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भास्कर न्यूज | खेतको एनजीटी के निर्देशों के बाद खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से बालू ढुलाई पर लगातार की जा रही कार्रवाई के चलते दामोदर नदी के खेतको, चलकरी, जारंगडीह, चांपी और सरहचिया समेत विभिन्न घाटों से बालू ढुलाई पूरी तरह बंद हो गई है। इससे सैकड़ों ट्रैक्टर मालिकों और लदाई मजदूरों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है। इसे लेकर आक्रोशित ट्रैक्टर मालिकों और मजदूरों ने राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में खेतको नहर के समीप बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल द्वारा अपनी मांगों को लेकर बोकारो के उपायुक्त, राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसद और विधायक से मिलने का निर्णय लिया गया। बैठक से पहले लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। ट्रैक्टर मालिक सरफराज अहमद और सदकात अंसारी ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य होने के बावजूद यहां नए उद्योग-धंधे स्थापित नहीं किए जा रहे हैं। इससे बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। लोगों ने अपनी जमीन, जेवर और जमा पूंजी लगाकर ट्रैक्टर खरीदे और बालू ढुलाई को रोजगार का माध्यम बनाया, लेकिन लगातार हो रही प्रशासनिक कार्रवाई के कारण ट्रैक्टर खड़े हो गए हैं। दूसरी ओर बैंक और फाइनेंसर किस्त जमा करने का दबाव बना रहे हैं, जिससे ट्रैक्टर मालिकों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक बालू घाटों की नीलामी नहीं की है और न ही स्टॉक से बालू उठाव की अनुमति दी है। आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कुछ प्रभावशाली लोग बिहार में बालू घाटों की निविदा लेकर वहां का बालू झारखंड में बेचने की तैयारी कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में मौजूद लोगों ने उपायुक्त से ट्रैक्टर मालिकों और लदाई मजदूरों के लिए वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने अथवा स्टॉक से बालू उठाव की अनुमति देने की मांग की। कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो ट्रैक्टर मालिक सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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