. इसके अगले ही दिन कृतिका को स्कूल की जरूरत के अनुसार किताब, कॉपी, पेन-पेंसिल और ड्रेस सहित पढ़ाई से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई गई. गुरुवार को किताबें और कॉपियों के साथ कृतिका को उपायुक्त ने बेहतर पढ़ाई के लिए हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया.
कृतिका ने बताया कि वह अभी पांचवीं कक्षा में पढ़ती है और छठी कक्षा से नवोदय विद्यालय में पढ़ने की तैयारी करना चाहती है. उसके पास नवोदय विद्यालय की तैयारी से जुड़ी किताबें भी थीं, जो बाढ़ में खराब हो गईं. कृतिका का सपना बड़ी होकर उपायुक्त बनने का है.
जज्बे को सलाम है
उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कृतिका के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि जन समाधान कार्यक्रम में अचानक एक पांचवीं कक्षा की बच्ची अपनी समस्या लेकर पहुंची. बाढ़ में उसकी किताब-कॉपी बह गई थी, लेकिन पढ़ाई जारी रखने की उसकी इच्छा ने उसे यहां तक पहुंचाया. बच्ची के इस जज्बे को सलाम है. उन्होंने तत्काल जिला शिक्षा पदाधिकारी को उसकी समस्या के समाधान का निर्देश दिया, जिसके बाद उसे सभी जरूरी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई.
बेहतर की जाएगी शिक्षा व्यवस्था
उपायुक्त ने कहा कि जिले में जो भी छात्र-छात्राएं मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं, जिला प्रशासन उनकी हरसंभव मदद करेगा. सरकारी स्कूलों का रिकॉर्ड तैयार कराया जा रहा है और बेहतर स्कूलों को और सुदृढ़ किया जाएगा, बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम बेहतर करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं. बेहतर पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय कोचिंग देने और टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित करने की भी योजना है.
बाढ़ में भले ही कृतिका की किताबें बह गईं, लेकिन उसके सपने नहीं बहे. मुश्किल परिस्थिति में अपनी पढ़ाई बचाने के लिए उपायुक्त तक पहुंचने वाली कृतिका की कहानी अब दूसरे बच्चों के लिए भी हौसले की मिसाल बन गई है.
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Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…
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