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राजकीय श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए झारखंड और बिहार पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। बिहार के बांका जिला अंतर्गत चांदन थाना में हुई हाई-लेवल इंटर-स्टेट ट्रैफिक कोआर्डिनेशन मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है कि अगर देवघर में भीड़ का दबाव बढ़ता है और झारखंड में बनाए गए 5 प्रमुख होल्डिंग पॉइंट्स वाहनों से पूरी तरह भर जाते हैं, तो बिहार से आने वाले श्रद्धालुओं और उनके वाहनों को बिहार की सीमा व विभिन्न जिलों में ही रोक (होल्ड कर) दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी इस अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक में दोनों राज्यों के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बेलहर (बिहार), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर देवघर (झारखंड), अंचल निरीक्षक बांका (बिहार), थाना प्रभारी, चांदन (बिहार), थाना प्रभारी, जसीडीह (झारखंड), थाना प्रभारी, रिखिया (झारखंड), थाना प्रभारी, कटोरिया (बिहार), थाना प्रभारी, बेलहर (बिहार) को दी गई है। बिहार में रूट-वाइज वाहनों को रोकने व डाइवर्ट करने की प्लानिंग
झारखंड के ये हैं प्रमुख होल्डिंग पॉइंट्स
दुम्मा बॉर्डर (झारखंड-बिहार प्रवेश द्वार): बिहार से झारखंड सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों की पहली चेकिंग और होल्डिंग यहीं होगी।
बीएड कॉलेज ग्राउंड (देवघर): देवघर शहर के भीतर प्रवेश करने वाले बड़े व छोटे वाहनों के लिए सबसे मुख्य होल्डिंग पॉइंट।
कुमैठा स्टेडियम / टेंट सिटी एरिया: बाबा मंदिर की तरफ बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों को नियंत्रित करने के लिए बैकअप होल्डिंग जोन।
सरासनी (दुमका-देवघर मार्ग): बासुकीनाथ और दुमका की ओर से आने व जाने वाले वाहनों के लिए होल्डिंग व डायवर्जन पॉइंट। बैठक में तय रणनीति के अनुसार, जैसे ही झारखंड के उपरोक्त 5 होल्डिंग पॉइंट्स फुल होंगे, बिहार पुलिस अपने इन प्रमुख रूट्स पर वाहनों को होल्ड करेगी। बिहार के भागलपुर और सुल्तानगंज से बांका होते हुए आने वाले वाहनों को बांका के चांदन, इनारावरण और कटोरिया के पास बने होल्डिंग एरिया में रोक दिया जाएगा। जमुई और सिकंदरा के रास्ते आने वाले वाहनों को जमुई जिला सीमा के भीतर ही सुरक्षित स्थानों पर होल्ड किया जाएगा। दुम्मा बॉर्डर, चांदन, कटोरिया और बेलहर थानों के बीच 24 घंटे का वायरलेस और व्हाट्सएप समन्वय रहेगा। जैसे ही देवघर से नो एंट्री का सिग्नल मिलेगा, बिहार पुलिस गाड़ियों के फ्लो को धीमा कर देगी। बिहार से आने वाली डबल और ट्रिपल डेकर वाहनों पर पूरी तरह रहेगी रोक
बिहार के विभिन्न जिलों से खुलने वाली डबल/ट्रिपल डेकर वाहन जिसमें क्षमता से अधिक यात्रा करने वाले श्रद्धालु बैठाए जाते है उन्हें उनके गृह जिलों या भागलपुर-मुंगेर की सीमा में ही रोक दिया जाएगा। 34 सूचना सह सहायता केंद्र व 10 मातृत्व विश्राम गृह भी तैयार हो रहे
मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए 34 केंद्रों को आधुनिक और हाईटेक रूप दिया जा रहा है। वही महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की विशेष सुविधा के लिए 10 मातृत्व विश्राम गृह बनाए जा रहे हैं।
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